अमृतसर में 500 किलो हेरोइन सिंडिकेट का भंडाफोड़, ANTF ने 8 तस्कर दबोचे; ₹5 करोड़ नकद बरामद
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने 11 जून 2026 को अमृतसर में एक बड़े हेरोइन तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस ऑपरेशन में लगभग 500 किलोग्राम हेरोइन से जुड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया गया, भारतीय और विदेशी मुद्रा मिलाकर करीब ₹5 करोड़ नकद बरामद हुए और आगे की जांच के लिए लगभग ₹18 करोड़ की संपत्ति चिह्नित की गई है।
ऑपरेशन का विवरण
ANTF बॉर्डर रेंज के एसपी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई 'ड्रग्स के खिलाफ युद्ध' अभियान के तहत की गई, जिसमें पंजाब पुलिस की विभिन्न शाखाएँ समन्वय के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि टास्क फोर्स की रणनीति केवल सड़क-स्तर की गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी सप्लाई चेन — स्रोत से लेकर वितरण और वित्तीय नेटवर्क तक — को निशाना बनाने पर केंद्रित है।
एसपी सिंह के अनुसार, 2025-26 में ANTF ने अब तक लगभग 270 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और अलग-अलग ऑपरेशनों में करीब 254 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है। इसके अलावा ड्रग्स से जुड़ी कमाई और हवाला लेनदेन के रूप में लगभग ₹6.5 करोड़ भी जब्त किए गए हैं।
हवाला नेटवर्क पर शिकंजा
अधिकारियों ने बताया कि तस्करों की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा हवाला ऑपरेटरों और वित्तीय हैंडलरों तक बढ़ाया जाता है। इसी रणनीति के तहत अब तक लगभग 15 बड़े हवाला ऑपरेटर गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
एसपी सिंह ने 2025 में अमृतसर के एक पुराने मामले का उल्लेख करते हुए बताया कि जांच के दौरान फगवाड़ा स्थित हवाला ऑपरेटरों तक कथित तौर पर पहुँचाए गए लगभग ₹30 करोड़ का पता लगाया गया था और उस नेटवर्क से ₹5.5 करोड़ बरामद हुए थे। 2026 में अकेले हवाला चैनलों से लगभग ₹1.6 करोड़ बरामद हुए हैं और करीब ₹29 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है।
ड्रोन से तस्करी की चुनौती
एसपी गुरप्रीत सिंह ने पाकिस्तान से सीमा पार ड्रग तस्करी के लिए ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल को एक गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और जिला पुलिस इकाइयाँ मिलकर इस समस्या से निपट रही हैं। सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए जाने के बावजूद ड्रोन के ज़रिए खेप गिराई जा रही है; हालाँकि, हाल ही में ड्रोन से जुड़ी बरामदगी में लगभग 30 किलोग्राम हेरोइन ज़ब्त की गई है और कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है।
पंजाब पुलिस राज्य सरकार की सहायता से अपने एंटी-ड्रोन और सर्विलांस सिस्टम को लगातार अपग्रेड कर रही है।
विदेश में बैठे मास्टरमाइंड और कानूनी कार्रवाई
एसपी सिंह ने स्वीकार किया कि कई ड्रग तस्करी के मास्टरमाइंड विदेश से नेटवर्क संचालित करते हैं, जिससे उन्हें वापस लाना जटिल हो जाता है। पंजाब पुलिस विदेश मंत्रालय के माध्यम से ओपन-एंडेड वारंट, लुकआउट सर्कुलर (LOC) और रेड कॉर्नर नोटिस जैसे कानूनी उपायों का सहारा लेती है। उन्होंने बताया कि सफल प्रत्यर्पण ऑपरेशनों के ज़रिए कई बड़े गैंगस्टरों को पहले ही भारत वापस लाया जा चुका है।
नाबालिगों के दुरुपयोग पर चेतावनी
एसपी सिंह ने चेताया कि तस्कर अब नाबालिगों का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं, यह सोचकर कि उन्हें कम सजा मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि NDPS एक्ट के तहत उम्र की परवाह किए बिना सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों — मोबाइल फोन के इस्तेमाल और संगत — पर नज़र रखें ताकि उन्हें ड्रग नेटवर्क में फँसने से बचाया जा सके। यह ऑपरेशन पंजाब की सीमावर्ती पट्टी में नशे की तस्करी के खिलाफ जारी बहुआयामी अभियान की एक कड़ी है।