आर्टेमिस II: सूर्य ग्रहण के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने पहने विशेष 'सोलर व्यूइंग ग्लासेज', जानें क्यों है ये जरूरी
सारांश
Key Takeaways
- आंखों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
- सूर्य ग्रहण के लिए सोलर व्यूइंग ग्लासेज का उपयोग करें।
- सामान्य धूप के चश्मे से नहीं देखें।
- बच्चों पर हमेशा ध्यान रखें।
- पिनहोल प्रोजेक्टर विधि से भी देख सकते हैं।
नई दिल्ली, ८ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ग्रहण एक अद्भुत प्राकृतिक घटना है, और इसे पृथ्वी या अंतरिक्ष से देखना खास होता है। हालांकि, आंखों की सुरक्षा सर्वोपरि है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने हाल ही में आर्टेमिस II मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा सूर्य ग्रहण देखने के अनुभव को साझा किया और सोलर व्यूइंग ग्लासेज की महत्वपूर्णता पर जोर दिया।
आर्टेमिस II के चार अंतरिक्ष यात्री, क्रिस्टीना कोच, जेरेमी हैनसन, रीड वाइजमैन और विक्टर ग्लोवर ने ओरियन स्पेसक्राफ्ट से सूर्य ग्रहण का अवलोकन किया। उन्होंने सूर्य ग्रहण के आंशिक चरणों में विशेष सोलर एक्लिप्स ग्लासेज पहने, ताकि उनकी आंखों को कोई नुकसान न पहुंचे। पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से ढक लेता है। उस क्षण को छोड़कर, बाकी समय सूर्य को सीधे देखना बेहद खतरनाक होता है।
नासा के अनुसार, सूर्य के चमकीले हिस्से को बिना सुरक्षा के देखना आंखों को तुरंत गंभीर और स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए, ग्रहण देखने के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए सोलर व्यूइंग ग्लासेज या हैंडहेल्ड सोलर व्यूअर का उपयोग करना आवश्यक है। ये सोलर एक्लिप्स ग्लासेज सामान्य धूप के चश्मों से पूरी तरह अलग होते हैं। ये हजारों गुना अधिक गहरे होते हैं और आईएसओ 12312-2 अंतरराष्ट्रीय मानक का पालन करते हैं। नासा किसी विशेष ब्रांड को मंजूरी नहीं देता, लेकिन केवल सही मानक वाले चश्मे ही सुरक्षित माने जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि आंशिक और वलयाकार ग्रहण के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए। आंशिक या वलयाकार सूर्य ग्रहण में पूर्णता का क्षण नहीं आता, इसलिए पूरे समय सोलर व्यूइंग ग्लासेज पहनकर देखना चाहिए। अगर चश्मे में कोई खरोंच या खराबी है, तो उन्हें तुरंत नष्ट कर दें। बच्चों पर हमेशा ध्यान रखें।
साथ ही, सोलर ग्लासेज पहने हुए कैमरे, दूरबीन, टेलीस्कोप या किसी अन्य ऑप्टिकल उपकरण से सूर्य को देखना नहीं चाहिए। इससे फ़िल्टर जल सकता है और आंखों को भारी नुकसान हो सकता है। ऑप्टिकल उपकरणों के लिए अलग से विशेष सोलर फ़िल्टर लगाना अनिवार्य है, जो उपकरण के सामने होना चाहिए। यदि सोलर ग्लासेज उपलब्ध नहीं हैं, तो अप्रत्यक्ष तरीके से देखने के लिए पिनहोल प्रोजेक्टर विधि सबसे आसान है। इसके लिए एक कार्डबोर्ड बॉक्स, सफेद कागज, एल्युमिनियम फ़ॉयल का उपयोग करके सूर्य की छवि को दीवार या कागज पर प्रक्षिप्त किया जा सकता है। सूर्य को अपनी पीठ की ओर रखें और छेद से आने वाली रोशनी को देखें।