आर्टेमिस 2 मिशन: चांद की ओर उड़ान भरने वाले चार एस्ट्रोनॉट्स की कहानी

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आर्टेमिस 2 मिशन: चांद की ओर उड़ान भरने वाले चार एस्ट्रोनॉट्स की कहानी

सारांश

नासा का आर्टेमिस 2 मिशन चांद के चारों ओर मानवयुक्त उड़ान भरने के लिए तैयार है। इस मिशन में चार एस्ट्रोनॉट्स शामिल हैं, जो लगभग 10 दिनों में पृथ्वी पर लौटेंगे। जानिए, उनके बारे में और क्या खास है।

Key Takeaways

  • आर्टेमिस 2 मिशन चांद के चारों ओर पहला मानवयुक्त मिशन है।
  • चार एस्ट्रोनॉट्स लगभग 10 दिनों में पृथ्वी लौटेंगे।
  • यह मिशन भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए आधार तैयार करेगा।
  • कमांडर रीड वाइसमैन, अनुभवी एस्ट्रोनॉट हैं।
  • पायलट विक्टर जे. ग्लोवर ने पहले भी अंतरिक्ष में उड़ान भरी है।

नई दिल्ली, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का ऐतिहासिक आर्टेमिस 2 मिशन गुरुवार को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से सफलतापूर्वक लॉन्च हुआ है। यह 1972 में अपोलो 17 के बाद चांद के चारों ओर भेजा गया पहला मानवयुक्त मिशन है। इस मिशन में चार एस्ट्रोनॉट्स चांद की परिक्रमा कर लगभग 10 दिनों में पृथ्वी पर लौटेंगे।

यह मिशन चांद पर दीर्घकालिक मानव उपस्थिति और भविष्य के कई मिशनों की आधारशिला रखेगा। चांद की परिक्रमा करने वाले चार एस्ट्रोनॉट्स में कमांडर रीड वाइसमैन, पायलट विक्टर जे. ग्लोवर, मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना हैमक कोच और मिशन स्पेशलिस्ट जेरेमी हैनसेन शामिल हैं।

मिशन के कमांडर रीड वाइसमैन नासा के अनुभवी एस्ट्रोनॉट हैं। उन्हें 2009 में नासा के अंतरिक्ष यात्री दल में शामिल किया गया था। वे बाल्टीमोर के निवासी हैं और रेनसेलर पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट से इंजीनियरिंग में स्नातक हैं। उन्होंने जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी से सिस्टम इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। रीड ने एनईईएमओ21 मिशन का नेतृत्व किया था और फ्लाइट टेस्ट इंजीनियरिंग में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है। आर्टेमिस 2 में कमांडर के तौर पर वे पूरे मिशन का मार्गदर्शन करेंगे।

पायलट विक्टर जे. ग्लोवर कैलिफोर्निया के निवासी हैं। उन्हें 2013 में नासा के अंतरिक्ष यात्री दल में शामिल किया गया। वे एक अनुभवी नौसेना पायलट हैं और एफ/ए -18 हॉर्नेट, सुपर हॉर्नेट और ईए-18जी ग्रोवलर जैसे विमानों को उड़ाने का व्यापक अनुभव रखते हैं। ग्लोवर ने स्पेसएक्स क्रू-1 मिशन में पायलट के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर 168 दिन बिताए थे और उन्होंने 4 स्पेसवॉक भी किए हैं। आर्टेमिस 2 में वे पायलट की भूमिका निभाएंगे।

मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना हैमक कोच नॉर्थ कैरोलिना से हैं। उन्हें 2013 में नासा का एस्ट्रोनॉट बनाया गया। उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और भौतिकी में डिग्री प्राप्त की है। क्रिस्टीना ने स्पेस में 328 दिन रहने का रिकॉर्ड बनाया है और उन्होंने 6 स्पेसवॉक किए हैं। उन्होंने आईएसएस पर कई वैज्ञानिक प्रयोगों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आर्टेमिस 2 में वे मिशन स्पेशलिस्ट के रूप में कार्य करेंगी।

जेरेमी हैनसेन भी मिशन स्पेशलिस्ट हैं। जेरेमी कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी (सीएसए) के एस्ट्रोनॉट हैं। वे ओंटारियो, कनाडा के निवासी हैं और रॉयल मिलिट्री कॉलेज ऑफ कनाडा से स्पेस साइंस में डिग्री प्राप्त की है। वह चांद पर जाने वाले पहले कनाडाई एस्ट्रोनॉट हैं और उन्होंने कनाडाई एयर फोर्स में सेवा की है। आर्टेमिस 2 में वे मिशन स्पेशलिस्ट का कार्य करेंगे।

Point of View

बल्कि यह मानवता के लिए चांद पर दीर्घकालिक उपस्थिति के रास्ते को प्रशस्त करता है। यह मिशन भविष्य के कई अंतरिक्ष अभियानों के लिए भी आधार तैयार करेगा।
NationPress
07/04/2026

Frequently Asked Questions

आर्टेमिस 2 मिशन का उद्देश्य क्या है?
आर्टेमिस 2 मिशन का उद्देश्य चांद के चारों ओर मानवयुक्त उड़ान भरना और चांद पर दीर्घकालिक मानव उपस्थिति की नींव रखना है।
इस मिशन में कौन-कौन से एस्ट्रोनॉट्स शामिल हैं?
इस मिशन में चार एस्ट्रोनॉट्स शामिल हैं: रीड वाइसमैन, विक्टर जे. ग्लोवर, क्रिस्टीना हैमक कोच, और जेरेमी हैनसेन।
इस मिशन की अवधि कितनी है?
यह मिशन लगभग 10 दिनों का है, जिसमें एस्ट्रोनॉट्स चांद की परिक्रमा करेंगे।
आर्टेमिस 2 मिशन का महत्व क्या है?
आर्टेमिस 2 मिशन चांद पर मानव उपस्थिति को स्थायी बनाने और भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
क्या यह मिशन सुरक्षित है?
हां, नासा की सभी उड़ानें उच्चतम सुरक्षा मानकों के अनुसार तैयार की जाती हैं।
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