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12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राज्यपाल अर्लेकर ने TNAU कोयंबटूर में किया समारोह का उद्घाटन

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12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राज्यपाल अर्लेकर ने TNAU कोयंबटूर में किया समारोह का उद्घाटन

सारांश

तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने 21 जून को TNAU कोयंबटूर में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का नेतृत्व किया। उन्होंने योग को जीवनशैली बताते हुए राज्यभर में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

मुख्य बातें

तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने 21 जून 2026 को TNAU, कोयंबटूर में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह का उद्घाटन किया।
सैकड़ों छात्रों, शिक्षकों और आम नागरिकों ने सामूहिक योगाभ्यास, जागरूकता सत्र और अंतःक्रियात्मक गतिविधियों में भाग लिया।
राज्यपाल ने योग को केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के सामंजस्य का माध्यम बताया।
इस वर्ष का उद्देश्य जीवनकाल के साथ-साथ स्वस्थ जीवनकाल (हेल्थस्पैन) को बेहतर बनाना रहा।
शिक्षण संस्थानों, सामुदायिक संगठनों और स्थानीय निकायों को योगाभ्यास को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित करने का आह्वान किया गया।

तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने 21 जून 2026 को कोयंबटूर स्थित तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (TNAU) में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह का विधिवत उद्घाटन किया। सैकड़ों छात्रों, शिक्षकों और आम नागरिकों के साथ योगाभ्यास में सहभागी होते हुए राज्यपाल ने योग को केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन के एक समग्र दर्शन के रूप में अपनाने का आह्वान किया। यह आयोजन देशव्यापी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा था।

मुख्य घटनाक्रम

TNAU परिसर में आयोजित इस समारोह में विभिन्न आयु वर्गों के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में सामूहिक योग प्रदर्शन, जागरूकता सत्र और अंतःक्रियात्मक गतिविधियाँ शामिल थीं, जिनका उद्देश्य दैनिक जीवन में योग के व्यावहारिक लाभों को रेखांकित करना था। प्रशिक्षित प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में विभिन्न योग आसन और प्राणायाम तकनीकों का अभ्यास कराया गया।

विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों ने लचीलापन, एकाग्रता और समग्र स्वास्थ्य सुधार के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए योग सत्रों में हिस्सा लिया। आयोजकों ने शारीरिक स्वास्थ्य, पर्यावरण जागरूकता और टिकाऊ जीवनशैली के परस्पर संबंध पर भी विशेष ज़ोर दिया।

राज्यपाल का संबोधन

सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल अर्लेकर ने कहा कि योग शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित कर स्वास्थ्य के प्रति एक समग्र दृष्टिकोण प्रदान करता है, जिससे व्यक्ति संतुलित और स्वस्थ जीवन जी सकता है। उन्होंने इस वर्ष के उत्सव के केंद्रीय विचार को रेखांकित करते हुए कहा कि लक्ष्य केवल जीवनकाल बढ़ाना नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनकाल (हेल्थस्पैन) को बेहतर बनाना है।

राज्यपाल ने जोड़ा कि आज की तेज़ रफ़्तार दुनिया में नियमित योगाभ्यास तनाव घटाने, मानसिक शक्ति बढ़ाने और निवारक स्वास्थ्य देखभाल को प्रोत्साहित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

राज्यव्यापी जागरूकता का आह्वान

राज्यपाल अर्लेकर ने तमिलनाडु भर में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने शिक्षण संस्थानों, सामुदायिक संगठनों और स्थानीय निकायों को योगाभ्यास को सक्रिय रूप से बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार भी 'योग को जनआंदोलन' बनाने की दिशा में राज्यों के साथ समन्वय कर रही है।

प्रतिभागियों की प्रतिक्रिया

समारोह में शामिल प्रतिभागियों ने इस आयोजन को भारत की प्राचीन स्वास्थ्य परंपरा से पुनः जुड़ने और स्वस्थ जीवनशैली के महत्त्व को सुदृढ़ करने का अवसर बताया। TNAU परिसर इस उत्सव के लिए उपयुक्त स्थल सिद्ध हुआ, जहाँ कृषि-विज्ञान और समग्र स्वास्थ्य की अवधारणाएँ एक-दूसरे से जुड़ती हैं।

आगे की राह

समारोह का समापन योग को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने के संकल्प के साथ हुआ। राज्यपाल के इस आह्वान को व्यापक राष्ट्रीय प्रयास की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, जो इस शाश्वत अभ्यास के माध्यम से एक स्वस्थ और अधिक सचेत समाज के निर्माण की दिशा में अग्रसर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये वार्षिक आयोजन जनस्वास्थ्य नीति में ठोस बदलाव ला पा रहे हैं। तमिलनाडु में सरकारी अस्पतालों पर बढ़ता बोझ और जीवनशैली जनित बीमारियों की बढ़ती दर बताती है कि योग-जागरूकता और योग-आचरण के बीच की खाई अभी गहरी है। TNAU जैसे कृषि विश्वविद्यालय में इस आयोजन का चुनाव सार्थक है — किसानों और ग्रामीण युवाओं तक योग की पहुँच बनाना शहरी कार्यक्रमों से कहीं अधिक जरूरी है। जब तक स्कूली पाठ्यक्रम और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में योग को संस्थागत रूप नहीं दिया जाता, ये समारोह प्रेरणादायक तो रहेंगे, परिवर्तनकारी नहीं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

12वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस तमिलनाडु में कहाँ मनाया गया?
12वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2026 को कोयंबटूर स्थित तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (TNAU) में मनाया गया। तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने इस समारोह का उद्घाटन किया।
राज्यपाल अर्लेकर ने योग दिवस पर क्या संदेश दिया?
राज्यपाल अर्लेकर ने कहा कि योग को केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन के एक व्यापक दर्शन के रूप में अपनाना चाहिए। उन्होंने इस वर्ष के लक्ष्य को रेखांकित करते हुए कहा कि उद्देश्य जीवनकाल बढ़ाने के साथ-साथ स्वस्थ जीवनकाल (हेल्थस्पैन) को भी बेहतर बनाना है।
TNAU के योग दिवस समारोह में क्या-क्या गतिविधियाँ हुईं?
समारोह में सामूहिक योग प्रदर्शन, जागरूकता सत्र और अंतःक्रियात्मक गतिविधियाँ शामिल थीं। प्रशिक्षित प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में विभिन्न योग आसन और प्राणायाम तकनीकों का अभ्यास कराया गया, जो लचीलापन, एकाग्रता और समग्र स्वास्थ्य सुधार के लिए डिज़ाइन किए गए थे।
राज्यपाल ने तमिलनाडु में योग प्रसार के लिए क्या आह्वान किया?
राज्यपाल अर्लेकर ने शिक्षण संस्थानों, सामुदायिक संगठनों और स्थानीय निकायों को योगाभ्यास को सक्रिय रूप से बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने राज्यभर में योग जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 का केंद्रीय विषय क्या था?
इस वर्ष के उत्सव का उद्देश्य केवल जीवनकाल बढ़ाना नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनकाल (हेल्थस्पैन) को बेहतर बनाना था। योग को निवारक स्वास्थ्य देखभाल और भावनात्मक कल्याण के माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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