दंतेवाड़ा में पांच माओवादी कार्यकर्ताओं ने किया आत्मसमर्पण, चार महिलाएं शामिल

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दंतेवाड़ा में पांच माओवादी कार्यकर्ताओं ने किया आत्मसमर्पण, चार महिलाएं शामिल

सारांश

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में पांच माओवादी कार्यकर्ताओं ने आत्मसमर्पण किया, जिसमें चार महिलाएं भी शामिल हैं। यह आत्मसमर्पण 'पुना मारगेम' पहल के तहत हुआ, जिसका उद्देश्य पूर्व उग्रवादियों का पुनर्वास और मुख्यधारा में शामिल करना है।

Key Takeaways

  • पांच माओवादी कार्यकर्ताओं ने आत्मसमर्पण किया।
  • चार महिलाएं भी शामिल थीं।
  • आत्मसमर्पण 'पुना मारगेम' पहल के तहत हुआ।
  • सुरक्षा बलों ने 40 घातक हथियार बरामद किए।
  • 2024 की शुरुआत से 607 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया है।

रायपुर/दंतेवाड़ा, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी से जुड़े पांच माओवादी कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में चार महिलाएं भी हैं।

यह आत्मसमर्पण समारोह कारली स्थित पुलिस लाइंस में 'पुना मारगेम' पहल के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य पूर्व उग्रवादियों का पुनर्वास और मुख्यधारा में समाहित करना है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि माओवादी संगठन की घटती ताकत और निरर्थकता का हवाला देते हुए कार्यकर्ताओं ने हथियार डाल दिए और सामाजिक मुख्यधारा में लौट आए। इन पर कुल नौ लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में बीजापुर जिले के भैरमगढ़ क्षेत्र समिति के सदस्य वर्षीय सोम कडती भी शामिल हैं, जिन पर पांच लाख रुपये का इनाम था।

अन्य चार सदस्य थे: लखमा ओयम (19), सरिता पोडियम (21), जोगी कल्मु (20), और मोती ओयम (19); ये सभी बीजापुर जिले के निवासी हैं।

आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कार्यकर्ताओं से मिली जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों ने विभिन्न माओवादी हथियार डिपो से 40 घातक हथियार बरामद किए।

इस जखीरे में आठ एसएलआर राइफलें, तीन इंसास राइफलें, एक कार्बाइन, एक .303 राइफल और पांच बीजीएल लॉन्चर शामिल थे, जिससे आतंकी समूह की क्षमताओं को बड़ा झटका लगा।

दंतेवाड़ा में माओवादी विरोधी अभियान के ठोस परिणाम देखने को मिले हैं।

2024 की शुरुआत से पुनर्वास पहल के तहत जिले में 607 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया है।

इसी अवधि में, 92 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया और 54 मुठभेड़ों में मारे गए।

दंतेवाड़ा जिले ने पड़ोसी बीजापुर, नारायणपुर और सुकमा जिलों के साथ सफल संयुक्त अभियान चलाए, जिसमें कई शीर्ष माओवादी कैडरों को मार गिराया गया।

इस कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, जिनमें बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी; सीआरपीएफ दंतेवाड़ा रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक राकेश चौधरी; दंतेवाड़ा कलेक्टर देवेश ध्रुव; दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक गौरव राय; और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल तथा जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

बस्तर के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने कहा कि 'पुना मारगेम' पहल हिंसा छोड़ने वालों को पुनर्वास, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन प्रदान करती है।

Point of View

इस दिशा में निरंतर प्रयास की आवश्यकता है ताकि माओवादी गतिविधियों को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
NationPress
02/04/2026

Frequently Asked Questions

पुना मारगेम पहल क्या है?
पुना मारगेम पहल का उद्देश्य पूर्व उग्रवादियों का पुनर्वास और उन्हें मुख्यधारा में शामिल करना है।
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कार्यकर्ताओं पर कितना इनाम था?
इन पर कुल नौ लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
आत्मसमर्पण के बाद क्या हुआ?
सुरक्षा बलों ने माओवादी हथियार डिपो से 40 घातक हथियार बरामद किए।
इस क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों की स्थिति क्या है?
दंतेवाड़ा में माओवादी विरोधी अभियान के ठोस परिणाम देखने को मिले हैं।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन उपस्थित थे?
कार्यक्रम में बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक, सीआरपीएफ के DIG और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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