क्या तेलंगाना के मुलुगु जिले में 7 माओवादी आत्मसमर्पण कर रहे हैं?

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क्या तेलंगाना के मुलुगु जिले में 7 माओवादी आत्मसमर्पण कर रहे हैं?

सारांश

तेलंगाना के मुलुगु जिले में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। सात माओवादी सदस्यों ने आत्मसमर्पण किया, जिसमें चार महिलाएं भी शामिल हैं। जानें इसके पीछे की कहानी और हालात।

Key Takeaways

  • मुलुगु जिले में माओवादी आत्मसमर्पण की संख्या बढ़ रही है।
  • सरकार की पुनर्वास योजनाओं से माओवादी हिंसा में कमी आ रही है।
  • आत्मसमर्पण करने वालों में महिलाएं भी शामिल हैं।
  • पुलिस और सरकार की योजनाएं सकारात्मक परिणाम दे रही हैं।

मुलुगु, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना के मुलुगु जिले में माओवादी गतिविधियों पर नियंत्रण पाने में पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। प्रतिबंधित माओवादी संगठन सीपीआई (माओवादी) से जुड़े सात सदस्यों ने शनिवार को मुलुगु जिले के पुलिस अधीक्षक डॉ. शबरिश पी, आईपीएस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वालों में चार महिलाएं भी शामिल हैं।

आत्मसमर्पण से पहले, इन सभी ने जिले में चलाए जा रहे संयुक्त जागरूकता अभियान के माध्यम से सरकार की पुनर्वास योजनाओं और शांतिपूर्ण जीवन जीने के विकल्पों का ज्ञान प्राप्त किया। यह अभियान मुलुगु जिला पुलिस और सीआरपीएफ बटालियन के अधिकारियों द्वारा संचालित किया जा रहा है।

आत्मसमर्पण करने वालों में एक एरिया कमेटी का सदस्य, तीन पार्टी सदस्य, एक पुजारिकांकर आरपीसी अध्यक्ष, एक मिलिशिया सदस्य और एक चैतन्य नाट्य मंडली का सदस्य शामिल है।

पुलिस अधीक्षक डॉ. शबरिश पी. ने बताया कि जनवरी 2025 से अब तक केवल मुलुगु जिले में 80 माओवादी अपने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं।

इनमें 03 डिवीजनल कमेटी सदस्य, 11 एरिया कमेटी सदस्य, 25 पार्टी सदस्य, 29 मिलिशिया सदस्य, 3 आरपीसी सदस्य, 2 डीएकेएम/केएएमएस सदस्य और 7 सीएनएम सदस्य शामिल हैं।

सभी आत्मसमर्पण करने वालों को तेलंगाना सरकार द्वारा निर्धारित पुनर्वास योजनाओं के तहत सहायता प्रदान की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अब माओवादी संगठन की स्थिति धीरे-धीरे कमजोर होती जा रही है। ऊपरी नेतृत्व के भ्रष्टाचार और दुर्व्यवहार से नाराज निचले स्तर के कैडर अब संगठन से मोहभंग महसूस कर रहे हैं और अपने परिवार के साथ शांति से जीवन बिताने के लिए हिंसा का रास्ता छोड़ रहे हैं।

डॉ. शबरिश ने कहा कि हमें खुशी है कि माओवादी हिंसा छोड़कर समाज में लौट रहे हैं। सरकार और पुलिस की योजनाएं रंग ला रही हैं। हमारा उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था नहीं, बल्कि लोगों का जीवन बेहतर बनाना भी है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि माओवादी संगठन की सूरत अब बदल रही है। आत्मसमर्पण करने वालों की संख्या में वृद्धि यह दर्शाती है कि लोग अब हिंसा और आतंक के रास्ते को छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होना चाह रहे हैं। यह सरकार और पुलिस की रणनीतियों का सकारात्मक परिणाम है।
NationPress
31/08/2025

Frequently Asked Questions

तेलंगाना के मुलुगु जिले में कितने माओवादी आत्मसमर्पण किए?
तेलंगाना के मुलुगु जिले में कुल 7 माओवादी आत्मसमर्पण किए हैं।
आत्मसमर्पण करने वालों में कितनी महिलाएं शामिल थीं?
आत्मसमर्पण करने वालों में 4 महिलाएं शामिल थीं।
आत्मसमर्पण के पीछे कारण क्या हैं?
आत्मसमर्पण के पीछे जागरूकता अभियान और सरकार की पुनर्वास योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करना है।