अमित शाह ने अहमदाबाद में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सामूहिक योग सत्र में लिया भाग
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 21 जून 2026 को अहमदाबाद के प्रह्लाद नगर गार्डन में आयोजित सामूहिक योग सत्र में नागरिकों के साथ भाग लिया। यह आयोजन 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देशभर में हो रहे सैकड़ों कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा था। इस वर्ष योग दिवस की थीम 'स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग' रखी गई है।
गृह मंत्री की भागीदारी और संदेश
शाह ने सुबह प्रह्लाद नगर गार्डन में योग आसन और प्राणायाम अभ्यास में स्थानीय नागरिकों एवं योग साधकों के साथ हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'योग मानवता के लिए भारत का एक अनमोल उपहार है, जो मन, शरीर और आत्मा को ऊर्जावान बनाकर समग्र कल्याण को बढ़ावा देता है। अहमदाबाद में एक सार्वजनिक योग सत्र में भाग लेकर दुनिया भर के लाखों लोगों के साथ योग दिवस के जश्न में शामिल हुआ।'
गुजरात में राज्यव्यापी आयोजन
गुजरात में इस अवसर पर शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सैकड़ों स्थानों पर बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। सरकारी एजेंसियों, स्थानीय निकायों और सामुदायिक संगठनों ने इन आयोजनों में समन्वय किया। गांधीनगर जिले के मनसा में राज्य-स्तरीय मुख्य कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल शामिल हुए।
इस वर्ष की थीम और उद्देश्य
इस साल की थीम 'स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग' का उद्देश्य जीवन भर शारीरिक फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य और संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देने में योग की भूमिका को रेखांकित करना है। यह थीम ऐसे समय में विशेष रूप से प्रासंगिक है जब भारत सहित दुनिया के कई देश बुजुर्ग आबादी से जुड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि भारत के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद से 21 जून को प्रतिवर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन का मकसद स्वास्थ्य और समग्र कल्याण के लिए योग को वैश्विक स्तर पर प्रोत्साहित करना है। भारत में इस अवसर पर शिक्षण संस्थानों, पार्कों, सार्वजनिक स्थलों और सामुदायिक केंद्रों पर लाखों लोग एक साथ योग करते हैं।
आगे की राह
योग को जन-जन तक पहुँचाने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकारें लगातार प्रयासरत हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सामूहिक आयोजन न केवल योग के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि सामुदायिक स्वास्थ्य को भी सुदृढ़ करते हैं।