आनंद पर्वत में मामूली टक्कर पर 17 वर्षीय किशोर की चाकू मारकर हत्या, पुलिस ने 7 घंटे में तीन आरोपी दबोचे
सारांश
मुख्य बातें
मध्य दिल्ली के आनंद पर्वत इलाके में 22 सितंबर 2026 की रात एक मामूली टक्कर जानलेवा विवाद में बदल गई, जिसमें 17 वर्षीय किशोर 'के' की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 7 घंटे में मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया।
घटना का विवरण
22 सितंबर की रात लगभग 8:30 बजे आनंद पर्वत थाने की गली नंबर 16, थान सिंह रोड से एक युवक को चाकू मारे जाने की पीसीआर कॉल पुलिस को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुँची और क्राइम टीम से जाँच कराई। कॉन्स्टेबल राजेश ने स्थानीय लोगों की सहायता से घायल किशोर को जीवनमाला अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद आनंद पर्वत थाने में एफआईआर नंबर 128/26, धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जाँच शुरू की गई। पीड़ित किशोर स्वयं आनंद पर्वत इलाके का ही निवासी था।
विशेष जाँच टीम का गठन
वारदात की गंभीरता को देखते हुए एसएचओ इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र की देखरेख और एसीपी पटेल नगर सुनील कुमार के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम बनाई गई। इस टीम में इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर इंस्पेक्टर रणवीर सिंह, एसआई दीपांशु, हेड कांस्टेबल शरवन, हेड कांस्टेबल हरीश, कॉन्स्टेबल सुरेश, कॉन्स्टेबल राजेश और कॉन्स्टेबल गिरधारी शामिल थे।
टीम ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। तकनीकी निगरानी और स्थानीय मुखबिरों की सहायता से तीनों आरोपियों की पहचान कर ली गई और उन्हें आनंद पर्वत इलाके से ही गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपियों के बयान और गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी तुषार (19 वर्ष), निवासी आनंद पर्वत, तथा दो नाबालिग — 17 वर्षीय और 15 वर्षीय किशोर — शामिल हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे गली नंबर 16 से गुजर रहे थे, तभी पीड़ित उनसे गलती से टकरा गया। इस मामूली टक्कर पर हुई बहस देखते ही देखते उग्र हो गई और तीनों ने मिलकर पीड़ित पर चाकू से हमला कर दिया और फरार हो गए।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया है। यह ऐसे समय में आया है जब राजधानी में सार्वजनिक स्थलों पर मामूली विवादों के हिंसक रूप लेने की घटनाएँ चिंता का विषय बनी हुई हैं।
पुलिस की प्रतिक्रिया
डीसीपी सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि पुलिस की तत्परता और तकनीकी जाँच के चलते महज 7 घंटे में हत्या का मामला सुलझा लिया गया। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी निगरानी और स्थानीय इनपुट ने जाँच को निर्णायक गति दी।
गौरतलब है कि आगे की जाँच जारी है और दोनों नाबालिग आरोपियों के मामले किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किए जाएँगे। आने वाले दिनों में पुलिस इस घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल करेगी।