क्या अरुणाचल के ट्रक हादसे के बाद सर्च ऑपरेशन खत्म हुआ? 20 शव मिले

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क्या अरुणाचल के ट्रक हादसे के बाद सर्च ऑपरेशन खत्म हुआ? 20 शव मिले

सारांश

अरुणाचल प्रदेश में एक घातक ट्रक हादसे के बाद सर्च ऑपरेशन खत्म कर दिया गया है। इस घटना में असम के श्रमिकों की जानें गईं। जानिए इस घटना की पूरी कहानी और सरकार की ओर से उठाए गए कदम।

मुख्य बातें

सर्च ऑपरेशन को औपचारिक रूप से समाप्त किया गया।
भयानक ट्रक हादसा 8 दिसंबर को हुआ।
20 शवों की बरामदगी हुई।
सरकार ने अनुग्रह राशि की घोषणा की।
भारतीय सेना ने सर्च ऑपरेशन में सहायता की।

ईटानगर, 15 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में जिला प्रशासन ने सोमवार को एक भयानक ट्रक हादसे के बाद सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन को औपचारिक रूप से समाप्त करने की घोषणा की। इस घटना में असम के श्रमिक एक खतरनाक इलाके में गहरी खाई में गिर गए थे। अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी।

एक अधिकारी ने बताया कि रविवार तक कुल 20 शव बरामद किए जा चुके थे। आपदा राहत टीमों और सुरक्षा बलों द्वारा किए गए व्यापक सर्च ऑपरेशन के दौरान एक घायल व्यक्ति को भी बचाया गया था।

यह हादसा 8 दिसंबर की रात को हुआ, जब असम के तिनसुकिया जिले से 21 श्रमिकों को ले जा रहा एक मिनी-ट्रक, पूर्वी अरुणाचल प्रदेश की हयूलियांग-चागलागाम सड़क पर एक चट्टान से नीचे गिर गया।

यह घटना 10 दिसंबर की शाम को सामने आई, जब अकेला बचे हुए व्यक्ति ने पास के बॉर्डर रोड्स टास्क फोर्स (बीआरटीएफ) लेबर कैंप में पहुंचकर अधिकारियों को सूचित किया।

सर्च ऑपरेशन 11 दिसंबर को शुरू हुआ और सोमवार को इसे औपचारिक रूप से खत्म किया गया। मृतकों के शव उनके परिवारों को सौंप दिए गए हैं।

इस घटना में बचे हुए व्यक्ति की पहचान बुधेश्वर दीप (23) के रूप में हुई है, जिसका इलाज डिब्रूगढ़ के असम मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में चल रहा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, वाहन में 22 श्रमिक थे, लेकिन बाद में पुलिस ने पुष्टि की कि कुल 21 श्रमिक ही सवार थे।

रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि भारतीय सेना ने 10 दिसंबर की रात मिली सूचना के आधार पर चागलागम क्षेत्र में एक बड़ा सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

11 दिसंबर को सेना की स्पीयर कोर ने सर्च और रेस्क्यू कॉलम, मेडिकल टीमें, जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स कर्मी, स्थानीय पुलिस, एनडीआरएफ टीमें और सिविल प्रशासन के अधिकारियों को जुटाया।

खराब मौसम, कम दृश्यता और कठिन इलाके के बावजूद, सेना और सिविल एजेंसियों ने पीड़ितों का पता लगाने और सहायता प्रदान करने के लिए मिलकर प्रयास किए।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पहले ही इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया है।

प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।

असम सरकार ने भी मृतक श्रमिकों के परिवारों के लिए 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कितने शव बरामद किए गए?
रविवार तक 20 शव बरामद किए जा चुके थे।
हादसे में घायल व्यक्ति का नाम क्या है?
बचे हुए व्यक्ति का नाम बुधेश्वर दीप है।
इस हादसे में सरकार ने क्या सहायता दी?
सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
इस घटना में भारतीय सेना ने क्या भूमिका निभाई?
भारतीय सेना ने सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राष्ट्र प्रेस
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