26 जून 2026
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क्या छत्तीसगढ़ में 65 लाख के 27 इनामी सहित 37 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया?

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क्या छत्तीसगढ़ में 65 लाख के 27 इनामी सहित 37 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया?

सारांश

दंतेवाड़ा में नक्सलियों के आत्मसमर्पण ने सुरक्षा बलों को महत्वपूर्ण सफलता दिलाई है। 65 लाख के 27 इनामी नक्सलियों सहित 37 ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। यह घटना बस्तर में स्थायी शांति की दिशा में एक कदम है।

मुख्य बातें

37 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।
65 लाख रुपए के कुल 27 इनामी शामिल हैं।
आत्मसमर्पित नक्सलियों को 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि मिली।
बस्तर में स्थायी शांति की दिशा में एक कदम।
रक्षा बलों की सफलता का संकेत।

दंतेवाड़ा, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। रविवार को 65 लाख रुपए के कुल 27 इनामी सहित 37 हार्डकोर नक्सलियों ने हथियार डालकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। सभी नक्सलियों ने डीआरजी कार्यालय दंतेवाड़ा में अधिकारियों के सामने औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण किया।

आत्मसमर्पण करने वालों में चार 8 लाख, एक 5 लाख, और कई 2 लाख व 1 लाख के इनामी शामिल हैं। इनमें कंपनी नंबर-6, कंपनी नंबर-10, प्लाटून-16, आमदई एरिया कमेटी और इंद्रावती एरिया कमेटी जैसे कोर नक्सली ढांचे के सक्रिय सदस्य हैं। कुछ महिलाएं भी शामिल हैं, जो एसजीसीएम कमलेश की बॉडीगार्ड और डीवीसीएम निर्मला की गार्ड रह चुकी हैं।

इन आतंकियों पर 2019 से 2024 के बीच कई बड़ी वारदातें दर्ज हैं। इनमें 2020 में मिनपा में टीसीओसी टीम पर हमला (26 जवान शहीद, 20 घायल, हथियार लूट), 2024 में गोबेल-थुलथुली जंगल में पुलिस पार्टी पर फायरिंग और सड़कों को खोदना, पेड़ गिराना, बंद सप्ताह में बैनर-पोस्टर लगाना शामिल हैं।

आत्मसमर्पण समारोह में डीआईजी दंतेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप, डीआईजी सीआरपीएफ राकेश चौधरी, एसपी दंतेवाड़ा गौरव राय, कमांडेंट 111, 23080वीं वाहिनी सीआरपीएफ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

आईजी बस्तर सुंदरराज पी. ने बताया कि पूना मारगेम (पुनर्वास से पुनर्जीवन) अब बस्तर में स्थायी शांति की सबसे मजबूत पहल बन चुकी है। सिर्फ 20 महीनों में दंतेवाड़ा में 165 इनामी सहित 508 से ज्यादा नक्सलियों ने हथियार डाले हैं। पूरे बस्तर रेंज में लोन वर्राटू अभियान के तहत 333 इनामी सहित 1,160 नक्सली मुख्यधारा में लौट चुके हैं।

आत्मसमर्पित सभी नक्सलियों को तत्काल 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई। छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के तहत इन्हें कौशल प्रशिक्षण, कृषि भूमि, मकान और अन्य सुविधाएं मिलेंगी।

पुलिस और प्रशासन ने एक बार फिर अपील करते हुए कहा कि हिंसा का रास्ता छोड़िए, शांति और सम्मान की राह अपनाइए। पूना मारगेम हर उस साथी के लिए खुला है, जो घर लौटना चाहता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए क्या योजनाएं हैं?
आत्मसमर्पित नक्सलियों को कौशल प्रशिक्षण, कृषि भूमि, मकान और अन्य सुविधाएं मिलेंगी।
क्या आत्मसमर्पण से बस्तर में शांति आएगी?
यह आत्मसमर्पण बस्तर में स्थायी शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नक्सलियों पर कौन-कौन सी वारदातें दर्ज हैं?
इन नक्सलियों पर 2019-2024 के बीच कई बड़ी वारदातें दर्ज हैं, जिसमें हमले और हिंसक घटनाएं शामिल हैं।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को क्या प्रोत्साहन मिलेगा?
आत्मसमर्पित सभी नक्सलियों को तुरंत 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है।
क्या यह घटना सुरक्षा बलों की सफलता को दर्शाती है?
हाँ, यह आत्मसमर्पण सुरक्षा बलों की नक्सलवाद के खिलाफ सफल कार्रवाई को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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