10 अगस्त 2026
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गंगोत्री से गंगासागर योग यात्रा: पटना के एनआईटी घाट पर 1,000 से अधिक लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यास

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गंगोत्री से गंगासागर योग यात्रा: पटना के एनआईटी घाट पर 1,000 से अधिक लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यास

सारांश

पटना के एनआईटी घाट पर गंगा तट पर 1,000 से अधिक लोगों ने एक साथ योगाभ्यास किया — योग और नदी-संरक्षण को एक ही मंच पर जोड़ने की यह पहल आयुष मंत्रालय के 'गंगोत्री से गंगासागर' अभियान का हिस्सा है, जो 21 जून के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से ठीक पहले आई।

मुख्य बातें

18 जून 2026 को पटना के एनआईटी घाट पर 'गंगोत्री से गंगासागर' अभियान के तहत विशाल योग शिविर आयोजित हुआ।
शिविर में 1,000 से अधिक युवाओं सहित सरकारी अधिकारियों और नागरिकों ने भाग लिया।
आयोजन आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में और बिहार सरकार के सहयोग से हुआ।
BJP विधायक संजय गुप्ता और बिहार स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव वैभव चौधरी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
प्रतिभागियों ने योगाभ्यास के साथ-साथ गंगा संरक्षण का सामूहिक संकल्प भी लिया।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को मनाया जाएगा; अभियान के तहत गंगा तट के अन्य शहरों में भी आयोजन प्रस्तावित।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) से पूर्व 18 जून 2026 को पटना के एनआईटी घाट पर 'गंगोत्री से गंगासागर' अभियान के अंतर्गत एक विशाल सामूहिक योग शिविर का आयोजन हुआ, जिसमें 1,000 से अधिक युवाओं सहित सरकारी अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने एक साथ योगाभ्यास किया। यह आयोजन आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में और बिहार सरकार के सहयोग से संपन्न हुआ।

अभियान का स्वरूप और उद्देश्य

'गंगोत्री से गंगासागर' पहल एक राष्ट्रव्यापी योग अभियान है, जिसे आयुष मंत्रालय के माध्यम से पूरे भारत में संचालित किया जा रहा है। इसका मूल उद्देश्य गंगा नदी के किनारे बसे समुदायों को योग से जोड़ना और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता फैलाना है। गंगा तट पर आयोजन का चुनाव प्रतीकात्मक भी है — यह प्रकृति, नदी-संरक्षण और मानव स्वास्थ्य के परस्पर संबंध को रेखांकित करता है।

गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस प्रतिवर्ष 21 जून को मनाया जाता है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त कर चुका है।

मुख्य अतिथियों के विचार

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक संजय गुप्ता ने कार्यक्रम में कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन का आधार है। उन्होंने कहा, 'योग के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन में बड़े लक्ष्यों को हासिल कर सकता है।' गुप्ता ने गंगा की स्वच्छता का भी आह्वान किया और कहा कि गंगा को स्वच्छ रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

बिहार स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव वैभव चौधरी ने कहा कि गंगा किनारे योग का आयोजन प्रकृति के साथ जुड़ाव का संदेश देता है, जिससे लोग पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के प्रति जागरूक होते हैं। उन्होंने जोर दिया कि योग शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

गंगा संरक्षण का संकल्प

कार्यक्रम में भाग लेने वाले 1,000 से अधिक युवाओं ने योगाभ्यास के साथ-साथ गंगा संरक्षण का सामूहिक संकल्प भी लिया। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें 'नमामि गंगे' जैसे कार्यक्रमों के तहत नदी की सफाई के प्रयासों को जन-आंदोलन का रूप देने में जुटी हैं। गंगा तट पर योग और नदी-संरक्षण को एक साथ जोड़ने की यह पहल इस दिशा में एक नई कड़ी मानी जा रही है।

आम जनता पर असर

राज्य और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस शिविर ने पटना के नागरिकों, विशेषकर युवाओं को, सामूहिक स्वास्थ्य चेतना की ओर प्रेरित किया। वैभव चौधरी के अनुसार, राज्य और केंद्र सरकार मिलकर लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

आगे की राह

यह अभियान 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तक जारी रहेगा। 'गंगोत्री से गंगासागर' के तहत गंगा के किनारे स्थित अन्य शहरों में भी इसी तरह के आयोजन प्रस्तावित हैं, जो भारत की सांस्कृतिक नदी के किनारे योग की एक अखंड श्रृंखला बनाने का प्रयास है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या एक दिवसीय सामूहिक आयोजन दीर्घकालिक जीवनशैली परिवर्तन में तब्दील होते हैं। आयुष मंत्रालय के वार्षिक योग दिवस आयोजनों की संख्या और भव्यता हर साल बढ़ती है, पर नियमित योगाभ्यास की दर पर सत्यापन-योग्य डेटा अभी भी सार्वजनिक नहीं है। गंगा संरक्षण का संकल्प प्रतीकात्मक रूप से सशक्त है, परंतु 'नमामि गंगे' जैसे कार्यक्रमों के बावजूद नदी की स्थिति को लेकर विशेषज्ञ चिंताएँ बनी हुई हैं। सरकारी-नागरिक साझेदारी की यह भावना तब ही सार्थक होगी जब इन संकल्पों को ज़मीनी कार्रवाई से जोड़ा जाए।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'गंगोत्री से गंगासागर' योग अभियान क्या है?
यह आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित एक राष्ट्रव्यापी योग अभियान है, जो गंगा नदी के उद्गम स्थल गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक नदी के किनारे बसे शहरों में सामूहिक योग शिविर आयोजित करता है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को योग से जोड़ना और गंगा संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है।
पटना के एनआईटी घाट पर योग शिविर में कितने लोगों ने भाग लिया?
BJP विधायक संजय गुप्ता के अनुसार इस शिविर में 1,000 से अधिक युवाओं ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त सरकारी अधिकारी, सामाजिक संगठन और स्थानीय नागरिक भी शामिल हुए।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 कब मनाया जाएगा?
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस प्रतिवर्ष 21 जून को मनाया जाता है। यह दिवस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त कर चुका है।
इस कार्यक्रम में गंगा संरक्षण को क्यों जोड़ा गया?
आयोजकों के अनुसार गंगा तट पर योग का आयोजन प्रकृति के साथ जुड़ाव का संदेश देता है। बिहार स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव वैभव चौधरी ने कहा कि इससे लोग पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के प्रति एक साथ जागरूक होते हैं। प्रतिभागियों ने योगाभ्यास के साथ गंगा स्वच्छता का सामूहिक संकल्प भी लिया।
इस अभियान में बिहार सरकार की क्या भूमिका है?
बिहार सरकार ने इस आयोजन में सहयोगी की भूमिका निभाई। बिहार स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव वैभव चौधरी कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने राज्य व केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की बात कही।
राष्ट्र प्रेस
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