12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का आह्वान: योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 20 जून 2025 को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए योग को दैनिक दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि योग शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक संतुलन और समग्र कल्याण के लिए भी एक सशक्त माध्यम है।
इस वर्ष की थीम और उसका महत्व
उपराज्यपाल सिन्हा ने बताया कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम 'स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग' रखी गई है। यह विषय जीवन के हर पड़ाव पर स्वास्थ्य और सक्रियता बनाए रखने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। उन्होंने कहा कि यह थीम वृद्धावस्था में भी शारीरिक और मानसिक चुस्ती बनाए रखने की दिशा में योग की भूमिका को विशेष रूप से उजागर करती है।
योग: भारत की सांस्कृतिक विरासत
उपराज्यपाल ने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का अमूल्य उपहार है, जिसने समस्त विश्व को स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि योग मन और शरीर के बीच सामंजस्य स्थापित करता है तथा व्यक्ति को मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। यह मानव और प्रकृति के बीच के गहरे संबंध को भी सुदृढ़ करता है।
पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस पर बधाई
इसी अवसर पर जम्मू-कश्मीर लोक भवन में पश्चिम बंगाल का स्थापना दिवस भी मनाया गया। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पश्चिम बंगाल के लोगों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम, साहित्य, कला, संगीत, विज्ञान और राष्ट्र-निर्माण में पश्चिम बंगाल के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित किया।
युवाओं से प्रेरणा लेने का आग्रह
उपराज्यपाल ने युवाओं से राज्य की महान विभूतियों से प्रेरणा लेकर एक सशक्त, समृद्ध और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, 'यह राज्य विकास और तरक्की की नई ऊंचाइयाँ हासिल करता रहे।' उपराज्यपाल के इस संदेश को जम्मू-कश्मीर में योग दिवस के उत्साह के साथ जोड़कर देखा जा रहा है, जहाँ विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।