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आंध्र प्रदेश में 46.85 लाख किसानों के खातों में 2,670 करोड़ रुपए का ट्रांसफर

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आंध्र प्रदेश में 46.85 लाख किसानों के खातों में 2,670 करोड़ रुपए का ट्रांसफर

सारांश

केंद्र और आंध्र प्रदेश सरकार ने पीएम-किसान योजना के अंतर्गत 46.85 लाख किसानों के खाते में 2,670 करोड़ रुपए की राशि ट्रांसफर की। यह कदम छोटे किसानों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। जानिए इस योजना की खासियतें।

मुख्य बातें

२,६७० करोड़ रुपए का ट्रांसफर किसानों के खातों में हुआ।
प्रधानमंत्री ने २२वीं किश्त जारी की।
हर पात्र किसान को २०,००० रुपए सालाना मिलेंगे।
कृषि में आधुनिकीकरण के लिए नई तकनीकों को अपनाया जाएगा।
पोलावरम परियोजना का पूरा होना आवश्यक है।

अमरावती, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र और आंध्र प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को पीएम-किसान और अन्नदाता सुखी भव योजना के अंतर्गत ४६.८५ लाख किसानों के बैंक खातों में सीधे २,६७० करोड़ रुपए का ट्रांसफर किया।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कृष्णा जिले के गणनवरम विधानसभा क्षेत्र के सुरम्पल्ली में आयोजित पीएम-किसान-अन्नदाता सुखी भव योजना की तीसरी किश्त के फंड रिलीज कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने किसानों के साथ गुवाहाटी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन वर्चुअली देखा।

प्रधानमंत्री ने देशभर के किसानों के लिए पीएम किसान सम्मान निधि की २२वीं किश्त जारी की। उन्होंने कहा कि यह योजना छोटे किसानों के लिए बेहद सहायक सिद्ध हो रही है।

अन्नदाता सुखी भव योजना के तहत आंध्र प्रदेश के प्रत्येक पात्र किसान को सालाना २०,००० रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें से ६,००० रुपए केंद्र सरकार की पीएम किसान योजना के तहत और १४,००० रुपए राज्य सरकार द्वारा दिए जाते हैं।

मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि एनडीए नेतृत्व वाली राज्य सरकार किसानों के कल्याण पर ध्यान केंद्रित कर रही है और कृषि क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के माध्यम से आधुनिकता लाने के प्रति प्रतिबद्ध है। खुद एक किसान के पुत्र होने के नाते उन्होंने कृषि की गहरी समझ रखने की बात कही और पट्टीसीमा परियोजना के माध्यम से कृष्णा डेल्टा के लिए सिंचाई पानी की स्थिरता सुनिश्चित की।

उन्होंने कहा कि अब सरकार पोलावरम परियोजना को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसे राज्य की जीवनरेखा माना जाता है। राज्य सरकार का उद्देश्य कृषि में आधुनिकता लाना है, जिसके अंतर्गत ड्रोन से बीज बोना और ड्रिप इरीगेशन जैसी तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त, भारतीय स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर की स्थापना की योजना है, जो भारतीय स्कूल ऑफ बिजनेस की तर्ज पर किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों में मार्गदर्शन करेगा। एलुरु जिले में ५०० एकड़ में कोको सिटी भी स्थापित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय सहायता के साथ-साथ, राज्य सरकार ने ४.७ मिलियन मीट्रिक टन धान खरीदा और २४ घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया। साथ ही एक्वा किसानों को १.५० रुपए प्रति यूनिट पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक संघर्षों के प्रभाव के कारण केले और अंडे जैसे कृषि और पोल्ट्री उत्पादों को बाजार में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, और राज्य सरकार वैकल्पिक बाजारों की तलाश कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे कृषि क्षेत्र में स्थिरता आएगी।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम-किसान योजना क्या है?
पीएम-किसान योजना एक सरकारी पहल है, जो छोटे किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
अन्नदाता सुखी भव योजना के तहत किसानों को कितनी सहायता मिलती है?
इस योजना के तहत हर पात्र किसान को सालाना 20,000 रुपए की वित्तीय सहायता मिलती है।
किसान सहायता राशि का ट्रांसफर कब हुआ?
यह ट्रांसफर 13 मार्च को किया गया।
कृषि क्षेत्र में आधुनिकता लाने के लिए सरकार क्या कर रही है?
सरकार ड्रोन तकनीक और ड्रिप इरीगेशन जैसी आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दे रही है।
पोलावरम परियोजना का क्या महत्व है?
पोलावरम परियोजना राज्य की जीवनरेखा मानी जाती है और इसका लक्ष्य सिंचाई के लिए जल स्थिरता सुनिश्चित करना है।
राष्ट्र प्रेस
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