अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: प्रयागराज में यमुना के बरगद घाट पर 'जल योग', तैराकों ने किया अनोखा अभ्यास
सारांश
मुख्य बातें
प्रयागराज में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पूर्वसंध्या पर यमुना नदी के बरगद घाट पर 'जल योग' का विशेष आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों से लेकर 80 वर्ष तक के बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शुक्रवार, 19 जून को तैराकों ने हाथों में योगासन के पोस्टर थामे नदी में ही विभिन्न योग मुद्राओं का अभ्यास किया और आसपास के लोगों को योग के प्रति जागरूक किया।
मुख्य घटनाक्रम
बरगद घाट पर आयोजित इस 'जल योग' सत्र में तैराकी प्रशिक्षकों के निर्देशन में प्रतिभागियों से सूर्य नमस्कार, शवासन, वज्रासन, मत्स्यासन और अनुलोम-विलोम कराया गया। साथ ही सामूहिक रूप से 'ओम' का उच्चारण भी किया गया। तैराकी सीखने आए बच्चे, महिलाएँ, युवा और वरिष्ठ नागरिक — सभी में योग दिवस को लेकर विशेष उत्साह देखा गया।
कोच त्रिभुवन निषाद की बात
नवजीवन स्विमिंग एकेडमी के स्विमिंग कोच त्रिभुवन निषाद ने बताया, 'नवजीवन स्विमिंग एकेडमी में 40 वर्षों से तैराकी सिखाई जा रही है। प्रधानमंत्री के योग दिवस के आह्वान के बाद हमने सोचा कि क्यों न बच्चों को योग भी सिखाया जाए, ताकि उन्हें इसका फायदा हो। तब से हम हर साल 'जल योग' करवा रहे हैं। इससे इम्यूनिटी बढ़ती है, स्टैमिना बेहतर होता है और सर्वाइकल जैसी बीमारियों को कम करने में मदद मिलती है।'
निषाद ने आगे कहा, 'जितने भी बच्चे यहाँ आते हैं, हम उन्हें तैराकी के साथ योग भी सिखाते हैं। 3 साल के बच्चे से लेकर 80 साल के बुजुर्ग तक — सभी यहाँ योग करते हैं।'
आम जनता पर असर
जल योग में शामिल महिला प्रतिभागियों ने इसके दोहरे लाभ की बात कही। एक महिला ने कहा, 'हमने शुक्रवार को तैराकी के साथ जल योग किया। इसके बहुत सारे फायदे हैं।' एक अन्य महिला ने कहा, '21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस है। इस अवसर पर हम जल योग करते हैं। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आह्वान है कि सभी लोग योग करें।'
एक वरिष्ठ महिला प्रतिभागी ने बताया कि यहाँ महीनों तक बच्चे योग करते हैं और इससे सांस की बीमारी में भी राहत मिलती है। तैराकी प्रशिक्षण लेने पहुँचे अन्य प्रतिभागियों ने कहा कि जल योग से इम्युनिटी बढ़ने के साथ-साथ दिनभर ताज़गी का अनुभव होता है।
वैश्विक संदर्भ
गौरतलब है कि कोच निषाद के अनुसार 150 से अधिक देश अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाते हैं। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब पूरे देश में 21 जून को मनाए जाने वाले योग दिवस की तैयारियाँ जोरों पर हैं। प्रयागराज का यह 'जल योग' सत्र पारंपरिक योग अभ्यास को नदी के जलीय परिवेश से जोड़ने का एक अनूठा प्रयास है, जो नवजीवन स्विमिंग एकेडमी हर वर्ष आयोजित करती है।
क्या होगा आगे
21 जून 2026 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रयागराज सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में बड़े पैमाने पर योग कार्यक्रम आयोजित किए जाने की उम्मीद है। नवजीवन स्विमिंग एकेडमी का यह जल योग अभियान आने वाले वर्षों में भी जारी रहेगा, जिससे तैराकी और योग के संयुक्त लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सकें।