अमरनाथ यात्रा 2026 से पहले जम्मू पुलिस का आरएस पुरा में सीएएसओ, गैंगस्टरों के घरों की तलाशी
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 24 जून 2026 को आरएस पुरा क्षेत्र में व्यापक घेराबंदी और तलाशी अभियान (सीएएसओ) चलाया, जो श्री अमरनाथ जी यात्रा (संजय-2026) से पहले सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने की बड़ी कवायद का हिस्सा है। यह अभियान शाम 5 बजे से 7:30 बजे के बीच आरएस पुरा पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले संवेदनशील इलाकों में चलाया गया।
अभियान का विस्तार और भागीदार बल
यह संयुक्त सीएएसओ आरएस पुरा पुलिस स्टेशन, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 165वीं बटालियन और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की 262वीं बटालियन के जवानों ने मिलकर अंजाम दिया। तलाशी के दायरे में चकरोई क्षेत्र के कई स्थान शामिल रहे — जिनमें आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों के आवास, जोरा फार्म गाँव के घर, एक परित्यक्त ढाँचा और समीपवर्ती नाले का क्षेत्र प्रमुख थे। इसी तर्ज पर बासपुर बंगला क्षेत्र में भी अभियान चलाया गया।
तलाशी की प्रक्रिया और परिणाम
पुलिस के अनुसार, सभी चिन्हित स्थानों की तलाशी परिवार के सदस्यों और निवासियों की उपस्थिति में, निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करते हुए पूरी की गई। अभियान के दौरान कोई संदिग्ध व्यक्ति, प्रतिबंधित पदार्थ, आपत्तिजनक सामग्री अथवा कोई अनुचित वस्तु बरामद नहीं हुई। अभियान पूर्णतः शांतिपूर्ण रहा और बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न हुआ। तलाशी के उपरांत घरों के निवासियों से क्षति रहित प्रमाण पत्र भी प्राप्त किए गए।
प्रोजेक्ट हॉक आई: तकनीक-आधारित सुरक्षा कवच
यात्रा की सुरक्षा को और अभेद्य बनाने के लिए अनंतनाग जिला पुलिस ने 'प्रोजेक्ट हॉक आई' नामक विशेष समन्वित सुरक्षा तंत्र लागू किया है। इस परियोजना में ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे, उन्नत निगरानी उपकरण और विशेष रूप से प्रशिक्षित कमांडो शामिल हैं, जो यात्रा मार्ग की निगरानी प्रमुख चौकियों से करते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब अमरनाथ यात्रा हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है और सुरक्षा एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती पेश करती है।
सुरक्षा एजेंसियों की रणनीति
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शांति बनाए रखने, सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए इस प्रकार के अभियान निरंतर जारी रहेंगे। गौरतलब है कि अमरनाथ यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर में बाहरी तत्वों की सक्रियता रोकने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा पूर्व-निवारक कार्रवाइयाँ एक स्थापित प्रोटोकॉल का हिस्सा हैं।
आगे की तैयारी
संजय-2026 यात्रा को निर्बाध और सुरक्षित बनाने के लिए बहु-स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया जा रहा है। केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों के बीच समन्वय को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि यात्रा मार्ग पर किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके।