अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जल योग और 'वाटर योगा गरबा' की अनूठी छटा, खंडवा-अहमदाबाद में उमड़ा उत्साह
सारांश
मुख्य बातें
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून 2025 को मध्य प्रदेश के खंडवा और गुजरात के अहमदाबाद में पानी के भीतर योग की दो अभूतपूर्व प्रस्तुतियों ने देशभर का ध्यान खींचा। 5 से 70 वर्ष तक के प्रतिभागियों ने यह सिद्ध किया कि योग की सीमाएँ न ज़मीन से बँधी हैं, न उम्र से।
खंडवा में जल योग की चुनौतीपूर्ण प्रस्तुति
किंग ऑफ वेव्स स्विमिंग एसोसिएशन के सदस्यों ने खंडवा में नदी पर अंडरवाटर और फ्लोटिंग योग आसनों का प्रदर्शन किया। संगठन के अध्यक्ष संजय शर्मा ने बताया, 'जिस दिन से हम तैराकी सीखते हैं, उसी दिन से पानी में कुछ न कुछ करते रहते हैं। हम इस नदी पर कांवड़ यात्रा और तिरंगा यात्रा की प्रस्तुति भी दिखा चुके हैं।' उन्होंने कहा कि संगठन लगातार बच्चों को प्रशिक्षित कर उन्हें योग की प्रेरणा देता है।
कोच अरविंदर सिंह सचदेव ने जल योग की विशेषता बताते हुए कहा, 'योग वास्तव में मन की चंचलता को नियंत्रित कर उसे वैज्ञानिक तरीके से करने की कला है। हमारे प्रशिक्षक पानी पर ऐसी क्रियाएं करते हैं, जो ज़मीन पर करना भी मुश्किल होता है।' उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे विश्व में योग को लोकप्रिय बनाया है और इस प्रेरणा से उनके समूह ने योग में नवाचार लाने का सफल प्रयास किया।
अहमदाबाद में 'वाटर योगा गरबा' का अनोखा संगम
अहमदाबाद के कांकरिया जल धारा वाटर पार्क में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 'वाटर योगा गरबा' का विशेष आयोजन हुआ। कोच कल्पना पेनिकर के मार्गदर्शन में 70 से अधिक प्रतिभागियों ने पानी में विभिन्न योग आसनों का अभ्यास किया। योग को गरबा संगीत के साथ जोड़कर यह संदेश दिया गया कि योग हर उम्र और हर स्थान पर लाभदायक है।
कल्पना पेनिकर ने कहा, 'प्राचीन काल में ऋषि-मुनि पहाड़ों पर पानी के बीच योग करते थे। हमने भी कई लोगों को पानी में लेकर यूनिक स्टाइल में योग का अभ्यास कराया। पानी में बैलेंस बनाना काफी चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन हमने सावधानीपूर्वक इसे सफलतापूर्वक अंजाम दिया।' इस आयोजन में महिलाओं ने पानी के भीतर हिंदी और भोजपुरी गानों पर योग और नृत्य का अद्भुत समन्वय भी प्रस्तुत किया।
आम जनता पर असर और सामाजिक संदेश
यह ऐसे समय में आया है जब योग दिवस के आयोजन पूरे देश में पारंपरिक रूप से मैदानों और पार्कों तक सीमित रहते हैं। जल योग की इन प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि रचनात्मकता और प्रशिक्षण से योग को नई ऊँचाइयों तक ले जाया जा सकता है। गौरतलब है कि दोनों आयोजनों में बच्चों की सक्रिय भागीदारी ने युवा पीढ़ी में योग के प्रति रुचि जगाने का काम किया।
क्या होगा आगे
किंग ऑफ वेव्स स्विमिंग एसोसिएशन और कल्पना पेनिकर के समूह दोनों ने संकेत दिए हैं कि वे भविष्य में भी इस तरह के नवाचारी योग प्रदर्शनों को जारी रखेंगे। जल योग की यह पहल अन्य शहरों के तैराकी क्लबों और योग प्रशिक्षकों को भी प्रेरित कर सकती है।