10 अगस्त 2026
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राजनाथ सिंह ने शिलांग में 1,000 सैनिकों संग किया योग, 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर ईस्टर्न एयर कमांड में आयोजन

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राजनाथ सिंह ने शिलांग में 1,000 सैनिकों संग किया योग, 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर ईस्टर्न एयर कमांड में आयोजन

सारांश

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शिलांग के ईस्टर्न एयर कमांड HQ में 1,000 सैनिकों के साथ योगाभ्यास किया। एक्स पर उन्होंने योग को 'संतुलित जीवन का मार्ग' बताया। देशभर में CDS जनरल चौहान समेत 10,000 से अधिक रक्षाकर्मियों ने इस वार्षिक आयोजन में भाग लिया।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 21 जून 2026 को शिलांग के ईस्टर्न एयर कमांड हेडक्वार्टर में 1,000 सैनिकों के साथ सामूहिक योगाभ्यास का नेतृत्व किया।
कार्यक्रम में मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के.
संगमा , एयर चीफ मार्शल ए.पी.
सिंह और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
CDS जनरल अनिल चौहान ने नई दिल्ली के नेशनल वॉर मेमोरियल में समानांतर योग समारोह का नेतृत्व किया।
डिफेंस अकाउंट्स डिपार्टमेंट के 10,000 से अधिक अधिकारियों ने वर्चुअल सामूहिक योग कार्यक्रम में भाग लिया।
इस वर्ष की थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" रही; देश के कई अग्रिम सैन्य ठिकानों पर एक साथ योग सत्र आयोजित किए गए।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 21 जून 2026 को मेघालय के शिलांग स्थित ईस्टर्न एयर कमांड हेडक्वार्टर में भारतीय वायु सेना और थलसेना के लगभग 1,000 जवानों के साथ सामूहिक योगाभ्यास का नेतृत्व किया। यह आयोजन 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर हुआ, जिसमें सैन्य कर्मियों की शारीरिक फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक दृढ़ता को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ

इस योग सत्र में मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा, एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह (चीफ ऑफ द एयर स्टाफ), एयर मार्शल इंद्रपाल सिंह वालिया (एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, ईस्टर्न एयर कमांड) और लेफ्टिनेंट जनरल मोहित वाधवा (जनरल ऑफिसर कमांडिंग, हेडक्वार्टर 101 एरिया) सहित वरिष्ठ सैन्य एवं असैनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

राजनाथ सिंह का संबोधन

सभा को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने योग को केवल व्यायाम का एक रूप नहीं, बल्कि एक समग्र विज्ञान और जीवनशैली बताया। उन्होंने कहा, "योग सिर्फ कसरत का एक रूप नहीं है। यह एक समग्र विज्ञान और जीवन जीने की कला है जो व्यक्ति को आंतरिक स्थिरता, मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक मजबूती की ओर ले जाती है।" राजनाथ सिंह ने कहा कि योग व्यक्ति को स्वयं से, समाज से, प्रकृति से और ईश्वर से जोड़ने का माध्यम है।

उन्होंने इस प्राचीन भारतीय पद्धति को वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया और कहा कि उनके प्रयासों से योग एक वैश्विक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रक्षा मंत्री ने लिखा, "योग केवल स्वस्थ शरीर का आधार नहीं है, बल्कि संतुलित और संयमित जीवन जीने का मार्ग है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सतत प्रयासों और दूरदर्शी नेतृत्व के परिणामस्वरूप भारत की यह सांस्कृतिक विरासत आज एक वैश्विक जन-आंदोलन बन चुकी है।"

देशभर में समानांतर आयोजन

शिलांग में उपस्थित लोगों ने कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड से प्रसारित प्रधानमंत्री के योग दिवस भाषण का सीधा प्रसारण भी देखा। इसके साथ ही देश के कई अग्रिम सैन्य ठिकानों पर एक साथ योग सत्र आयोजित किए गए, जो रक्षा कर्मियों की इस वार्षिक आयोजन के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने नई दिल्ली के नेशनल वॉर मेमोरियल में योग दिवस समारोह का नेतृत्व किया। हेडक्वार्टर इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित (इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के प्रमुख एवं चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन) सहित वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने अपने परिवारों के साथ भाग लिया।

रक्षा मंत्रालय और 10,000 अधिकारियों की भागीदारी

नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी योग सत्रों में हिस्सा लिया। इस वर्ष की थीम "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" के अनुरूप, डिफेंस अकाउंट्स डिपार्टमेंट के 10,000 से अधिक अधिकारियों ने एक वर्चुअल सामूहिक योग कार्यक्रम में भाग लिया, जिसका उद्देश्य समग्र स्वास्थ्य और कल्याण को प्रोत्साहन देना था।

गौरतलब है कि भारत ने 2015 में पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया था और तब से प्रत्येक वर्ष रक्षा बलों की भागीदारी इस आयोजन का अभिन्न हिस्सा बनती जा रही है। इस वर्ष का व्यापक और समन्वित आयोजन सशस्त्र बलों में योग को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक और कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या इतने बड़े पैमाने पर संसाधन और वरिष्ठ नेतृत्व का समय एक प्रतीकात्मक आयोजन में लगाना सैन्य प्राथमिकताओं के अनुरूप है — विशेषकर जब सीमाओं पर चुनौतियाँ बनी हुई हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजनाथ सिंह ने योग दिवस पर शिलांग में क्या किया?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 21 जून 2026 को शिलांग के ईस्टर्न एयर कमांड हेडक्वार्टर में भारतीय वायु सेना और थलसेना के लगभग 1,000 जवानों के साथ सामूहिक योगाभ्यास का नेतृत्व किया। यह 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया था।
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम क्या थी?
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' रही। इसी थीम के अनुरूप देशभर में रक्षा विभागों और सैन्य प्रतिष्ठानों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।
शिलांग योग कार्यक्रम में कौन-कौन से वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए?
कार्यक्रम में मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा, एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह, एयर मार्शल इंद्रपाल सिंह वालिया और लेफ्टिनेंट जनरल मोहित वाधवा सहित कई वरिष्ठ सैन्य और असैनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
योग दिवस पर दिल्ली में रक्षा बलों का क्या कार्यक्रम हुआ?
नई दिल्ली के नेशनल वॉर मेमोरियल में CDS जनरल अनिल चौहान ने योग दिवस समारोह का नेतृत्व किया। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अलग-अलग योग सत्रों में भाग लिया।
डिफेंस अकाउंट्स डिपार्टमेंट ने योग दिवस कैसे मनाया?
डिफेंस अकाउंट्स डिपार्टमेंट के 10,000 से अधिक अधिकारियों ने एक वर्चुअल सामूहिक योग कार्यक्रम में भाग लिया, जिसका उद्देश्य 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' थीम के अनुरूप समग्र स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देना था।
राष्ट्र प्रेस
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