31 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बुद्ध पूर्णिमा पर अमित शाह का लेह दौरा, भगवान बुद्ध के पिपरहवा अवशेषों का करेंगे दर्शन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बुद्ध पूर्णिमा पर अमित शाह का लेह दौरा, भगवान बुद्ध के पिपरहवा अवशेषों का करेंगे दर्शन

सारांश

गृह मंत्री अमित शाह का लेह दौरा महज़ धार्मिक नहीं — यह राजनीतिक भी है। 2569वीं बुद्ध पूर्णिमा पर पिपरहवा अवशेषों के दर्शन के साथ-साथ, यह उनकी लद्दाख में सितंबर के घातक विरोध प्रदर्शनों के बाद पहली वापसी है, जहाँ राज्य के दर्जे और छठी अनुसूची की माँग अभी भी अनसुलझी है।

मुख्य बातें

गृह मंत्री अमित शाह 30 अप्रैल को दो दिवसीय दौरे पर लद्दाख पहुँचे।
1 मई को 2569वीं बुद्ध पूर्णिमा पर वह भगवान बुद्ध के पिपरहवा अवशेषों का दर्शन करेंगे।
अगले दो हफ्तों तक लद्दाख के लोग इन पवित्र अवशेषों के दर्शन कर सकेंगे।
यह शाह का सितंबर के विरोध प्रदर्शनों के बाद लद्दाख का पहला दौरा है, जिनमें 4 लोगों की मौत और 80 से अधिक घायल हुए थे।
शाह डेयरी और सहकारिता क्षेत्र की कई परियोजनाओं का भी शुभारंभ करेंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 30 अप्रैल 2026 को दो दिवसीय दौरे पर केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख पहुँचे। उन्होंने घोषणा की कि वह 1 मई को 2569वीं बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं के साथ भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेषों को नमन करेंगे। यह अमित शाह का पिछले साल सितंबर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद लद्दाख का पहला दौरा है।

मुख्य घटनाक्रम

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ''शुक्रवार को लद्दाख के लिए ऐतिहासिक दिन होगा। बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष लद्दाख के लोगों के दर्शन के लिए उपलब्ध रहेंगे।'' उन्होंने यह भी कहा, ''मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूँ कि मुझे भी कल इन पवित्र अवशेषों के दुर्लभ दर्शन का अवसर मिलेगा।''

शाह ने बताया कि उन्होंने लद्दाख के उपराज्यपाल और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर यह सुनिश्चित किया कि अगले दो हफ्तों तक लद्दाख के लोग इन पवित्र अवशेषों के आसानी से दर्शन कर सकें।

भव्य स्वागत और उपराज्यपाल की प्रतिक्रिया

लेह पहुँचने पर गृह मंत्री का स्वागत उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने किया। स्वागत में शामिल कई लोग पारंपरिक लद्दाखी वेशभूषा में नजर आए।

उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने कहा, ''गृह मंत्री का यह दौरा और लद्दाख के विकास को लेकर उनका विजन हमें यहाँ के लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगा।'' भगवान बुद्ध के पिपरहवा अवशेष लेह पहुँचने के बाद से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए जुट रहे हैं।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि पिछले साल सितंबर में राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर लद्दाख में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे। उन प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हुई थी और 80 से अधिक लोग घायल हुए थे। यह दौरा उन्हीं घटनाओं के बाद शाह की लद्दाख की पहली यात्रा है।

केंद्र सरकार ने लद्दाख के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने का फैसला किया है, ताकि उनकी चिंताओं को दूर किया जा सके और क्षेत्र की अनोखी पर्यावरणीय व सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के उपायों पर विचार किया जा सके।

विकास परियोजनाओं की शुरुआत

अमित शाह अपने इस लद्दाख दौरे के दौरान डेयरी और सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं की भी शुरुआत करेंगे। यह दौरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास और राजनीतिक संवाद की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आने वाले दिनों में केंद्र और लद्दाख के प्रतिनिधियों के बीच होने वाली बातचीत यह तय करेगी कि क्षेत्र की दीर्घकालिक राजनीतिक और सांस्कृतिक माँगों पर कोई ठोस कदम उठाया जाता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसके लिए चार जानें जा चुकी हैं। गौरतलब है कि केंद्र ने 'बातचीत' का वादा किया है, लेकिन ठोस रोडमैप अभी तक सार्वजनिक नहीं हुआ। डेयरी और सहकारिता परियोजनाओं की घोषणाएँ विकास का संकेत देती हैं, पर राजनीतिक स्वायत्तता की माँग आर्थिक पैकेज से शांत नहीं होती — यह इतिहास बार-बार साबित कर चुका है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह लेह में किन अवशेषों का दर्शन करेंगे?
गृह मंत्री अमित शाह 1 मई को बुद्ध पूर्णिमा पर लेह में भगवान बुद्ध के पिपरहवा अवशेषों का दर्शन करेंगे। ये पवित्र अवशेष अगले दो हफ्तों तक लद्दाख के लोगों के दर्शन के लिए उपलब्ध रहेंगे।
अमित शाह का यह लद्दाख दौरा राजनीतिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है?
यह पिछले साल सितंबर में राज्य के दर्जे और छठी अनुसूची में शामिल करने की माँग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद शाह की लद्दाख की पहली यात्रा है। उन प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हुई थी और 80 से अधिक घायल हुए थे।
लद्दाख में बुद्ध पूर्णिमा पर अवशेष कितने समय तक दर्शन के लिए उपलब्ध रहेंगे?
गृह मंत्री अमित शाह ने उपराज्यपाल और अधिकारियों के साथ बैठक कर यह सुनिश्चित किया है कि भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष अगले दो हफ्तों तक लद्दाख के लोगों के दर्शन के लिए उपलब्ध रहेंगे।
लद्दाख की छठी अनुसूची और राज्य के दर्जे की माँग क्या है?
लद्दाख के लोग केंद्र सरकार से राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किए जाने की माँग कर रहे हैं, जिससे उन्हें स्वायत्त शासन और सांस्कृतिक-पर्यावरणीय सुरक्षा मिल सके। केंद्र ने प्रतिनिधियों के साथ बातचीत का फैसला किया है, लेकिन ठोस घोषणा अभी बाकी है।
अमित शाह लद्दाख दौरे में और क्या करेंगे?
धार्मिक कार्यक्रम के अलावा, गृह मंत्री अमित शाह अपने इस दौरे में डेयरी और सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं का शुभारंभ भी करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले