क्या असम आईईडी मामले में एनआईए ने दो और आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या असम आईईडी मामले में एनआईए ने दो और आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की?

सारांश

असम में 2024 के स्वतंत्रता दिवस पर आईईडी बरामदगी के मामले में एनआईए ने दो नए आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। इस कार्रवाई के बाद आरोपियों की कुल संख्या पांच हो गई है। जांच एजेंसी ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए गहन जांच शुरू की है।

मुख्य बातें

एनआईए ने असम में आईईडी मामले में दो और आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है।
अभी तक आरोपियों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है।
आरोपी धन मुहैया कराने के आरोप में पकड़े गए हैं।
जांच एजेंसी का कहना है कि आतंकवादी गतिविधियों को रोकना प्राथमिकता है।
मामले की जांच चल रही है और नए खुलासे संभव हैं।

नई दिल्ली, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने असम में 2024 के स्वतंत्रता दिवस पर आईईडी बरामदगी से जुड़े मामले में दो और आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की है। यह चार्जशीट गुवाहाटी की एनआईए की विशेष अदालत में प्रस्तुत की गई। इस नई कार्रवाई के साथ इस मामले में आरोपियों की कुल संख्या अब पांच हो गई है। इससे पहले, एनआईए ने जून 2025 में तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ भी चार्जशीट दायर की थी।

एनआईए द्वारा चार्जशीट में शामिल किए गए नए आरोपियों के नाम भार्गब गोगोई और सुमु गोगोई हैं। ये दोनों असम के डिब्रूगढ़ जिले के निवासी हैं। एनआईए ने इन्हें जून 2025 में गिरफ्तार किया था। इन पर भारतीय दंड संहिता, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

जांच में यह पता चला है कि भार्गब गोगोई और सुमु गोगोई ने आतंकी गतिविधियों के लिए धन मुहैया कराया था। यह धन पहले से चार्जशीट में शामिल किए गए आरोपी जह्नु बोरा को दिया गया था। पूछताछ के दौरान जह्नु बोरा ने स्वीकार किया था कि उसने अगस्त 2024 में पुलिस द्वारा जब्त किए गए 11 आईईडी में से चार खुद लगाए थे।

जांच एजेंसी के मुताबिक, ये आईईडी असम में विरोध प्रदर्शनों और स्वतंत्रता दिवस के बहिष्कार के आह्वान के तहत लगाए गए थे। इस आह्वान को प्रतिबंधित आतंकी संगठन उल्फा (I) के नेता परेश बरुआ ने किया था। इन आईईडी के माध्यम से राज्य में आतंक फैलाने और सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की योजना बनाई गई थी।

इस मामले की शुरुआत असम पुलिस ने की थी। पहले यह मामला दिसपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। इसमें आरोप था कि उल्फा (I) ने भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश के तहत असम के विभिन्न क्षेत्रों में कई आईईडी धमाकों की योजना बनाई थी। बाद में सितंबर 2024 में यह मामला एनआईए को सौंप दिया गया, जिसके बाद एजेंसी ने इसकी गहन जांच शुरू की।

फिलहाल, एनआईए की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईईडी मामले में एनआईए ने कितने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है?
एनआईए ने असम आईईडी मामले में अब तक पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है।
एनआईए ने नए आरोपियों के नाम क्या हैं?
नए आरोपियों के नाम भार्गब गोगोई और सुमु गोगोई हैं।
इन आरोपियों पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
इन पर भारतीय दंड संहिता, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
इस मामले की शुरुआत कब हुई थी?
इस मामले की शुरुआत असम पुलिस द्वारा की गई थी और यह पहले दिसपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था।
क्या इस मामले में आगे कोई नई जानकारी आएगी?
जी हाँ, एनआईए की जांच जारी है और आने वाले दिनों में नए खुलासे होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले