बीएसएफ जम्मू ने बाग-ए-बहू में मनाया योग दिवस 2026 का पूर्वोत्सव, जवानों ने किया योगाभ्यास
सारांश
मुख्य बातें
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जम्मू ने 10 जून 2026 को जम्मू के ऐतिहासिक बाग-ए-बहू गार्डन में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की पूर्व तैयारी के रूप में एक विशेष योग सत्र आयोजित किया। बीएसएफ के अधिकारियों और जवानों ने इस कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की और योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में स्थायी रूप से शामिल करने का संकल्प व्यक्त किया।
मुख्य घटनाक्रम
सुबह के प्रहर में बाग-ए-बहू के हरे-भरे प्राकृतिक परिवेश में आयोजित इस सत्र में जवानों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। बीएसएफ जम्मू फ्रंटियर की ओर से इसे 21 जून 2026 को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की व्यापक तैयारियों की कड़ी के रूप में प्रस्तुत किया गया। बीएसएफ ने इस आयोजन की जानकारी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर दो अलग-अलग पोस्ट के माध्यम से साझा की।
सशस्त्र बलों के लिए योग का महत्त्व
बीएसएफ के अनुसार, सीमा पर तैनात जवानों के लिए योग केवल शारीरिक फिटनेस का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन, तनाव प्रबंधन और ऑपरेशनल तैयारी को सुदृढ़ करने का एक प्रभावी उपकरण भी है। चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील परिस्थितियों में कार्यरत सशस्त्र बलों के लिए योग से एकाग्रता और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता में भी सुधार होता है, ऐसा बीएसएफ का मानना है। जवानों को नियमित अंतराल पर योग प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2015 में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। तब से प्रत्येक वर्ष भारत सहित विश्व भर में इस दिन को बड़े पैमाने पर मनाया जाता है। वर्ष 2026 में भी देश भर में कार्यक्रमों की एक पूरी शृंखला आयोजित की जा रही है, जिसमें बीएसएफ का यह जम्मू आयोजन एक महत्त्वपूर्ण कड़ी है।
आगे की तैयारियाँ
बीएसएफ जम्मू फ्रंटियर का यह पूर्वोत्सव दर्शाता है कि सुरक्षा बल 21 जून 2026 के मुख्य आयोजन से पहले ही जवानों में योग के प्रति जागरूकता और अभ्यास की आदत विकसित करने में जुटे हैं। यह आयोजन उस व्यापक राष्ट्रीय प्रयास का हिस्सा है जिसके तहत सरकारी संस्थाएँ और सुरक्षा बल मिलकर योग दिवस को एक जन-आंदोलन का रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं।