अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड: CM भजनलाल शर्मा ने DGP को जांच के आदेश दिए, बेनीवाल ने IG-SP हटाने की माँग की
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भरतपुर जिले में पूर्व भाजपा विधायक अतर सिंह भड़ाना की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस महानिदेशक (DGP) को निष्पक्ष और व्यापक जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। 13 अक्टूबर को सामने आए इस घटनाक्रम के बाद राजस्थान की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भरतपुर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल (IG) और जिला पुलिस अधीक्षक (SP) को तत्काल हटाने की माँग की है।
मुख्य घटनाक्रम
भरतपुर जिले के भोंडा गाँव में सोमवार को एक क्रशर प्लांट को पुनः संचालित करने को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ, जिसके बाद भीड़ ने बयाना के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के बाद से भोंडा गाँव में भारी पुलिस बल तैनात है और तनाव तथा सन्नाटे का माहौल बना हुआ है।
मुख्यमंत्री शर्मा ने सोमवार को DGP से सीधी बात कर मामले की विस्तृत जानकारी ली और स्थिति की समीक्षा की। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेधम से भी इस मामले पर चर्चा की और उन्हें घटनाक्रम पर कड़ी नज़र रखने का निर्देश दिया।
पीड़िता की शिकायत और पूर्व की घटना
भड़ाना की पत्नी कमलेश भड़ाना ने लगभग 80 लोगों के खिलाफ हत्या की शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें कई कथित हमलावरों के नाम शामिल हैं। उनके अनुसार, हमले के दौरान उन्होंने अपने पति को बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें धक्का देकर एक तरफ कर दिया गया और उन पर भी हमला किया गया, जिससे वे घायल हो गईं।
शिकायत में 25 सितंबर की एक पूर्व घटना का भी उल्लेख है, जब कथित तौर पर एक समूह ने पत्थर तोड़ने वाली इकाई में घुसकर कर्मचारियों पर हमला किया, तोड़फोड़ की और फरार हो गया। उस घटना के संदर्भ में 27 सितंबर को वेयर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई थी। यह ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में खनन और क्रशर संचालन को लेकर पहले से तनाव बना हुआ था।
बेनीवाल की माँग और राजनीतिक प्रतिक्रिया
RLP प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए भरतपुर रेंज IG और जिला SP को तत्काल पद से हटाने की माँग की है। बेनीवाल ने निष्पक्ष जांच को अनिवार्य बताते हुए पुलिस प्रशासन के कामकाज पर सवाल उठाए हैं।
बेनीवाल ने स्थानीय निवासियों के उन आरोपों का भी उल्लेख किया कि गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेधम की कथित उकसाहट के बाद भड़ाना पर हमला किया गया था। गौरतलब है कि ये आरोप अभी तक तथ्य के रूप में प्रमाणित नहीं हुए हैं और जांच का विषय हैं।
सरकार का रुख
मुख्यमंत्री शर्मा ने तथ्यों की तह तक जाने और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर बल दिया है। प्रशासन ने भोंडा गाँव में भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रण में रखने के प्रयास किए हैं।
आगे क्या होगा
जांच के नतीजे और पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई को लेकर राजनीतिक दबाव बढ़ता दिख रहा है। कमलेश भड़ाना की शिकायत में नामज़द लगभग 80 आरोपियों की गिरफ्तारी और DGP की जांच रिपोर्ट इस मामले की अगली निर्णायक कड़ी होगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार विपक्षी दलों की जवाबदेही की माँगों के बीच जांच को किस दिशा में ले जाती है।