10 अगस्त 2026
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अमरनाथ यात्रा 2026 से पहले जम्मू पुलिस का आरएस पुरा में सीएएसओ, गैंगस्टरों के घरों की तलाशी

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अमरनाथ यात्रा 2026 से पहले जम्मू पुलिस का आरएस पुरा में सीएएसओ, गैंगस्टरों के घरों की तलाशी

सारांश

अमरनाथ यात्रा 2026 से पहले जम्मू पुलिस ने आरएस पुरा में गैंगस्टरों और ड्रग तस्करों के ठिकानों पर सीएएसओ चलाया। बीएसएफ और सीआईएसएफ की संयुक्त कार्रवाई में कुछ बरामद नहीं हुआ, लेकिन 'प्रोजेक्ट हॉक आई' के तहत तकनीक-आधारित सुरक्षा घेरा यात्रा मार्ग पर कस दिया गया है।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 24 जून 2026 को आरएस पुरा में शाम 5 बजे से 7:30 बजे के बीच सीएएसओ चलाया।
अभियान में बीएसएफ की 165वीं बटालियन और सीआईएसएफ की 262वीं बटालियन ने संयुक्त भागीदारी की।
तलाशी में कोई संदिग्ध, प्रतिबंधित पदार्थ या आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली ; अभियान शांतिपूर्ण रहा।
अनंतनाग पुलिस ने 'प्रोजेक्ट हॉक आई' के तहत ड्रोन, सीसीटीवी और प्रशिक्षित कमांडो तैनात किए हैं।
यह अभियान श्री अमरनाथ जी यात्रा (संजय-2026) की सुरक्षा तैयारियों का हिस्सा है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 24 जून 2026 को आरएस पुरा क्षेत्र में व्यापक घेराबंदी और तलाशी अभियान (सीएएसओ) चलाया, जो श्री अमरनाथ जी यात्रा (संजय-2026) से पहले सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने की बड़ी कवायद का हिस्सा है। यह अभियान शाम 5 बजे से 7:30 बजे के बीच आरएस पुरा पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले संवेदनशील इलाकों में चलाया गया।

अभियान का विस्तार और भागीदार बल

यह संयुक्त सीएएसओ आरएस पुरा पुलिस स्टेशन, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 165वीं बटालियन और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की 262वीं बटालियन के जवानों ने मिलकर अंजाम दिया। तलाशी के दायरे में चकरोई क्षेत्र के कई स्थान शामिल रहे — जिनमें आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों के आवास, जोरा फार्म गाँव के घर, एक परित्यक्त ढाँचा और समीपवर्ती नाले का क्षेत्र प्रमुख थे। इसी तर्ज पर बासपुर बंगला क्षेत्र में भी अभियान चलाया गया।

तलाशी की प्रक्रिया और परिणाम

पुलिस के अनुसार, सभी चिन्हित स्थानों की तलाशी परिवार के सदस्यों और निवासियों की उपस्थिति में, निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करते हुए पूरी की गई। अभियान के दौरान कोई संदिग्ध व्यक्ति, प्रतिबंधित पदार्थ, आपत्तिजनक सामग्री अथवा कोई अनुचित वस्तु बरामद नहीं हुई। अभियान पूर्णतः शांतिपूर्ण रहा और बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न हुआ। तलाशी के उपरांत घरों के निवासियों से क्षति रहित प्रमाण पत्र भी प्राप्त किए गए।

प्रोजेक्ट हॉक आई: तकनीक-आधारित सुरक्षा कवच

यात्रा की सुरक्षा को और अभेद्य बनाने के लिए अनंतनाग जिला पुलिस ने 'प्रोजेक्ट हॉक आई' नामक विशेष समन्वित सुरक्षा तंत्र लागू किया है। इस परियोजना में ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे, उन्नत निगरानी उपकरण और विशेष रूप से प्रशिक्षित कमांडो शामिल हैं, जो यात्रा मार्ग की निगरानी प्रमुख चौकियों से करते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब अमरनाथ यात्रा हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है और सुरक्षा एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती पेश करती है।

सुरक्षा एजेंसियों की रणनीति

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शांति बनाए रखने, सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए इस प्रकार के अभियान निरंतर जारी रहेंगे। गौरतलब है कि अमरनाथ यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर में बाहरी तत्वों की सक्रियता रोकने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा पूर्व-निवारक कार्रवाइयाँ एक स्थापित प्रोटोकॉल का हिस्सा हैं।

आगे की तैयारी

संजय-2026 यात्रा को निर्बाध और सुरक्षित बनाने के लिए बहु-स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया जा रहा है। केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों के बीच समन्वय को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि यात्रा मार्ग पर किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस अभियान में कुछ भी बरामद न होना यह भी बताता है कि पूर्व-निवारक कार्रवाइयाँ अक्सर दिखावटी असर के लिए भी होती हैं। असली कसौटी यह होगी कि यात्रा मार्ग पर तकनीक-आधारित निगरानी कितनी प्रभावी साबित होती है, क्योंकि पिछले वर्षों में भी यात्रा के दौरान सुरक्षा चुनौतियाँ सामने आई हैं। बहु-बल समन्वय सकारात्मक संकेत है, पर जमीनी क्रियान्वयन ही इसकी विश्वसनीयता तय करेगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमरनाथ यात्रा 2026 से पहले जम्मू पुलिस ने आरएस पुरा में क्या किया?
जम्मू पुलिस ने 24 जून 2026 को आरएस पुरा क्षेत्र में घेराबंदी और तलाशी अभियान (सीएएसओ) चलाया, जिसमें कुख्यात गैंगस्टरों और ड्रग तस्करों के आवासों की जाँच की गई। यह अभियान बीएसएफ और सीआईएसएफ के साथ संयुक्त रूप से संचालित किया गया।
सीएएसओ में क्या बरामद हुआ?
अभियान के दौरान कोई संदिग्ध व्यक्ति, प्रतिबंधित पदार्थ, आपत्तिजनक सामग्री या अनुचित वस्तु नहीं मिली। अभियान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और बिना किसी घटना के संपन्न हुआ।
'प्रोजेक्ट हॉक आई' क्या है?
यह अनंतनाग जिला पुलिस द्वारा अमरनाथ यात्रा (संजय-2026) की सुरक्षा के लिए लागू एक विशेष तकनीक-आधारित सुरक्षा तंत्र है। इसमें ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे, उन्नत निगरानी उपकरण और विशेष रूप से प्रशिक्षित कमांडो शामिल हैं जो यात्रा मार्ग की निगरानी करते हैं।
इस सीएएसओ में कौन-से सुरक्षा बल शामिल थे?
यह संयुक्त अभियान आरएस पुरा पुलिस स्टेशन, बीएसएफ की 165वीं बटालियन और सीआईएसएफ की 262वीं बटालियन के जवानों ने मिलकर चलाया। चकरोई और बासपुर बंगला दोनों क्षेत्रों में तलाशी ली गई।
क्या अमरनाथ यात्रा से पहले ऐसे अभियान जारी रहेंगे?
पुलिस ने पुष्टि की है कि शांति बनाए रखने और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए इस प्रकार के अभियान नियमित रूप से जारी रहेंगे। यह यात्रा सुरक्षा प्रोटोकॉल का अनिवार्य हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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