चंडीगढ़ में 5-6 अक्टूबर को अखिल भारतीय महापौर सम्मेलन: 19 राज्यों के 40 महापौर शहरी निकाय सुधार पर करेंगे मंथन
सारांश
मुख्य बातें
चंडीगढ़ के महापौर सौरभ जोशी ने शनिवार को जानकारी दी कि अखिल भारतीय महापौर परिषद (ऑल इंडिया मेयर काउंसिल) का राष्ट्रीय सम्मेलन 5 और 6 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ के माउंटव्यू में आयोजित किया जाएगा। इस दो-दिवसीय बैठक में 19 राज्यों के लगभग 40 महापौर शहरी स्थानीय निकायों की शक्तियों, अनुदान और महापौरों के कार्यकाल जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।
सम्मेलन का कार्यक्रम और स्थान
महापौर जोशी के अनुसार, सम्मेलन सोमवार, 5 अक्टूबर को प्रातः 8 बजे शुरू होगा और मंगलवार, 6 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे समापन समारोह के साथ संपन्न होगा। बैठक का स्थल चंडीगढ़ स्थित माउंटव्यू होटल है। गौरतलब है कि इससे पहले इसी वर्ष जून में ऋषिकेश और जुलाई में नई दिल्ली में भी परिषद की बैठकें आयोजित की गई थीं।
चर्चा के मुख्य बिंदु
महापौर सौरभ जोशी ने बताया कि सम्मेलन में आदर्श अधिनियम और विशेष रूप से महापौरों के कार्यकाल से जुड़े प्रावधान बैठक का केंद्रीय विषय रहेंगे। उन्होंने कहा, 'चर्चा के मुख्य विषय शहरी स्थानीय निकायों से संबंधित होंगे। विशेष रूप से हमें उम्मीद है कि आदर्श अधिनियम, विशेषकर महापौरों के कार्यकाल से संबंधित प्रावधान, बैठक का प्रमुख केंद्र बिंदु होगा।'
इसके अलावा नगर निकायों को मिलने वाले वित्तीय अनुदान में वृद्धि और शहरी स्थानीय शक्तियों के विस्तार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।
कार्यकाल की असमानता: चंडीगढ़ बनाम पड़ोसी शहर
महापौर जोशी ने एक महत्वपूर्ण असमानता की ओर ध्यान दिलाया — मोहाली और पंचकूला में महापौर का कार्यकाल 5 वर्ष है, जबकि चंडीगढ़ में यह मात्र 1 वर्ष है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय महापौर परिषद इस मुद्दे को 'बड़ी गंभीरता' से लेती है और इस सम्मेलन में इस पर ठोस विचार-विमर्श किए जाने की उम्मीद है। यह विषमता शहरी प्रशासन की निरंतरता और दीर्घकालिक नीति-निर्माण पर सीधा असर डालती है।
परिषद की पृष्ठभूमि
अखिल भारतीय महापौर परिषद की स्थापना 1960 में हुई थी और यह देश का एकमात्र ऐसा मंच है जहाँ विभिन्न राज्यों के महापौर एक साथ आकर शहरी शासन से जुड़े साझा मुद्दों पर संवाद करते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में शहरीकरण की दर तेज़ी से बढ़ रही है और नगर निकायों पर संसाधन व अधिकारों की माँग का दबाव लगातार बना हुआ है।
आगे क्या होगा
सम्मेलन के बाद परिषद द्वारा एक संयुक्त प्रस्ताव या घोषणा-पत्र जारी किए जाने की संभावना है, जिसे केंद्र और राज्य सरकारों के समक्ष रखा जा सकता है। महापौर जोशी के अनुसार परिषद की यह बैठक शहरी सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।