अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: रक्षा खडसे ने मुंबई के SAI केंद्र में 300 से अधिक प्रतिभागियों के साथ किया योगाभ्यास
सारांश
मुख्य बातें
युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने 21 जून 2025 को स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के क्षेत्रीय केंद्र, कांदिवली, मुंबई में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया। इस अवसर पर 300 से अधिक प्रतिभागियों ने एकजुट होकर योगाभ्यास किया, जिनमें राष्ट्रीय स्तर के एथलीट, प्रशिक्षक, अधिकारी और स्थानीय नागरिक शामिल थे।
मुख्य घटनाक्रम
कार्यक्रम में लोकसभा की पूर्व सदस्य डॉ. हीना गावित और डॉ. प्रीतम गोपीनाथ मुंडे भी उपस्थित रहीं। SAI मुंबई के क्षेत्रीय अधिकारी पांडुरंग चाटे सहित संस्था के वरिष्ठ अधिकारी और सहयोगी स्टाफ ने भी इस आयोजन में भागीदारी निभाई। यह कार्यक्रम SAI के क्षेत्रीय केंद्र में आयोजित किया गया, जो खिलाड़ियों के प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र है।
योगाभ्यास का स्वरूप
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में विभिन्न योग आसन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। ताकत, लचीलेपन और धैर्य को प्रदर्शित करने वाले विशेष योग का प्रदर्शन भी किया गया। सामूहिक योगाभ्यास ने अनुशासन, एकता और सर्वांगीण स्वास्थ्य की भावना को साकार किया।
रक्षा खडसे का संबोधन
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मंत्री रक्षा खडसे ने कहा, 'आज की तेज़ रफ़्तार दुनिया में शारीरिक फिटनेस, मानसिक और भावनात्मक संतुलन बेहद अहम है। युवाओं और एथलीटों को अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करना चाहिए।'
उन्होंने आगे कहा, 'ध्यान जिंदगी की चाबी है, और इसे पाने के लिए योग जरूरी है। योग सिर्फ शारीरिक फिटनेस के लिए ही नहीं, बल्कि मानसिक शांति, अंदरूनी संतुलन और पूर्ण स्वास्थ्य का मार्ग भी है।' खडसे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संकल्प की सराहना की जिसने योग को एक वैश्विक आंदोलन का स्वरूप दिया।
योग दिवस का वैश्विक महत्व
संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता मिलने के बाद से यह दिन दुनिया भर में स्वास्थ्य, सामंजस्य और समग्र कल्याण को बढ़ावा देने वाले वैश्विक अभियान का प्रतीक बन गया है। भारत की इस प्राचीन परंपरा को आज करोड़ों लोग अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना रहे हैं।
आम जनता पर असर
SAI के क्षेत्रीय केंद्र में आयोजित इस कार्यक्रम ने खिलाड़ियों और आम नागरिकों को एक मंच पर लाकर योग के सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी संदेश को प्रभावी ढंग से प्रसारित किया। विशेषज्ञों का मानना है कि खेल प्रशिक्षण केंद्रों में योग को शामिल करने से एथलीटों की रिकवरी और मानसिक दृढ़ता में सुधार होता है। यह आयोजन केंद्र सरकार की उस नीति का हिस्सा है जो खेल और योग को एक-दूसरे का पूरक मानती है।