अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस: महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णुदेव वर्मा ने मुंबई में कोस्ट गार्ड अधिकारियों संग किया योग
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णुदेव वर्मा ने 21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुंबई स्थित लोकभवन में भारतीय तटरक्षक बल के वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारजनों के साथ योगाभ्यास किया। इस वर्ष लोकभवन में आयोजित योग दिवस समारोह की विशेषता यह रही कि इसे भारतीय तटरक्षक बल के साथ संयुक्त रूप से आयोजित किया गया।
समारोह का आयोजन
लोकभवन में आयोजित इस कार्यक्रम में भारतीय तटरक्षक बल के अधिकारी, कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्यों के साथ-साथ लोकभवन के अधिकारी भी सम्मिलित हुए। समारोह में सामूहिक योगाभ्यास के बाद राज्यपाल ने उपस्थित जनों को संबोधित किया।
विश्वविद्यालयों से योग प्रसार की अपील
राज्यपाल जिष्णुदेव वर्मा ने अपने संबोधन में महाराष्ट्र के सभी विश्वविद्यालयों से योग को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने और विश्व के लिए श्रेष्ठ योग प्रशिक्षक तैयार करने की अपील की। उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि हमारे विश्वविद्यालय पूरी दुनिया के लिए सबसे अच्छे योग ट्यूटर और ट्रेनर तैयार कर सकती हैं और इस अनमोल भारतीय परंपरा को दुनियाभर में फैलाने में अहम योगदान दे सकती हैं।'
योग को मिली वैश्विक पहचान की सराहना करते हुए वर्मा ने कहा कि सदियों से योग मुख्यतः घरों, आश्रमों और विशेष संस्थानों तक सीमित रहा। उन्होंने इस दिशा में एक ऐतिहासिक मोड़ का उल्लेख करते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र से 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित करने की अपील की, तो इस पहल को अभूतपूर्व अंतर्राष्ट्रीय समर्थन मिला और रिकॉर्ड संख्या में सदस्य देशों के सहयोग से संयुक्त राष्ट्र में यह प्रस्ताव पारित हुआ।
तटरक्षक बल की स्थापना के 50 वर्ष
राज्यपाल ने 1977 में स्थापना के बाद से देश की सेवा में भारतीय तटरक्षक बल के उत्कृष्ट योगदान की प्रशंसा की। स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर बल को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि देश समर्पण, व्यावसायिकता और निःस्वार्थ सेवा से भरी इस शानदार यात्रा पर गर्व के साथ पीछे मुड़कर देखता है।
उन्होंने रेखांकित किया कि भारतीय तटरक्षक बल अनगिनत अभियानों और निरंतर निगरानी के माध्यम से भारत के समुद्री सुरक्षा ढाँचे का एक अपरिहार्य स्तंभ बनकर उभरा है। विशेष रूप से महाराष्ट्र, जो अपनी विस्तृत तटरेखा, व्यस्त बंदरगाहों और रणनीतिक समुद्री हितों के कारण इस बल की प्रतिबद्धता से सर्वाधिक लाभान्वित राज्यों में से एक है।
तटरक्षक बल की भूमिका और योग का संदेश
वर्मा ने कहा कि बल ने समुद्र में जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने, मछुआरों और नाविकों की रक्षा करने, अवैध गतिविधियों को रोकने और तटरेखा पर सुरक्षा बनाए रखने में निर्णायक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि तटरक्षक जवानों के अथक प्रयास — जो प्रायः अत्यंत कठिन परिस्थितियों में किए जाते हैं — यह सुनिश्चित करते हैं कि भारत के समुद्र सुरक्षित और संरक्षित रहें।
राज्यपाल ने यह भी कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का यह उत्सव भारतीय तटरक्षक बल के उन मूल्यों को प्रतिबिंबित करता है, जहाँ शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक दृढ़ता और सेवा की भावना एक साथ चलती हैं। यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत एक-दूसरे की पूरक हैं।