राजस्थान पंचायत चुनाव तीसरा चरण: CM भजनलाल के पिता ने अटारी में मतदान किया, नगला सिंघाड़ा में बहिष्कार
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के पिता किशन स्वरूप शर्मा ने अपने पैतृक गाँव अटारी स्थित मतदान केंद्र पर पहुँचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसी दौरान भरतपुर जिले के नगला सिंघाड़ा गाँव के मतदाताओं ने परिसीमन विवाद को लेकर चुनाव का बहिष्कार कर दिया।
अटारी में किशन स्वरूप शर्मा का मतदान
किशन स्वरूप शर्मा अटारी ग्राम पंचायत के सरकारी विद्यालय में बने मतदान केंद्र के कमरा नंबर 4 में स्थित बूथ नंबर 112 पर मतदान करने पहुँचे। वोट डालने के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में लोगों से अपील की कि वे बड़ी संख्या में चुनावी प्रक्रिया में भागीदारी करें।
उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक मतदाता की सहभागिता अपरिहार्य है। मतदान के बाद किशन स्वरूप शर्मा ने गाँव की चौपाल पर ग्रामीणों के साथ समय बिताया और गाँव के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की, इसके बाद वे भरतपुर के लिए रवाना हो गए।
नगला सिंघाड़ा में मतदान बहिष्कार
भरतपुर जिले की बयाना पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाले नगला सिंघाड़ा गाँव के निवासियों ने पंचायत चुनाव का बहिष्कार कर दिया। ग्रामीणों का विरोध परिसीमन प्रक्रिया के उस फैसले को लेकर था, जिसमें उनके गाँव को उसकी मूल सिंघाड़ा ग्राम पंचायत से अलग कर दिया गया था।
ग्रामीणों के अनुसार, नगला सिंघाड़ा पहले सिंघाड़ा ग्राम पंचायत का हिस्सा था, किंतु अब इसे लगभग चार किलोमीटर दूर स्थित बंगसपुरा ग्राम पंचायत में शामिल कर दिया गया है। उन्होंने माँग की कि या तो गाँव को पुनः सिंघाड़ा ग्राम पंचायत में वापस किया जाए, या फिर इसे एक स्वतंत्र ग्राम पंचायत का दर्जा दिया जाए।
बहिष्कार की सूचना मिलते ही तहसीलदार नितेश कुमार गोयल गाँव पहुँचे और ग्रामीणों को मतदान में भाग लेने के लिए मनाने का प्रयास किया, परंतु ग्रामीण अपनी माँगों पर अड़े रहे।
तीसरे चरण का दायरा और मतदाता संख्या
राजस्थान पंचायत चुनाव के तीसरे चरण के लिए मतदान मंगलवार सुबह 7 बजे शुरू हुआ, जो शाम 6 बजे तक चला। इस चरण में 27 जिला परिषदों के 377 वार्ड और 116 पंचायत समितियों के 2,119 वार्ड शामिल हैं।
इस चरण में 9,094 उम्मीदवारों की राजनीतिक किस्मत का फैसला होगा। कुल लगभग 1.06 करोड़ पात्र मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकते हैं, जिनमें 51.33 लाख से अधिक महिला मतदाता शामिल हैं।
चौथा और अंतिम चरण
तीसरे चरण के पूरा होने के बाद अब केवल चौथा और अंतिम चरण शेष रह गया है। यह चरण दीपावली की छुट्टियों के बाद 14 नवंबर को आयोजित किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार स्थानीय निकाय चुनावों को अपने शासन की लोकप्रियता की कसौटी के रूप में देख रही है। नगला सिंघाड़ा जैसे गाँवों में उठे परिसीमन विवाद भविष्य में अन्य क्षेत्रों में भी असंतोष का कारण बन सकते हैं।