नोएडा हिंसा: 700 से अधिक गिरफ्तारी, साजिश की जांच तेज
सारांश
Key Takeaways
- नोएडा में 700 से अधिक गिरफ्तारी हुई है।
- पुलिस ने साजिश की जांच तेज कर दी है।
- सोशल मीडिया का उपयोग उपद्रव के लिए किया गया।
- सीसीटीवी फुटेज से पहचान की जा रही है।
- पुलिस ने शांति बनाए रखने की अपील की है।
नोएडा, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हाल ही में नोएडा में हुई हिंसक घटनाओं के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाना शुरू कर दिया है। कानून-व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस ने विभिन्न थानों में 12 से अधिक एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें से 700 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, और कई अन्य आरोपियों की पहचान के लिए तलाश जारी है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह घटनाएं सिर्फ अनियोजित हिंसा नहीं थीं, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित साजिश का संकेत भी मिल रहा है। इसी के तहत, पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए साजिश के एंगल पर गहन जांच प्रारंभ कर दी है। जांच टीमों ने कई स्थानों से सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज एकत्र की हैं, जिनकी मदद से उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, कई उपद्रवी घटनास्थल पर नकाब पहनकर आए थे ताकि उनकी पहचान न हो सके। ऐसे लोगों की पहचान के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई हैं, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है। यह भी सामने आया है कि उपद्रव फैलाने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग किया गया।
पुलिस को कई व्हाट्सएप ग्रुप, चैट्स और ऑडियो क्लिप मिली हैं, जिनमें लोगों को भड़काने और एकत्रित होने के निर्देश दिए गए थे। इन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस साजिशकर्ताओं तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। इसके अलावा, कुछ आरोपियों के पास से पेट्रोल से भरी बोतलें भी बरामद हुई हैं, जो इस बात का संकेत देती हैं कि हिंसा को बढ़ाने की योजना बनाई गई थी।
पुलिस का कहना है कि मुख्य साजिशकर्ता की पहचान कर ली गई है और उसे जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, आम जनता से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।