23 जुलाई 2026
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क्या एआईसीडब्ल्यूए ने महाराष्ट्र के सीएम को पत्र लिखकर पवई फेक ऑडिशन-किडनैपिंग कांड पर हाई-लेवल जांच की मांग की?

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क्या एआईसीडब्ल्यूए ने महाराष्ट्र के सीएम को पत्र लिखकर पवई फेक ऑडिशन-किडनैपिंग कांड पर हाई-लेवल जांच की मांग की?

सारांश

पवई में फेक ऑडिशन और बच्चों की किडनैपिंग की गंभीर घटना के बाद एआईसीडब्ल्यूए ने महाराष्ट्र के सीएम को पत्र लिखकर हाई-लेवल जांच की मांग की है। क्या यह कदम फिल्म इंडस्ट्री में सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा?

मुख्य बातें

फेक ऑडिशन के कारण बच्चों की सुरक्षा में गंभीर खतरा है।
महाराष्ट्र सरकार से उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।
आरए स्टूडियो का ऑडिट जरूरी है।
कास्टिंग के नाम पर धोखाधड़ी को रोकने के लिए कानून की आवश्यकता है।
अभिभावकों को बच्चों को ऑडिशन पर भेजने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।

मुंबई, 19 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (एआईसीडब्ल्यूए) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने पवई में घटी एक चौंकाने वाली फेक ऑडिशन और बच्चों की किडनैपिंग की घटना को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में संगठन ने मामले की हाई-लेवल जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि पवई के आरए स्टूडियो में फर्जी ऑडिशन के नाम पर लगभग 20 मासूम चाइल्ड आर्टिस्ट्स को अगवा किया गया था। यह घटना न केवल गंभीर है, बल्कि मुंबई और पूरे महाराष्ट्र में अवैध और असुरक्षित ऑडिशनों के बढ़ते खतरे को भी उजागर करती है। रोज़ाना कास्टिंग के नाम पर बच्चों और नए कलाकारों के साथ धोखाधड़ी, शोषण और अब तो किडनैपिंग जैसी घटनाएँ हो रही हैं, जो फिल्म इंडस्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

एआईसीडब्ल्यूए ने मुख्यमंत्री से कई प्रमुख मांगें की हैं, जिसमें घटना की तत्काल हाई-लेवल जांच, दोषियों को कड़ी सजा दिलाना, आरए स्टूडियो और इसमें शामिल सभी लोगों की जवाबदेही तय करना, महाराष्ट्र के सभी स्टूडियोज, कास्टिंग एजेंसियों और प्रोडक्शन हाउसेज का वृहद ऑडिट कराना, हर ऑडिशन के लिए अनिवार्य वेरिफिकेशन, लाइसेंसिंग और सरकारी रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था लागू करना, कास्टिंग के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी और किडनैपिंग जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कानून बनाना और मौजूदा कानूनों को सख्ती से लागू करना शामिल है।

सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने कहा, "फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में काम करने वाले सभी कलाकारों, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। ऐसे अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। हम सरकार से अपेक्षा करते हैं कि इस मामले में तुरंत ठोस कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में कोई माता-पिता अपने बच्चे को ऑडिशन पर भेजने से पहले सोचने पर मजबूर न हों।"

एआईसीडब्ल्यूए ने स्पष्ट किया है कि वह इंडस्ट्री में काम करने वाले सभी आर्टिस्ट और विशेषकर चाइल्ड आर्टिस्ट्स की सुरक्षा, सम्मान और भविष्य के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी। संगठन ने सभी अभिभावकों से भी अपील की है कि बच्चों को ऑडिशन पर भेजते समय पूरी तरह सत्यापित और अधिकृत स्थानों का ही चयन करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पवई में फेक ऑडिशन का क्या मतलब है?
पवई में फेक ऑडिशन का मतलब है कि बिना किसी वैधता के ऑडिशन लिए गए, जिनमें बच्चों को धोखा देकर अगवा किया गया।
एआईसीडब्ल्यूए क्या कर रहा है?
एआईसीडब्ल्यूए ने इस मामले की हाई-लेवल जांच की मांग की है ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए जाने चाहिए?
हर ऑडिशन के लिए अनिवार्य वेरिफिकेशन, लाइसेंसिंग और सरकारी रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता है।
क्या सरकार ने इस पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
सरकार की प्रतिक्रिया अब तक नहीं आई है, लेकिन एआईसीडब्ल्यूए ने तात्कालिक कार्रवाई की अपेक्षा की है।
फिल्म इंडस्ट्री में बच्चों की सुरक्षा क्यों महत्वपूर्ण है?
बच्चों की सुरक्षा फिल्म इंडस्ट्री में बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्हें संभावित खतरों से बचाना आवश्यक है।
राष्ट्र प्रेस
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