अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड: छठा आरोपी मुकेश हिरासत में, तीन राज्यों में 30 से अधिक टीमें तलाश में जुटीं
सारांश
मुख्य बातें
भरतपुर के वैर थाना क्षेत्र में हुए पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड में पुलिस ने 17 अक्टूबर 2026 को छठे आरोपी मुकेश को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ने अभी तक उसे मुख्य आरोपी के रूप में चिह्नित नहीं किया है और जाँच पूरी होने के बाद ही उसकी भूमिका स्पष्ट की जाएगी। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश में 30 से अधिक पुलिस टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
मुख्य घटनाक्रम
इस मामले में पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश भड़ाना की शिकायत पर 64 नामजद आरोपियों सहित करीब 70 से 80 अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में मुकेश का नाम भी शामिल है। इससे पहले पुलिस पाँच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
रिपोर्टों के अनुसार, मुकेश की भूमिका पूर्व विधायक की लीज को लेकर हुए धरना-प्रदर्शनों में रही थी। लीज से जुड़े विवाद के दौरान अतर सिंह भड़ाना और वहाँ कार्यरत कर्मचारियों के साथ उसके कई बार विवाद होने की बात भी सामने आई है। हालाँकि, इन दावों की अंतिम पुष्टि जाँच पूरी होने के बाद ही होगी।
सीसीटीवी फुटेज की भूमिका
हत्याकांड की जाँच में लीज स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह डीवीआर फिलहाल पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश भड़ाना के पास है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस फुटेज से वारदात में शामिल लोगों की पहचान और घटनाक्रम की कड़ियाँ जोड़ने में अहम मदद मिलेगी।
तीन राज्यों में तलाश अभियान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए राजस्थान के विभिन्न जिलों के साथ-साथ हरियाणा और मध्य प्रदेश में भी संभावित ठिकानों की तलाशी ली जा रही है। इस अभियान में 30 से अधिक पुलिस टीमें एक साथ काम कर रही हैं। यह ऑपरेशन बताता है कि इस हत्याकांड में कथित तौर पर बड़े नेटवर्क की संलिप्तता की आशंका है।
आगे की जाँच
पुलिस मुकेश से पूछताछ के साथ-साथ अन्य आरोपियों की भूमिका और वारदात से जुड़े साक्ष्यों की भी समानांतर जाँच कर रही है। जाँच अधिकारियों के अनुसार, सभी आरोपियों की भूमिका स्पष्ट होने और साक्ष्य संकलन पूरा होने के बाद ही हत्याकांड से जुड़े पूरे घटनाक्रम का खुलासा संभव हो सकेगा। गौरतलब है कि यह मामला राजस्थान की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि इसमें एक पूर्व जनप्रतिनिधि की हत्या शामिल है।