10 अगस्त 2026
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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: प्रयागराज में यमुना के बरगद घाट पर 'जल योग', तैराकों ने किया अनोखा अभ्यास

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: प्रयागराज में यमुना के बरगद घाट पर 'जल योग', तैराकों ने किया अनोखा अभ्यास

सारांश

योग और तैराकी का अनूठा संगम — प्रयागराज के बरगद घाट पर यमुना नदी में 'जल योग' का आयोजन हुआ, जिसमें 3 से 80 साल तक के प्रतिभागियों ने सूर्य नमस्कार से लेकर अनुलोम-विलोम तक के आसन किए। नवजीवन स्विमिंग एकेडमी 40 वर्षों से यह परंपरा निभा रही है।

मुख्य बातें

प्रयागराज में यमुना नदी के बरगद घाट पर 19 जून 2026 को 'जल योग' का आयोजन किया गया।
नवजीवन स्विमिंग एकेडमी पिछले 40 वर्षों से तैराकी और हर वर्ष योग दिवस पर जल योग सिखाती है।
सत्र में सूर्य नमस्कार, शवासन, वज्रासन, मत्स्यासन और अनुलोम-विलोम के साथ 'ओम' उच्चारण कराया गया।
3 साल के बच्चों से लेकर 80 साल के बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के प्रतिभागी शामिल हुए।
कोच त्रिभुवन निषाद के अनुसार जल योग से इम्यूनिटी, स्टैमिना बेहतर होता है और सर्वाइकल जैसी बीमारियों में राहत मिलती है।
150 से अधिक देशों में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा।

प्रयागराज में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पूर्वसंध्या पर यमुना नदी के बरगद घाट पर 'जल योग' का विशेष आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों से लेकर 80 वर्ष तक के बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शुक्रवार, 19 जून को तैराकों ने हाथों में योगासन के पोस्टर थामे नदी में ही विभिन्न योग मुद्राओं का अभ्यास किया और आसपास के लोगों को योग के प्रति जागरूक किया।

मुख्य घटनाक्रम

बरगद घाट पर आयोजित इस 'जल योग' सत्र में तैराकी प्रशिक्षकों के निर्देशन में प्रतिभागियों से सूर्य नमस्कार, शवासन, वज्रासन, मत्स्यासन और अनुलोम-विलोम कराया गया। साथ ही सामूहिक रूप से 'ओम' का उच्चारण भी किया गया। तैराकी सीखने आए बच्चे, महिलाएँ, युवा और वरिष्ठ नागरिक — सभी में योग दिवस को लेकर विशेष उत्साह देखा गया।

कोच त्रिभुवन निषाद की बात

नवजीवन स्विमिंग एकेडमी के स्विमिंग कोच त्रिभुवन निषाद ने बताया, 'नवजीवन स्विमिंग एकेडमी में 40 वर्षों से तैराकी सिखाई जा रही है। प्रधानमंत्री के योग दिवस के आह्वान के बाद हमने सोचा कि क्यों न बच्चों को योग भी सिखाया जाए, ताकि उन्हें इसका फायदा हो। तब से हम हर साल 'जल योग' करवा रहे हैं। इससे इम्यूनिटी बढ़ती है, स्टैमिना बेहतर होता है और सर्वाइकल जैसी बीमारियों को कम करने में मदद मिलती है।'

निषाद ने आगे कहा, 'जितने भी बच्चे यहाँ आते हैं, हम उन्हें तैराकी के साथ योग भी सिखाते हैं। 3 साल के बच्चे से लेकर 80 साल के बुजुर्ग तक — सभी यहाँ योग करते हैं।'

आम जनता पर असर

जल योग में शामिल महिला प्रतिभागियों ने इसके दोहरे लाभ की बात कही। एक महिला ने कहा, 'हमने शुक्रवार को तैराकी के साथ जल योग किया। इसके बहुत सारे फायदे हैं।' एक अन्य महिला ने कहा, '21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस है। इस अवसर पर हम जल योग करते हैं। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आह्वान है कि सभी लोग योग करें।'

