अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: झारखंड लोक भवन में 253 लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यास, राज्यपाल गंगवार बोले — योग है भारत का वैश्विक उपहार
सारांश
मुख्य बातें
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून 2026 को झारखंड लोक भवन के बिरसा मंडप, रांची में एक भव्य सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में लोक भवन परिवार के सदस्यों, वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों और स्कूली बच्चों सहित कुल 253 प्रतिभागियों ने एक साथ योगाभ्यास किया।
राज्यपाल का संदेश: योग केवल व्यायाम नहीं, जीवन-पद्धति है
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल गंगवार ने कहा कि योग भारत की ऐसी अमूल्य धरोहर है जिसने संपूर्ण विश्व को स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की राह दिखाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि योग महज शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली एक समग्र जीवन-पद्धति है, जो व्यक्ति में आत्म-अनुशासन, सकारात्मक सोच और मानसिक शांति का संचार करती है।
वैश्विक मान्यता और भारत की सांस्कृतिक विरासत
राज्यपाल ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया था। उन्होंने कहा कि यह निर्णय भारत की सांस्कृतिक विरासत और मानव कल्याण के प्रति उसकी वैश्विक प्रतिबद्धता की स्वीकृति है। गंगवार ने कहा कि आज योग विश्वभर में स्वस्थ जीवनशैली और वैश्विक कल्याण का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है।
आधुनिक जीवन की चुनौतियों में योग की भूमिका
राज्यपाल ने रेखांकित किया कि वर्तमान दौर में जब पूरी दुनिया तनाव, असंतुलित जीवनशैली और स्वास्थ्य संबंधी जटिल चुनौतियों से जूझ रही है, तब योग एक सरल, प्रभावी और प्राकृतिक समाधान के रूप में उभरा है। उन्होंने कोरोना महामारी का उल्लेख करते हुए कहा कि उस कठिन दौर में भी योग ने लोगों की शारीरिक और मानसिक सेहत को सँभाले रखने में अहम भूमिका निभाई।
विद्यार्थियों की भागीदारी पर विशेष जोर
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी पर प्रसन्नता जताते हुए राज्यपाल गंगवार ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए योग एकाग्रता, अनुशासन, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास की मजबूत बुनियाद है। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से धैर्य, मानसिक संतुलन और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है, जो जीवन की हर चुनौती का सामना करने में सहायक बनता है।
योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान
राज्यपाल ने उपस्थित जनसमूह से अपील की कि योग को केवल एक वार्षिक आयोजन तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाएँ। उन्होंने कहा कि 'स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज' ही विकसित भारत की सच्ची नींव हैं। साथ ही उन्होंने योग को जन-जन तक पहुँचाने और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।