कांकेर में नक्सल विरोधी अभियान को मिली बड़ी जीत, दो हार्डकोर नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

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कांकेर में नक्सल विरोधी अभियान को मिली बड़ी जीत, दो हार्डकोर नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

सारांश

कांकेर में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को मिली एक अहम सफलता। दो हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जो मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है।

मुख्य बातें

कांकेर में नक्सल विरोधी अभियान को मिली सफलता दोहार्डकोर नक्सलियों का आत्मसमर्पण पुलिस की रणनीति और पुनर्वास नीति का प्रभाव भविष्य में और बेहतर परिणाम की संभावना नक्सलवाद के खिलाफ जन जागरूकता बढ़ाना

छत्तीसगढ़ (कांकेर), 3 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कांकेर जिले में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। कोयलीबेड़ा क्षेत्र के दो कठोर नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटते हुए आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों की पहचान शंकर और हिडमा के रूप में हुई है।

इनमें से एक नक्सली ने एके-47 राइफल के साथ आत्मसमर्पण किया है। दोनों नक्सली लंबे समय से नक्सली गतिविधियों में संलग्न थे और विभिन्न घटनाओं में उनकी भागीदारी रही है। पुलिस के लगातार दबाव और सरकार की पुनर्वास नीति के चलते उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।

कांकेर पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब भी लगभग 15 ऐसे नक्सली मौजूद हैं जो अभी मुख्यधारा में नहीं लौटे हैं। पुलिस का मानना है कि इन नक्सलियों को भी जल्द ही आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया जा सकेगा। इसके लिए निरंतर अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें नक्सलियों को समझाने के साथ-साथ उन्हें एक बेहतर जीवन का विकल्प भी दिया जा रहा है।

आत्मसमर्पण की इस प्रक्रिया को कांकेर पुलिस के सामने पूरी सावधानी से अंजाम दिया गया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस अधिकारियों ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया है, ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें।

कांकेर के पुलिस अधीक्षक ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि नक्सल उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे अभियान में यह एक सकारात्मक संकेत है। उनका कहना है कि पुलिस का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि भटके हुए लोगों को सही मार्ग पर लाना भी है।

इस सफलता से यह स्पष्ट है कि कांकेर जिले में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है और भविष्य में इसके और बेहतर परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उन्हें मुख्यधारा में लाने का प्रयास भी है। यह संकेत है कि कांकेर में नक्सलवाद का प्रभाव कम हो रहा है।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांकेर जिले में नक्सल विरोधी अभियान कब शुरू हुआ?
कांकेर जिले में नक्सल विरोधी अभियान लंबे समय से चल रहा है, जो हाल ही में तेज हुआ है।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की पहचान क्या है?
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की पहचान शंकर और हिडमा के रूप में हुई है।
पुलिस का अगला कदम क्या होगा?
पुलिस का अगला कदम अन्य नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करना है।
कांकेर में नक्सलियों की संख्या कितनी है?
कांकेर जिले में लगभग 15 नक्सली अभी भी मुख्यधारा में नहीं लौटे हैं।
सरकार नक्सलियों के पुनर्वास के लिए क्या कर रही है?
सरकार नक्सलियों के पुनर्वास के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है, जिससे उन्हें सामान्य जीवन जीने में मदद मिल सके।
राष्ट्र प्रेस
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