एक वरिष्ठ महिला प्रतिभागी ने बताया कि यहाँ महीनों तक बच्चे योग करते हैं और इससे सांस की बीमारी में भी राहत मिलती है। तैराकी प्रशिक्षण लेने पहुँचे अन्य प्रतिभागियों ने कहा कि जल योग से इम्युनिटी बढ़ने के साथ-साथ दिनभर ताज़गी का अनुभव होता है।

वैश्विक संदर्भ

गौरतलब है कि कोच निषाद के अनुसार 150 से अधिक देश अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाते हैं। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब पूरे देश में 21 जून को मनाए जाने वाले योग दिवस की तैयारियाँ जोरों पर हैं। प्रयागराज का यह 'जल योग' सत्र पारंपरिक योग अभ्यास को नदी के जलीय परिवेश से जोड़ने का एक अनूठा प्रयास है, जो नवजीवन स्विमिंग एकेडमी हर वर्ष आयोजित करती है।

क्या होगा आगे

21 जून 2026 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रयागराज सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में बड़े पैमाने पर योग कार्यक्रम आयोजित किए जाने की उम्मीद है। नवजीवन स्विमिंग एकेडमी का यह जल योग अभियान आने वाले वर्षों में भी जारी रहेगा, जिससे तैराकी और योग के संयुक्त लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सकें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस व्यापक प्रवृत्ति का प्रतिबिंब है जिसमें योग को रोज़मर्रा की गतिविधियों — यहाँ तैराकी — के साथ जोड़कर जन-जन तक पहुँचाने की कोशिश हो रही है। नवजीवन एकेडमी का 40 वर्षों का अनुभव दर्शाता है कि जमीनी स्तर पर ऐसी पहलें सरकारी अभियानों से पहले से मौजूद थीं। सवाल यह है कि इन स्थानीय प्रयासों को संस्थागत समर्थन और दस्तावेज़ीकरण मिले, ताकि स्वास्थ्य लाभ के दावे — इम्यूनिटी, सर्वाइकल राहत — वैज्ञानिक आधार पर परखे जा सकें।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जल योग क्या है और इसे प्रयागराज में कहाँ आयोजित किया गया?
जल योग, तैराकी और योगाभ्यास का संयुक्त रूप है जिसमें नदी या जलाशय में रहते हुए योग मुद्राएँ की जाती हैं। प्रयागराज में यह आयोजन यमुना नदी के बरगद घाट पर 19 जून 2026 को किया गया।
इस जल योग सत्र में कौन-कौन से आसन कराए गए?
सत्र में सूर्य नमस्कार, शवासन, वज्रासन, मत्स्यासन और अनुलोम-विलोम कराए गए, साथ ही सामूहिक 'ओम' उच्चारण भी किया गया। ये सभी अभ्यास तैराकी प्रशिक्षक के निर्देशन में यमुना नदी में किए गए।
जल योग के क्या स्वास्थ्य लाभ बताए गए हैं?
कोच त्रिभुवन निषाद के अनुसार जल योग से इम्यूनिटी बढ़ती है, स्टैमिना बेहतर होता है और सर्वाइकल जैसी बीमारियों में राहत मिलती है। प्रतिभागियों ने सांस की बीमारी में राहत और दिनभर ताज़गी बने रहने का भी अनुभव बताया।
नवजीवन स्विमिंग एकेडमी कब से जल योग करवा रही है?
नवजीवन स्विमिंग एकेडमी 40 वर्षों से तैराकी सिखा रही है और प्रधानमंत्री के योग दिवस के आह्वान के बाद से हर वर्ष जल योग का आयोजन कर रही है। एकेडमी में 3 साल से 80 साल तक के प्रतिभागी भाग लेते हैं।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 कब है और इसे कितने देश मनाते हैं?
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2026 को मनाया जाएगा। कोच त्रिभुवन निषाद के अनुसार 150 से अधिक देश इस दिन को योग दिवस के रूप में मनाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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