कांकेर में 8 लाख के इनामी माओवादी ने आत्मसमर्पण किया, लौटे मुख्यधारा में
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कांकेर, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में माओवादी आत्मसमर्पण की प्रक्रिया जारी है। पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने जानकारी दी कि हाल के दिनों में कई माओवादी संगठन से जुड़े सदस्य हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय ले रहे हैं। इसी कड़ी में एक और माओवादी ने सोमवार को आत्मसमर्पण किया है।
पुलिस के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी की पहचान पीपीसीएम दारसु शोरी के रूप में हुई है, जिस पर आठ लाख रुपए का इनाम था। दारसु शोरी उत्तर बस्तर डिवीजन समिति और पीएलजीए कंपनी क्रमांक 05 से जुड़ा हुआ था। उसने पुलिस के सामने एके47 राइफल के साथ आत्मसमर्पण किया, जो उसके संगठन में उसकी सक्रियता को दर्शाता है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दारसु शोरी से प्राप्त जानकारी के आधार पर इलाके में सक्रिय अन्य माओवादियों से संपर्क करने का प्रयास तेज कर दिया गया है। पुलिस का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हों और सामान्य जीवन व्यतीत कर सकें।
इस बीच, बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पट्टलिंगम ने इस आत्मसमर्पण का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में कई माओवादी संगठन छोड़कर समाज में लौटे हैं, जो एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने अन्य बचे माओवादियों से भी अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास और शांति की दिशा में आगे बढ़ें।
पुलिस महानिरीक्षक ने स्पष्ट किया कि जो माओवादी आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में आना चाहते हैं, उनके लिए सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऐसे लोगों को नई शुरुआत का अवसर दिया जाएगा, ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग अब भी हिंसा का रास्ता चुनेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कांकेर और आसपास के क्षेत्रों में माओवादियों के आत्मसमर्पण की बढ़ती संख्या सुरक्षा बलों की महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है, जिससे क्षेत्र में शांति और विकास की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।