अंकित बालियान हत्याकांड: फरार आर्यन संधू, सत्यम कादयान और राहुल भोलू के घरों से संपत्ति कुर्क
सारांश
मुख्य बातें
शामली पुलिस ने 4 अक्टूबर 2026 को हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड में फरार तीन आरोपियों — शूटर आर्यन संधू, सत्यम कादयान और गोगी गैंग के कथित सरगना राहुल उर्फ भोलू शाहपुरिया — के घरों से न्यायालय के आदेश पर संपत्ति कुर्क की। सीओ जितेंद्र यादव के नेतृत्व में पुलिस की दो टीमें हरियाणा भेजी गईं और लाखों रुपए का सामान जब्त कर शामली वापस लाया गया।
मुख्य घटनाक्रम
यह मामला 26 अगस्त का है, जब शामली शहर के आर्यपुरी इलाके में एक जिम के बाहर हरियाणवी गायक अंकित बालियान को शाम के वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसी रात कथित तौर पर इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के ज़रिए गोगी गैंग की ओर से हत्याकांड की ज़िम्मेदारी लेने का दावा किया गया था।
इसके बाद 31 अगस्त की सुबह शामली पुलिस ने मुठभेड़ में दो शूटर — मोहित और सुमित — को मार गिराया, जो दोनों सोनीपत के रहने वाले थे। फरार बचे तीन आरोपियों पर पुलिस ने प्रत्येक के लिए ₹1 लाख का इनाम घोषित किया।
कुर्की की कार्रवाई
आरोपियों के न मिलने पर पुलिस ने धारा-82 के तहत उनके घरों पर नोटिस चस्पा कर उन्हें भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद अदालत ने संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया।
पुलिस की पहली टीम सोनीपत जिले के मुरथल थाना क्षेत्र स्थित शाहपुर तुर्क में राहुल उर्फ भोलू के घर पहुँची और वहाँ से डबल बेड, सेफ, वॉशिंग मशीन, एसी, संदूक, एलईडी तथा जिम का सामान ज़ब्त किया। दूसरी टीम करनाल के सिटी थाना क्षेत्र के कालंदरी गेट स्थित सोमला जाटान मोहल्ले में आर्यन संधू के घर पहुँची, जहाँ से सेफ, वॉशिंग मशीन, एसी, संदूक, एलईडी और इन्वर्टर-बैटरी समेत अन्य सामान ज़ब्त किया गया।
इसके बाद उसी टीम ने करनाल में ही सत्यम कादयान के घर से सेफ, बेड, जिम का सामान, सोफा और डाइनिंग टेबल ज़ब्त की। तीनों स्थानों से कार्रवाई पूरी कर टीमें शामली लौट आईं।
पुलिस की प्रतिक्रिया
शामली के एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर हत्याकांड के फरार आरोपियों की संपत्ति कुर्क की गई है। उन्होंने कहा, 'फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार जुटी हुई हैं।'
पुलिस के अनुसार आरोपियों की तलाश में पाँच राज्यों में दबिश दी जा रही है, लेकिन अब तक तीनों का सुराग नहीं लग सका है। गौरतलब है कि संगठित अपराध से जुड़े मामलों में संपत्ति कुर्की को फरार आरोपियों पर दबाव बनाने का एक प्रभावी कानूनी हथियार माना जाता है।
मामले का व्यापक संदर्भ
यह मामला उत्तर प्रदेश और हरियाणा में सक्रिय संगठित गैंग नेटवर्क की गंभीरता को रेखांकित करता है। गोगी गैंग पर पहले भी कई राज्यों में हत्या और जबरन वसूली के मामले दर्ज हैं। अंकित बालियान की हत्या ने सोशल मीडिया पर गैंग की कथित सार्वजनिक दावेदारी के कारण विशेष रूप से ध्यान खींचा था।
तीन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक यह मामला अनसुलझा रहेगा, और पुलिस की बहु-राज्यीय खोज जारी है।