15 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या आप जानते हैं अरुण वर्मा के बारे में, संजय दत्त का 'खलनायक' दोस्त और सलमान की 'किक' का यादगार चेहरा?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या आप जानते हैं अरुण वर्मा के बारे में, संजय दत्त का 'खलनायक' दोस्त और सलमान की 'किक' का यादगार चेहरा?

सारांश

अरुण वर्मा, एक शानदार अभिनेता, जिनका करियर 1987 में 'डकैत' फिल्म से शुरू हुआ। भोपाल की तहजीब उनके अभिनय में झलकती थी। उन्होंने 'खलनायक' और 'किक' जैसी फिल्मों में अपनी छाप छोड़ी। उनकी अदाकारी और संवाद अदायगी ने उन्हें दर्शकों का प्रिय बना दिया। जानें उनके जीवन और करियर के बारे में।

मुख्य बातें

अरुण वर्मा का करियर 1987 में शुरू हुआ था।
वे मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के निवासी थे।
उन्होंने कई प्रमुख फिल्म प्रोजेक्ट्स में काम किया।
उनकी अदाकारी में 'आम आदमी' की जीवंतता थी।
उनका निधन 20 जनवरी 2022 को हुआ।

मुंबई, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वर्ष 1987 में मुंबई के एक सिनेमा हॉल में फिल्म ‘डकैत’ प्रदर्शित हो रही थी। पर्दे पर सनी देओल का क्रोध उभर रहा था, लेकिन धूल भरी गलियों और बीहड़ों के बीच एक नया चेहरा उभरा। वह चेहरा था अरुण वर्मा, जिसकी आंखों में भोपाल की संस्कृति और लहजे में मिट्टी की सुगंध थी।

कम ही लोग जानते हैं कि जिस वर्ष अरुण वर्मा ने ‘डकैत’ से अपने करियर की शुरुआत की, उसी वर्ष अनिल कपूर की फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ ने धूम मचाई थी, जिसमें नायक का नाम भी ‘अरुण वर्मा’ था। यह महज एक संयोग नहीं, बल्कि प्रकृति का संकेत था कि एक 'सच्चा' अरुण वर्मा हिंदी सिनेमा के महत्वपूर्ण स्तंभों में अपनी पहचान बनाने वाला है।

अरुण वर्मा का जन्म 1960 में हुआ था। वे केवल एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि एक जज्बात थे। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की गलियों में पले-बढ़े अरुण के भीतर एक कवि और अदाकार ने साथ-साथ जीवन बिताया। भोपाल अपनी साहित्यिक धरोहर के लिए भी प्रसिद्ध है। इस शहर ने उन्हें संवादों की वह लय दी, जो अक्सर बड़े-बड़े अभिनेताओं के पास नहीं होती। जब वे बोलते थे, तो शब्दों के पीछे का दर्द और हास्य दोनों स्पष्ट झलकते थे। मुंबई की चकाचौंध में भी उन्होंने कभी अपनी जड़ों को नहीं छोड़ा, शायद इसलिए उनकी हर भूमिका में 'आम आदमी' की जीवंतता होती थी।

अरुण वर्मा उन गिने-चुने कलाकारों में से थे, जिन पर फिल्म उद्योग के दिग्गजों ने हमेशा भरोसा किया। राज कपूर का ड्रीम प्रोजेक्ट ‘हिना’ हो या सुभाष घई की ब्लॉकबस्टर ‘खलनायक’, अरुण वर्मा हर बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा बने। संजय दत्त, माधुरी दीक्षित और ऋषि कपूर जैसे सितारों के बीच अपनी छोटी लेकिन प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराना उनकी काबिलियत का सबसे बड़ा प्रमाण था।

1990 के दशक की मसाला फिल्मों से लेकर 2000 के दशक की हाई-ऑक्टेन कॉमेडी तक, उनका सफर लाजवाब रहा। सलमान खान के साथ उनकी केमिस्ट्री विशेष थी। ‘मुझसे शादी करोगी’ में उनकी कॉमिक टाइमिंग ने दर्शकों को हंसने पर मजबूर किया, वहीं 2014 की मेगा-हिट ‘किक’ ने उन्हें नई पीढ़ी के दर्शकों का चहेता बना दिया।

एक चरित्र अभिनेता का जीवन अक्सर एक रोलर-कोस्टर की तरह होता है। अरुण वर्मा ने जहां 200 करोड़ रुपये कमाने वाली ‘किक’ में काम किया, वहीं वे ‘ब्यूटी विद ब्रेन’ जैसी छोटी बजट की फिल्मों का हिस्सा बनने से भी नहीं हिचके। उनके लिए कैमरा ही उनकी दुनिया थी।

बॉलीवुड अभिनेता अरुण वर्मा का 20 जनवरी 2022 को निधन हो गया। वे भोपाल के एक अस्पताल में भर्ती थे, जहां उनके दिमाग और फेफड़ों में ब्लॉकेज उपचार चल रहा था।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि छोटे बजट की फिल्मों में भी महत्वपूर्ण रहा। उनकी अदाकारी ने उन्हें दर्शकों के दिलों में एक स्थायी स्थान दिलाया।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरुण वर्मा का जन्म कब हुआ?
अरुण वर्मा का जन्म 1960 में हुआ।
उनकी सबसे प्रसिद्ध फिल्म कौन सी है?
उनकी सबसे प्रसिद्ध फिल्म ‘खलनायक’ है।
अरुण वर्मा का निधन कब हुआ?
उनका निधन 20 जनवरी 2022 को हुआ।
क्या वे केवल एक अभिनेता थे?
नहीं, वे एक जज्बात थे और एक अद्भुत कलाकार थे।
उनकी फिल्म ‘किक’ का क्या महत्व है?
फिल्म ‘किक’ ने उन्हें नई पीढ़ी के दर्शकों में लोकप्रियता दिलाई।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले