4 अक्टूबर 2026
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चंडीगढ़ में 5-6 अक्टूबर को अखिल भारतीय महापौर सम्मेलन: 19 राज्यों के 40 महापौर शहरी निकाय सुधार पर करेंगे मंथन

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चंडीगढ़ में 5-6 अक्टूबर को अखिल भारतीय महापौर सम्मेलन: 19 राज्यों के 40 महापौर शहरी निकाय सुधार पर करेंगे मंथन

सारांश

देश भर के महापौरों का सबसे बड़ा मंच — अखिल भारतीय महापौर परिषद — इस बार चंडीगढ़ में जुट रहा है। 19 राज्यों के 40 महापौर शहरी निकायों की शक्ति, अनुदान और कार्यकाल की असमानता जैसे बुनियादी सवालों पर मंथन करेंगे।

मुख्य बातें

अखिल भारतीय महापौर परिषद का सम्मेलन 5-6 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ के माउंटव्यू में आयोजित होगा।
19 राज्यों के लगभग 40 महापौर शहरी स्थानीय निकाय सुधार, अनुदान और कार्यकाल पर चर्चा करेंगे।
सम्मेलन 5 अक्टूबर को प्रातः 8 बजे शुरू होकर 6 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे समाप्त होगा।
चंडीगढ़ में महापौर का कार्यकाल मात्र 1 वर्ष है, जबकि मोहाली और पंचकूला में यह 5 वर्ष है — परिषद इस असमानता को प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाएगी।
परिषद की स्थापना 1960 में हुई थी और इसी वर्ष जून में ऋषिकेश और जुलाई में दिल्ली में भी बैठकें हुई थीं।

चंडीगढ़ के महापौर सौरभ जोशी ने शनिवार को जानकारी दी कि अखिल भारतीय महापौर परिषद (ऑल इंडिया मेयर काउंसिल) का राष्ट्रीय सम्मेलन 5 और 6 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ के माउंटव्यू में आयोजित किया जाएगा। इस दो-दिवसीय बैठक में 19 राज्यों के लगभग 40 महापौर शहरी स्थानीय निकायों की शक्तियों, अनुदान और महापौरों के कार्यकाल जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।

सम्मेलन का कार्यक्रम और स्थान

महापौर जोशी के अनुसार, सम्मेलन सोमवार, 5 अक्टूबर को प्रातः 8 बजे शुरू होगा और मंगलवार, 6 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे समापन समारोह के साथ संपन्न होगा। बैठक का स्थल चंडीगढ़ स्थित माउंटव्यू होटल है। गौरतलब है कि इससे पहले इसी वर्ष जून में ऋषिकेश और जुलाई में नई दिल्ली में भी परिषद की बैठकें आयोजित की गई थीं।

चर्चा के मुख्य बिंदु

महापौर सौरभ जोशी ने बताया कि सम्मेलन में आदर्श अधिनियम और विशेष रूप से महापौरों के कार्यकाल से जुड़े प्रावधान बैठक का केंद्रीय विषय रहेंगे। उन्होंने कहा, 'चर्चा के मुख्य विषय शहरी स्थानीय निकायों से संबंधित होंगे। विशेष रूप से हमें उम्मीद है कि आदर्श अधिनियम, विशेषकर महापौरों के कार्यकाल से संबंधित प्रावधान, बैठक का प्रमुख केंद्र बिंदु होगा।'

इसके अलावा नगर निकायों को मिलने वाले वित्तीय अनुदान में वृद्धि और शहरी स्थानीय शक्तियों के विस्तार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।

कार्यकाल की असमानता: चंडीगढ़ बनाम पड़ोसी शहर

महापौर जोशी ने एक महत्वपूर्ण असमानता की ओर ध्यान दिलाया — मोहाली और पंचकूला में महापौर का कार्यकाल 5 वर्ष है, जबकि चंडीगढ़ में यह मात्र 1 वर्ष है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय महापौर परिषद इस मुद्दे को 'बड़ी गंभीरता' से लेती है और इस सम्मेलन में इस पर ठोस विचार-विमर्श किए जाने की उम्मीद है। यह विषमता शहरी प्रशासन की निरंतरता और दीर्घकालिक नीति-निर्माण पर सीधा असर डालती है।

परिषद की पृष्ठभूमि

अखिल भारतीय महापौर परिषद की स्थापना 1960 में हुई थी और यह देश का एकमात्र ऐसा मंच है जहाँ विभिन्न राज्यों के महापौर एक साथ आकर शहरी शासन से जुड़े साझा मुद्दों पर संवाद करते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में शहरीकरण की दर तेज़ी से बढ़ रही है और नगर निकायों पर संसाधन व अधिकारों की माँग का दबाव लगातार बना हुआ है।

आगे क्या होगा

सम्मेलन के बाद परिषद द्वारा एक संयुक्त प्रस्ताव या घोषणा-पत्र जारी किए जाने की संभावना है, जिसे केंद्र और राज्य सरकारों के समक्ष रखा जा सकता है। महापौर जोशी के अनुसार परिषद की यह बैठक शहरी सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या केंद्र और राज्यों पर ठोस दबाव बनाने में सफल होते हैं। जब तक नगर निकायों को स्वतंत्र कर-आधार और दीर्घकालिक निर्वाचित नेतृत्व नहीं मिलता, शहरी भारत की समस्याएँ राजनीतिक एजेंडे की परिधि पर ही बनी रहेंगी।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिल भारतीय महापौर सम्मेलन 2026 कहाँ और कब होगा?
यह सम्मेलन 5 और 6 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ के माउंटव्यू में आयोजित किया जाएगा। इसकी शुरुआत 5 अक्टूबर को प्रातः 8 बजे होगी और 6 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे समापन समारोह होगा।
इस सम्मेलन में कितने और कौन-से राज्यों के महापौर भाग लेंगे?
सम्मेलन में 19 राज्यों के लगभग 40 महापौर भाग लेंगे। यह बैठक अखिल भारतीय महापौर परिषद द्वारा आयोजित की जा रही है, जो 1960 से देश भर के महापौरों का एकमात्र साझा राष्ट्रीय मंच है।
सम्मेलन में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?
मुख्य रूप से शहरी स्थानीय निकायों की शक्तियों का विस्तार, वित्तीय अनुदान में वृद्धि और महापौरों के कार्यकाल से संबंधित आदर्श अधिनियम के प्रावधान चर्चा के केंद्र में होंगे। चंडीगढ़ में महापौर का कार्यकाल 1 वर्ष और मोहाली-पंचकूला में 5 वर्ष होने की असमानता भी एक प्रमुख विषय है।
अखिल भारतीय महापौर परिषद क्या है?
अखिल भारतीय महापौर परिषद की स्थापना 1960 में हुई थी और यह देश का एकमात्र ऐसा राष्ट्रीय निकाय है जहाँ विभिन्न राज्यों के महापौर एक मंच पर आकर शहरी शासन के मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हैं। इसी वर्ष जून में ऋषिकेश और जुलाई में नई दिल्ली में भी इसकी बैठकें हो चुकी हैं।
चंडीगढ़ में महापौर का कार्यकाल इतना कम क्यों है?
चंडीगढ़ एक केंद्रशासित प्रदेश है और यहाँ महापौर का कार्यकाल वर्तमान में केवल 1 वर्ष का है, जबकि पड़ोसी शहर मोहाली और पंचकूला में यह 5 वर्ष है। महापौर सौरभ जोशी के अनुसार, इस असमानता को परिषद गंभीरता से लेती है और इस सम्मेलन में इस पर ठोस चर्चा होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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