अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: जम्मू-कश्मीर में हजारों ने किया योगाभ्यास, जम्मू में अनोखा अंडरवॉटर योग सत्र
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर में 21 जून 2026 को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर हजारों लोगों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया। जम्मू में युवाओं की अगुवाई में एक अनोखे अंडरवॉटर योग सत्र का आयोजन हुआ, जिसने व्यापक ध्यान आकर्षित किया। इस विशेष सत्र में प्रतिभागियों ने फिटनेस, मानसिक संतुलन और तैराकी कौशल का अद्वितीय संगम प्रस्तुत किया।
अंडरवॉटर योग: जम्मू की अनूठी पहल
जम्मू में आयोजित अंडरवॉटर योग सत्र इस वर्ष के समारोह का सबसे चर्चित पहलू रहा। युवाओं ने पानी के भीतर योगासन कर यह संदेश दिया कि योग की सीमाएँ परंपरागत आसनों तक सीमित नहीं हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में योग को नई पीढ़ी से जोड़ने के प्रयास तेज हो रहे हैं।
योग प्रशिक्षकों की राय
कार्यक्रम में उपस्थित एक योग प्रशिक्षक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को वैश्विक मंच पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि योग जीवन का एक आवश्यक कौशल है जो व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक दोनों स्तरों पर सशक्त बनाता है। प्रशिक्षक ने यह भी रेखांकित किया कि योग की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सुलभता है — इसे घर में, किसी भी समय, बिना किसी विशेष सुविधा के किया जा सकता है।
श्रीनगर में सामूहिक योगाभ्यास
श्रीनगर में भी विभिन्न आयु वर्गों के लोग एक साथ योगाभ्यास के लिए एकत्रित हुए। बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक, सभी ने स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाई। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में जम्मू-कश्मीर में योग दिवस की भागीदारी लगातार बढ़ी है।
प्रतिभागियों के अनुभव
कार्यक्रम में शामिल एक प्रतिभागी ने बताया कि वे पिछले दो वर्षों से नियमित योगाभ्यास कर रहे हैं और इससे उन्हें शारीरिक लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि युवा सेवा एवं खेल विभाग के माध्यम से भी योग को प्रोत्साहित किया जाता है। एक अन्य प्रतिभागी ने कहा कि उनके स्कूल में प्रतिदिन योगाभ्यास कराया जाता है, जिससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर ढंग से हो रहा है।
स्वास्थ्य लाभ और युवाओं पर असर
प्रतिभागियों ने बताया कि नियमित योग फेफड़ों को स्वस्थ रखने में सहायक है और युवाओं को नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रखने में भी कारगर है। विशेषज्ञों के अनुसार, योग का संपूर्ण कल्याण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस वर्ष के आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर में योग केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जनजीवन का हिस्सा बनता जा रहा है।