क्या मध्य प्रदेश के रीवा में गौवंश वन्य विहार में ऋषि आश्रम बनेंगे?
सारांश
Key Takeaways
- रीवा में ऋषि कुलम की स्थापना
- प्राकृतिक खेती और गौ संरक्षण
- संतों के लिए सुविधायुक्त आश्रम
- भूमिपूजन का महत्व
- उप मुख्यमंत्री का नेतृत्व
रीवा, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में स्थित बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में ऋषि कुलम का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना के अंतर्गत प्रारंभ में तीन ऋषियों के आश्रम बनाए जाएंगे। राज्य के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इसके लिए भूमिपूजन किया है।
सूत्रों के अनुसार, बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में ऋषि कुलम में संतों के निवास हेतु सर्वसुविधायुक्त तीन ऋषि आश्रम का निर्माण होगा। यहां गौ अभ्यारण्य के अतिरिक्त प्राकृतिक खेती भी की जाएगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने ऋषि आश्रम की ड्राइंग का अवलोकन किया और निर्देश दिए कि सुविधायुक्त आश्रम का निर्माण तुरंत शुरू किया जाए और गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए।
उन्हें बताया गया कि बसामन मामा गौवंश वन्य विहार की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान हो चुकी है। गौसंरक्षण के लिए इस स्थान पर प्राकृतिक खेती के प्रकल्पों की भी शुरुआत हो चुकी है। यह स्थान प्राकृतिक खेती का एक बड़ा प्रशिक्षण केंद्र बनेगा, जहां संतों का नियमित प्रवास होगा। ऋषि आश्रम में रसोई, बैठक कक्ष, शयन कक्ष एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में प्राकृतिक खेती का अवलोकन किया और जैविक इनपुट, मिट्टी की उर्वरता एवं बीजामृत से बोई गई फसलों का निरीक्षण किया। उन्होंने बीजामृत निर्माण एवं प्राकृतिक खेती के लिए आवश्यक तैयारियों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्राकृतिक खेती के लिए भूमि सुधार से लेकर सभी प्रक्रियाओं का विवरण प्रस्तुत किया जाना चाहिए ताकि आने वाले किसान इसे समझ सकें और यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने खेतों में प्राकृतिक खेती शुरू कर सकें। उन्होंने कहा कि रीवा जिले को प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में अग्रणी जिला बनाना है। हिनौती और हरिहरपुर में भी किसानों का भ्रमण कर उन्हें इस दिशा में जागरूक किया जाएगा।
भ्रमण के दौरान उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने गौ माता की पूजा कर उन्हें घास और गुड़ खिलाया तथा भगवान कृष्ण की पूजा अर्चना की।