12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर झारखंड में उत्साह, रांची में रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने किया योगाभ्यास
सारांश
मुख्य बातें
21 जून 2026 को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर झारखंड के रांची सहित विभिन्न जिलों में सामूहिक योग कार्यक्रमों की धूम रही। केंद्रीय एवं राज्य सरकार के मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर योग को जनजीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया।
रांची विश्वविद्यालय में राज्यस्तरीय आयोजन
रांची विश्वविद्यालय के दीक्षांत मंडप में आयोजित राज्यस्तरीय मुख्य कार्यक्रम में हजारों लोगों ने एक साथ योगाभ्यास किया। इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, रांची विधायक सीपी सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश सहित गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने योग को भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल के बाद योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज दुनिया के सैकड़ों देशों में इसे अपनाया जा रहा है। उन्होंने योग के शारीरिक और मानसिक लाभों पर विशेष बल दिया।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने लोगों से नियमित योग और व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए योगाभ्यास अत्यंत आवश्यक है।
कोडरमा में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी का संदेश
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कोडरमा जिले के डोमचांच स्थित सीएम उच्च विद्यालय मैदान में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि संतुलित और स्वस्थ जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है। उनके अनुसार योग स्वस्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की आधारशिला बन सकता है।
भाजपा और विपक्ष — दोनों एक मंच पर
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने रांची महानगर भाजपा की ओर से आयोजित सामूहिक योगाभ्यास में शिरकत की। उन्होंने कहा कि योग भारत की ऋषि परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करती है।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मोराबादी स्थित ऑक्सीजन पार्क में बच्चों और युवाओं के साथ योगाभ्यास किया। उन्होंने नियमित योग को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की कुंजी बताते हुए प्रतिदिन योग करने की अपील की। यह उल्लेखनीय है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष — दोनों ने एक ही दिन योग के मंच पर समान संदेश दिया।
जिलों में व्यापक भागीदारी
योग दिवस के अवसर पर झारखंड के विभिन्न जिलों में स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी संस्थानों और स्वयंसेवी संगठनों की ओर से भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन आयोजनों में युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की व्यापक भागीदारी देखी गई। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में सार्वजनिक स्वास्थ्य और जीवनशैली रोगों पर चर्चा तेज हो रही है। आने वाले वर्षों में झारखंड सरकार योग को स्कूली पाठ्यक्रम और सरकारी कार्यस्थलों में और अधिक संस्थागत रूप देने की दिशा में काम कर सकती है।