छत्तीसगढ़ में माओवादी कैडरों ने मुख्यधारा में लौटने का लिया फैसला, डीजीपी ने किया स्वागत

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छत्तीसगढ़ में माओवादी कैडरों ने मुख्यधारा में लौटने का लिया फैसला, डीजीपी ने किया स्वागत

सारांश

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में माओवादी कैडरों का आत्मसमर्पण जारी है। डीजीपी ने मुख्यधारा में लौटने वाले इन कैडरों का स्वागत किया और पुनर्वास नीति के तहत सहायता का आश्वासन दिया।

Key Takeaways

  • छत्तीसगढ़ में तीन माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया।
  • डीजीपी ने मुख्यधारा में लौटने का स्वागत किया।
  • पुनर्वास नीति के तहत मदद का आश्वासन दिया गया।
  • पुलिस को आत्मसमर्पण करने वालों से अन्य कैडरों तक पहुंचने में सहायता मिली।
  • मौजूदा प्रयास माओवादी नेटवर्क को कमजोर करने में मदद कर रहे हैं।

रायपुर, २६ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में माओवादी गतिविधियों का आत्मसमर्पण जारी है। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओइस्ट) की उत्तर बस्तर डिवीजन कमेटी के डिविजनल कमेटी सदस्य (डीवीसीएम) मल्लेश और पार्टी सदस्य रानू पोडियाम ने कांकेर पुलिस और बीएसएफ के समक्ष आत्मसमर्पण किया।

उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया और पुनर्वास के लिए मदद मांगी। इसके बाद, २५ फरवरी को एक अन्य महिला माओवादी कैडर मासे ने भी एके-४७ राइफल के साथ आत्मसमर्पण किया। मासे ने मल्लेश और रानू पोडियाम द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर तथा स्थानीय समाज के वरिष्ठ सदस्यों और मीडिया की सहायता से पुलिस से संपर्क किया और हथियार सौंपा।

कांकेर के पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने कहा कि क्षेत्र में सक्रिय अन्य माओवादी कैडरों से भी संपर्क साधा जा रहा है। उन्हें मुख्यधारा में लाने के प्रयास निरंतर चल रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले सदस्यों की जानकारी से पुलिस को अन्य कैडरों तक पहुंचने में सहायता मिल रही है।

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पट्टलिंगम ने इन तीनों के हिंसा छोड़ने के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि माओवादी कैडर अब शांतिपूर्ण जीवन अपनाएं। जो भी कैडर मुख्यधारा में आना चाहते हैं, उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के अंतर्गत हर संभव सहायता दी जाएगी, जिसमें आर्थिक मदद, रोजगार, शिक्षा और परिवार की सुरक्षा जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

डीवीसीएम मल्लेश, रानू पोडियाम और मासे का औपचारिक हथियार सुपुर्दगी तथा सामाजिक पुनर्वास की प्रक्रिया जल्द ही आयोजित की जाएगी। उत्तर बस्तर में माओवादियों के नेटवर्क पर पुलिस और बीएसएफ के प्रयासों का सकारात्मक असर पड़ रहा है, जिससे कई कैडर हिंसा छोड़कर सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं।

Point of View

जो सुरक्षा और विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
NationPress
26/02/2026

Frequently Asked Questions

किस क्षेत्र में माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया?
माओवादी कैडरों ने छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में आत्मसमर्पण किया।
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कौन-कौन हैं?
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी मल्लेश, रानू पोडियाम और मासे हैं।
डीजीपी ने क्या कहा?
डीजीपी ने माओवादी कैडरों के हिंसा छोड़ने के फैसले का स्वागत किया और पुनर्वास नीति के तहत मदद का आश्वासन दिया।
पुलिस को आत्मसमर्पण करने वालों से क्या सहायता मिली?
पुलिस को आत्मसमर्पण करने वालों की जानकारी से अन्य सक्रिय माओवादियों तक पहुंचने में मदद मिली।
माओवादी कैडरों के पुनर्वास में क्या सुविधाएं शामिल हैं?
पुनर्वास में आर्थिक सहायता, रोजगार, शिक्षा और परिवार की सुरक्षा जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
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