अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: जम्मू-कश्मीर में उमड़ा उत्साह, श्रीनगर से जम्मू तक हजारों ने किया योगाभ्यास
सारांश
मुख्य बातें
21 जून 2026 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जम्मू-कश्मीर में हजारों लोगों ने एकजुट होकर योगाभ्यास किया — श्रीनगर के खुले मैदानों से लेकर जम्मू के जलाशयों तक, इस वर्ष की थीम 'स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग' के इर्द-गिर्द उत्साह का सैलाब देखने को मिला। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए योग को आधुनिक जीवन की चुनौतियों के विरुद्ध 'उम्मीद की मजबूत किरण' बताया।
उपराज्यपाल का संदेश
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं। इस साल योग दिवस की थीम है स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग। बढ़ते तनाव और स्वास्थ्य से जुड़ी आधुनिक चुनौतियों के बीच, योग उम्मीद की एक मजबूत किरण है। आइए, आज एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लें और सेहत की ओर एक कदम बढ़ाएं।' यह संदेश ऐसे समय में आया जब पूरे केंद्र शासित प्रदेश में सरकारी और निजी स्तर पर योग कार्यक्रम एक साथ आयोजित हो रहे थे।
श्रीनगर हवाई अड्डे पर विशेष सत्र
श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने भी इस दिन को खास अंदाज़ में मनाया। सुबह 6:45 बजे एयरपोर्ट के अधिकारी, स्टाफ और स्टेकहोल्डर्स एक साझा योग सत्र में शामिल हुए, जिसमें स्वास्थ्य, वेलनेस और माइंडफुलनेस को केंद्र में रखा गया। एयरपोर्ट प्रशासन ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह आयोजन 'योग की सदियों पुरानी परंपरा और इसके सद्भाव, संतुलन और भलाई के संदेश' का उत्सव है।
जम्मू में अनूठा पानी के अंदर योग सत्र
जम्मू में इस बार एक अलग ही नजारा देखने को मिला — युवाओं ने पानी के अंदर योग सत्र में भाग लिया, जहाँ तैराकी कौशल को वेलनेस के साथ जोड़ा गया। यह आयोजन उत्साहपूर्ण भागीदारी के साथ संपन्न हुआ और क्षेत्र में योग के प्रति बढ़ती रुचि का प्रमाण बना।
नेताओं की प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद जुगल किशोर शर्मा ने कहा, 'आज दुनिया भर में लोग योग कर रहे हैं। हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री ने विश्वभर में योग करने के लिए लोगों को प्रेरित किया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की मान्यता दिलाई है।' BJP नेता रविंदर रैना ने भी कहा कि 'पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बहुत उत्साह के साथ मनाया जा रहा है' और प्रधानमंत्री के आह्वान को इस वैश्विक अपनाव का आधार बताया।
आम नागरिकों की आवाज़
श्रीनगर में योगाभ्यास करने आए एक नागरिक ने बताया कि वे पिछले दो वर्षों से नियमित रूप से योग कर रहे हैं और नरवाल में युवा सेवा और खेल विभाग के माध्यम से भी इसका प्रचार-प्रसार करते हैं। उन्होंने कहा कि योग फेफड़ों को स्वस्थ रखता है और नशे से दूर रहने में सहायक है। वहीं, कार्यक्रम में शामिल युवतियों ने बताया कि वे स्कूल में प्रतिदिन योग का अभ्यास करती हैं और यह समग्र स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। एक अन्य युवती ने कहा कि योग से आंतरिक बीमारियाँ कम होती हैं और लोग अधिक स्वस्थ जीवन जीते हैं। गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र ने 2015 से प्रतिवर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी है — एक प्रस्ताव जो भारत की पहल पर पारित हुआ था। इस वर्ष का आयोजन दर्शाता है कि जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में भी योग सामाजिक एकता और सामूहिक स्वास्थ्य का प्रतीक बनता जा रहा है।