गंगोत्री से गंगासागर योग यात्रा: पटना के एनआईटी घाट पर 1,000 से अधिक लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यास
सारांश
मुख्य बातें
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) से पूर्व 18 जून 2026 को पटना के एनआईटी घाट पर 'गंगोत्री से गंगासागर' अभियान के अंतर्गत एक विशाल सामूहिक योग शिविर का आयोजन हुआ, जिसमें 1,000 से अधिक युवाओं सहित सरकारी अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने एक साथ योगाभ्यास किया। यह आयोजन आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में और बिहार सरकार के सहयोग से संपन्न हुआ।
अभियान का स्वरूप और उद्देश्य
'गंगोत्री से गंगासागर' पहल एक राष्ट्रव्यापी योग अभियान है, जिसे आयुष मंत्रालय के माध्यम से पूरे भारत में संचालित किया जा रहा है। इसका मूल उद्देश्य गंगा नदी के किनारे बसे समुदायों को योग से जोड़ना और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता फैलाना है। गंगा तट पर आयोजन का चुनाव प्रतीकात्मक भी है — यह प्रकृति, नदी-संरक्षण और मानव स्वास्थ्य के परस्पर संबंध को रेखांकित करता है।
गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस प्रतिवर्ष 21 जून को मनाया जाता है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त कर चुका है।
मुख्य अतिथियों के विचार
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक संजय गुप्ता ने कार्यक्रम में कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन का आधार है। उन्होंने कहा, 'योग के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन में बड़े लक्ष्यों को हासिल कर सकता है।' गुप्ता ने गंगा की स्वच्छता का भी आह्वान किया और कहा कि गंगा को स्वच्छ रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
बिहार स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव वैभव चौधरी ने कहा कि गंगा किनारे योग का आयोजन प्रकृति के साथ जुड़ाव का संदेश देता है, जिससे लोग पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के प्रति जागरूक होते हैं। उन्होंने जोर दिया कि योग शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
गंगा संरक्षण का संकल्प
कार्यक्रम में भाग लेने वाले 1,000 से अधिक युवाओं ने योगाभ्यास के साथ-साथ गंगा संरक्षण का सामूहिक संकल्प भी लिया। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें 'नमामि गंगे' जैसे कार्यक्रमों के तहत नदी की सफाई के प्रयासों को जन-आंदोलन का रूप देने में जुटी हैं। गंगा तट पर योग और नदी-संरक्षण को एक साथ जोड़ने की यह पहल इस दिशा में एक नई कड़ी मानी जा रही है।
आम जनता पर असर
राज्य और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस शिविर ने पटना के नागरिकों, विशेषकर युवाओं को, सामूहिक स्वास्थ्य चेतना की ओर प्रेरित किया। वैभव चौधरी के अनुसार, राज्य और केंद्र सरकार मिलकर लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
आगे की राह
यह अभियान 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तक जारी रहेगा। 'गंगोत्री से गंगासागर' के तहत गंगा के किनारे स्थित अन्य शहरों में भी इसी तरह के आयोजन प्रस्तावित हैं, जो भारत की सांस्कृतिक नदी के किनारे योग की एक अखंड श्रृंखला बनाने का प्रयास है।