अमित शाह ने अहमदाबाद में जैन आचार्यों से लिया आशीर्वाद, अहिंसा-अपरिग्रह का दिया संदेश
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को अहमदाबाद में दो प्रमुख जैन धर्मस्थलों का दौरा किया और दोनों गच्छाधिपतियों से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्होंने जैन परंपरा के तीन मूलभूत सिद्धांतों — अहिंसा, आत्मसंयम और अपरिग्रह — को रेखांकित करते हुए कहा कि इन शिक्षाओं ने सदियों से भारतीय समाज को दिशा दी है।
मुख्य घटनाक्रम
गृह मंत्री शाह ने सर्वप्रथम अहमदाबाद के सैटेलाइट क्षेत्र में स्थित प्रेरणा तीर्थ देरासर पहुँचे, जहाँ उन्होंने गच्छाधिपति परमपूज्य आचार्य श्री नररत्न सूरीश्वर जी महाराज को नमन किया और उनका आशीर्वाद ग्रहण किया।
इसके बाद उन्होंने पाल्दी क्षेत्र स्थित श्री विश्वनान्दिकर जैन संघ का दौरा किया, जहाँ गच्छाधिपति उदय रत्न सूरीश्वरजी महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। अधिकारियों के अनुसार, दोनों यात्राओं के दौरान शाह ने जैन धर्म के आध्यात्मिक मूल्यों और संत परंपरा के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया।
सोशल मीडिया पर साझा किया संदेश
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में अमित शाह ने लिखा कि उन्होंने आचार्य नर रत्न सूरीश्वरजी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने आगे कहा, 'जैन परंपरा में अहिंसा, आत्मसंयम और अपरिग्रह की शिक्षाओं ने सदियों से भारतीय समाज का मार्गदर्शन किया है। पूज्य महाराज की संगति जीवन के प्रति इस दृष्टिकोण का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करती है।'
गांधीनगर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले शाह ने गुजराती में भी यही संदेश साझा किया, यह दोहराते हुए कि ये सिद्धांत पीढ़ियों से भारतीय चेतना का अभिन्न हिस्सा रहे हैं।
जैन दर्शन का महत्त्व
जैन धर्म विशेष रूप से अहिंसा (किसी भी जीव को हानि न पहुँचाना), आत्म-अनुशासन और अपरिग्रह (भौतिक संचय से विरक्ति) पर बल देता है। ये तीनों सिद्धांत न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक और नैतिक आचरण की नींव माने जाते हैं।
यह ऐसे समय में मायने रखता है जब अहमदाबाद में जैन धर्म और संस्कृति की गहरी पैठ है — शहर में दर्जनों जैन मंदिर और धार्मिक संस्थाएँ सक्रिय रूप से पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक शिक्षा के केंद्र के रूप में कार्यरत हैं।
राजनीतिक और सामाजिक संदर्भ
गौरतलब है कि अमित शाह का यह दौरा उनके गृह राज्य गुजरात में हुआ, जो जैन समुदाय की दृष्टि से देश के सर्वाधिक प्रभावशाली राज्यों में से एक है। जैन समुदाय गुजरात के व्यापारिक और सामाजिक जीवन में ऐतिहासिक रूप से महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।
गृह मंत्री के इस आध्यात्मिक भ्रमण को विभिन्न धार्मिक परंपराओं के प्रति सरकार के सम्मान-भाव के रूप में देखा जा रहा है। आगे भी इस प्रकार के सामुदायिक संवाद की संभावनाएँ बनी रहती हैं।