तेलंगाना: 130 माओवादी कैडर ने मुख्यधारा में लौटने का लिया फैसला, सीएम के समक्ष किया सरेंडर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तेलंगाना: 130 माओवादी कैडर ने मुख्यधारा में लौटने का लिया फैसला, सीएम के समक्ष किया सरेंडर

सारांश

तेलंगाना में 130 माओवादी कैडरों ने सीएम रेवंत रेड्डी की अपील पर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। उन्होंने 124 हथियार और 5205 कारतूस समर्पित किए हैं। यह कदम नक्सली हिंसा को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्य बातें

130 माओवादी कैडर ने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
124 हथियार और 5205 कारतूस समर्पित किए गए।
यह कदम नक्सली हिंसा को समाप्त करने में सहायक होगा।
सरकार द्वारा पुनर्वास और वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
सीपीआई माओवादी की लड़ाकू क्षमता में कमी आई है।

हैदराबाद, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की अपील के फलस्वरूप 130 सीपीआई (माओवादी) कैडर ने मुख्यधारा में वापसी की। इस अवसर पर इन कैडरों ने 124 हथियार और 5205 जिंदा कारतूस समर्पित किए। यह हाल के वर्षों में पीएलजीए द्वारा जमा किए गए हथियारों की गुणवत्ता और संख्या के मामले में सबसे बड़ी खेप मानी जा रही है।

माओवादी नक्सलियों ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की उपस्थिति में अपने पीपुल्स लिबरेशन गोरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) के साथ मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। इस दौरान कुल मिलाकर 134 हथियार और कई जिंदा कारतूस समर्पित किए गए, जिनमें 31 एके-47 राइफलें शामिल थीं।

एओबी के प्रमुख नेता चलसानी नवाथा ने भी हथियारों का समर्पण किया। इस कदम से माओवादी संगठन की लड़ाकू क्षमता में कमी आई है और क्षेत्र में लंबे समय से चल रही नक्सली हिंसा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सरेंडर किए गए हथियारों और कैडरों के लिए राज्य सरकार द्वारा पुनर्वास और वित्तीय सहायता दी जाएगी।

माओवादियों ने इस दौरान 124 हथियार, 222 मैगजीन और 5205 कारतूस जमा किए हैं। सीपीआई (माओवादी) कैडरों का यह समर्पण मुख्यमंत्री की 21 अक्टूबर 2025 को की गई अपील के बाद हुआ, जिसमें उन्होंने हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने और राज्य और समाज के विकास में योगदान देने का आग्रह किया था।

कैडरों ने कहा कि यह निर्णय अपनी भलाई, परिवार और व्यक्तिगत सम्मान को प्राथमिकता देने तथा शांतिपूर्ण और कानून का पालन करने वाला जीवन अपनाने के लिए लिया गया। तेलंगाना सरकार की पुनर्वास नीति के तहत कैडरों को वित्तीय मदद मिलेगी।

तेलंगाना पुलिस के डीजीपी ने विशेष खुफिया शाखा की मेहनत की सराहना की। इस कदम से तेलंगाना में पीएलजीए की लड़ाकू क्षमता कमजोर हुई है और क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही नक्सली हिंसा पर गंभीर असर पड़ा है।

सीपीआई माओवादी की सबसे महत्वपूर्ण पीपुल्स लिबरेशन गोरिल्ला आर्मी अब पूरी तरह समाप्त हो गई है। यह कदम माओवादी आंदोलन के लिए एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है और राज्य में शांति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री की पहल का स्वागत किया जाना चाहिए, जो हिंसा को समाप्त करने के लिए एक ठोस प्रयास है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

130 माओवादी कैडरों ने मुख्यधारा में क्यों शामिल होने का निर्णय लिया?
उन्होंने मुख्यमंत्री की अपील पर अपना हिंसा से दूर रहने और मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
इन माओवादी कैडरों ने कितने हथियार समर्पित किए?
उन्होंने कुल 124 हथियार और 5205 जिंदा कारतूस समर्पित किए।
सरकार इन कैडरों के लिए क्या सहायता प्रदान करेगी?
राज्य सरकार द्वारा इन कैडरों को पुनर्वास और वित्तीय सहायता दी जाएगी।
यह कदम नक्सली हिंसा पर क्या प्रभाव डालेगा?
इस कदम से क्षेत्र में नक्सली हिंसा में कमी आने की संभावना है।
सीपीआई माओवादी का क्या भविष्य है?
सीपीआई माओवादी की पीपुल्स लिबरेशन गोरिल्ला आर्मी अब पूरी तरह समाप्त हो गई है, जिससे माओवादी आंदोलन को बड़ा नुकसान हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले