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अंतरराष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस 17 अक्टूबर: 1987 से शुरू हुई विरासत, जानें इतिहास और उद्देश्य

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अंतरराष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस 17 अक्टूबर: 1987 से शुरू हुई विरासत, जानें इतिहास और उद्देश्य

सारांश

हर साल 17 अक्टूबर को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस 1987 में पेरिस के ट्रोकाडेरो से उपजा, जब एक लाख से अधिक लोग एकजुट हुए थे। 1992 में संयुक्त राष्ट्र की मान्यता के बाद यह दिन वैश्विक एकजुटता का प्रतीक बन गया।

मुख्य बातें

17 अक्टूबर को प्रतिवर्ष अंतरराष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस मनाया जाता है।
इस दिवस की शुरुआत 17 अक्टूबर 1987 को पेरिस के ट्रोकाडेरो में एक लाख से अधिक लोगों के एकत्रित होने से हुई।
एटीडी फोर्थ वर्ल्ड के संस्थापक जोसेफ व्रेसिंस्की ने उसी दिन एक स्मारक पत्थर का अनावरण किया था।
22 दिसंबर 1992 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रस्ताव 47/196 से 17 अक्टूबर को आधिकारिक दर्जा दिया।
2008 में 17 अक्टूबर की अंतरराष्ट्रीय समिति की स्थापना की गई, जो वार्षिक विषय के चयन में भूमिका निभाती है।

अंतरराष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस प्रत्येक वर्ष 17 अक्टूबर को वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है। इस दिवस का मूल उद्देश्य दुनिया भर में — विशेष रूप से विकासशील देशों में — अत्यधिक निर्धनता को समाप्त करने और गरीब तबके के अधिकारों एवं संघर्षों के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाना है। यह दिन न केवल एक प्रतीकात्मक अवसर है, बल्कि वैश्विक एकजुटता की एक जीवंत अभिव्यक्ति भी है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

इस दिवस की नींव 17 अक्टूबर 1987 को पेरिस के ट्रोकाडेरो में रखी गई, जब एक लाख से अधिक लोग अत्यधिक गरीबी, हिंसा और भुखमरी के शिकार लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्रित हुए। इस ऐतिहासिक जन-समागम में 1948 की मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा के तहत भूख और हिंसा से पीड़ित लोगों के समर्थन में एक सामूहिक आवाज़ उठाई गई।

इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय आंदोलन एटीडी फोर्थ वर्ल्ड के संस्थापक जोसेफ व्रेसिंस्की ने एक स्मारक पत्थर का अनावरण किया, जो गरीबी से जूझ रहे लोगों की स्मृति और उनके संकल्प का प्रतीक बना।

संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक मान्यता

व्रेसिंस्की की मृत्यु के चार वर्ष पश्चात, 22 दिसंबर 1992 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रस्ताव 47/196 पारित कर 17 अक्टूबर को आधिकारिक रूप से 'गरीबी उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस' घोषित किया। तब से प्रत्येक वर्ष विभिन्न पृष्ठभूमियों, मान्यताओं और सामाजिक परिवेशों से आने वाले लोग एक साझा मंच पर एकजुट होते हैं और गरीब तबके के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।

अंतरराष्ट्रीय समिति की भूमिका

इस दिवस को उसके मूल सिद्धांतों के अनुरूप आगे बढ़ाने के लिए 2008 में 17 अक्टूबर की अंतरराष्ट्रीय समिति की स्थापना की गई। इस समिति में वे लोग शामिल हैं जिन्होंने अत्यधिक गरीबी को प्रत्यक्ष रूप से भोगा है, साथ ही गरीबी उन्मूलन की लड़ाई में सक्रिय मानवाधिकार रक्षक भी इसका हिस्सा हैं।

प्रत्येक वर्ष यह समिति 'गरीबी पर काबू पाने के मंच' के ज़रिए एक परामर्श प्रक्रिया में भाग लेती है। इस प्रक्रिया में गरीबी का प्रत्यक्ष अनुभव रखने वाले लोगों से सुझाव लेकर संयुक्त राष्ट्र द्वारा वार्षिक आयोजन के लिए एक केंद्रीय विषय का चयन किया जाता है।

दिवस का मूल उद्देश्य और महत्त्व

यह दिवस गरीब लोगों के प्रयासों और जीवन-संघर्षों को सार्वजनिक स्वीकृति देने का एक महत्त्वपूर्ण अवसर है। यह उन्हें अपनी चिंताओं और अनुभवों को वैश्विक मंच पर रखने का अधिकार देता है। गौरतलब है कि इस दिवस का मूल संदेश यह है कि गरीबी के खिलाफ असली लड़ाई में गरीब लोग स्वयं सबसे अग्रणी भूमिका निभाते हैं — वे मात्र सहायता के पात्र नहीं, बल्कि परिवर्तन के सूत्रधार हैं।

यह दिवस हमें याद दिलाता है कि वैश्विक असमानता और निर्धनता से मुक्ति केवल नीतियों से नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक इच्छाशक्ति और एकजुटता से संभव है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस मूल सिद्धांत में है जो गरीबों को समाधान का हिस्सा मानता है — केवल सहायता का लक्ष्य नहीं। फिर भी, तीन दशक बाद भी वैश्विक निर्धनता के आँकड़े चिंताजनक बने हुए हैं, जो यह सवाल उठाते हैं कि क्या जागरूकता अभियान नीतिगत बदलाव में तब्दील हो पा रहे हैं। भारत जैसे देश में, जहाँ करोड़ों लोग अभी भी बहुआयामी गरीबी से जूझ रहे हैं, यह दिन केवल स्मरण का नहीं — जवाबदेही का भी होना चाहिए।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंतरराष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस क्या है?
यह प्रत्येक वर्ष 17 अक्टूबर को मनाया जाने वाला संयुक्त राष्ट्र-मान्यता प्राप्त दिवस है, जिसका उद्देश्य दुनिया भर में गरीबी उन्मूलन के प्रति जागरूकता फैलाना और निर्धन लोगों के संघर्षों को वैश्विक मान्यता देना है। इसे 22 दिसंबर 1992 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव 47/196 द्वारा आधिकारिक घोषित किया गया था।
इस दिवस की शुरुआत कब और कहाँ हुई?
इस दिवस की शुरुआत 17 अक्टूबर 1987 को फ्रांस की राजधानी पेरिस के ट्रोकाडेरो में हुई, जब एक लाख से अधिक लोग अत्यधिक गरीबी, हिंसा और भुखमरी के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्रित हुए थे। उसी दिन एटीडी फोर्थ वर्ल्ड के संस्थापक जोसेफ व्रेसिंस्की ने एक स्मारक पत्थर का अनावरण किया था।
संयुक्त राष्ट्र ने इसे आधिकारिक दर्जा कब दिया?
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 22 दिसंबर 1992 को प्रस्ताव 47/196 पारित कर 17 अक्टूबर को 'गरीबी उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस' के रूप में आधिकारिक मान्यता दी। यह निर्णय जोसेफ व्रेसिंस्की की मृत्यु के चार वर्ष बाद आया।
17 अक्टूबर की अंतरराष्ट्रीय समिति क्या करती है?
2008 में स्थापित यह समिति प्रतिवर्ष 'गरीबी पर काबू पाने के मंच' के माध्यम से एक परामर्श प्रक्रिया चलाती है। इसमें गरीबी का प्रत्यक्ष अनुभव रखने वाले लोग और मानवाधिकार रक्षक शामिल होते हैं, जो संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक आयोजन के लिए केंद्रीय विषय का चयन करते हैं।
इस दिवस का गरीब लोगों के लिए क्या महत्त्व है?
यह दिवस गरीब लोगों को उनके संघर्षों और अनुभवों को वैश्विक मंच पर रखने का अवसर देता है। इसका मूल संदेश है कि गरीबी उन्मूलन की लड़ाई में स्वयं गरीब लोग सबसे आगे हैं और वे केवल सहायता के पात्र नहीं, बल्कि परिवर्तन के सूत्रधार हैं।
राष्ट्र प्रेस
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