3 नवंबर 2026
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राजस्थान पंचायत चुनाव तीसरा चरण: CM भजनलाल के पिता ने अटारी में मतदान किया, नगला सिंघाड़ा में बहिष्कार

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राजस्थान पंचायत चुनाव तीसरा चरण: CM भजनलाल के पिता ने अटारी में मतदान किया, नगला सिंघाड़ा में बहिष्कार

सारांश

राजस्थान पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में जहाँ CM भजनलाल के पिता ने अटारी में लोकतंत्र में भागीदारी की अपील की, वहीं भरतपुर के नगला सिंघाड़ा गाँव ने परिसीमन से नाराज होकर बहिष्कार कर दिया — एक ही दिन में लोकतंत्र के दो अलग चेहरे।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के पिता किशन स्वरूप शर्मा ने 3 नवंबर को पैतृक गाँव अटारी के बूथ नंबर 112 पर मतदान किया।
भरतपुर जिले के नगला सिंघाड़ा गाँव ने परिसीमन में सिंघाड़ा ग्राम पंचायत से हटाकर बंगसपुरा ग्राम पंचायत में शामिल किए जाने के विरोध में चुनाव का बहिष्कार किया।
तहसीलदार नितेश कुमार गोयल ने ग्रामीणों को मनाने का प्रयास किया, किंतु सफलता नहीं मिली।
तीसरे चरण में 27 जिला परिषदों के 377 वार्ड , 116 पंचायत समितियों के 2,119 वार्ड और 9,094 उम्मीदवार शामिल हैं।
कुल 1.06 करोड़ पात्र मतदाताओं में 51.33 लाख से अधिक महिलाएँ हैं।
चौथा और अंतिम चरण 14 नवंबर को दीपावली के बाद आयोजित होगा।

राजस्थान पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के पिता किशन स्वरूप शर्मा ने अपने पैतृक गाँव अटारी स्थित मतदान केंद्र पर पहुँचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसी दौरान भरतपुर जिले के नगला सिंघाड़ा गाँव के मतदाताओं ने परिसीमन विवाद को लेकर चुनाव का बहिष्कार कर दिया।

अटारी में किशन स्वरूप शर्मा का मतदान

किशन स्वरूप शर्मा अटारी ग्राम पंचायत के सरकारी विद्यालय में बने मतदान केंद्र के कमरा नंबर 4 में स्थित बूथ नंबर 112 पर मतदान करने पहुँचे। वोट डालने के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में लोगों से अपील की कि वे बड़ी संख्या में चुनावी प्रक्रिया में भागीदारी करें।

उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक मतदाता की सहभागिता अपरिहार्य है। मतदान के बाद किशन स्वरूप शर्मा ने गाँव की चौपाल पर ग्रामीणों के साथ समय बिताया और गाँव के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की, इसके बाद वे भरतपुर के लिए रवाना हो गए।

नगला सिंघाड़ा में मतदान बहिष्कार

भरतपुर जिले की बयाना पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाले नगला सिंघाड़ा गाँव के निवासियों ने पंचायत चुनाव का बहिष्कार कर दिया। ग्रामीणों का विरोध परिसीमन प्रक्रिया के उस फैसले को लेकर था, जिसमें उनके गाँव को उसकी मूल सिंघाड़ा ग्राम पंचायत से अलग कर दिया गया था।

ग्रामीणों के अनुसार, नगला सिंघाड़ा पहले सिंघाड़ा ग्राम पंचायत का हिस्सा था, किंतु अब इसे लगभग चार किलोमीटर दूर स्थित बंगसपुरा ग्राम पंचायत में शामिल कर दिया गया है। उन्होंने माँग की कि या तो गाँव को पुनः सिंघाड़ा ग्राम पंचायत में वापस किया जाए, या फिर इसे एक स्वतंत्र ग्राम पंचायत का दर्जा दिया जाए।

बहिष्कार की सूचना मिलते ही तहसीलदार नितेश कुमार गोयल गाँव पहुँचे और ग्रामीणों को मतदान में भाग लेने के लिए मनाने का प्रयास किया, परंतु ग्रामीण अपनी माँगों पर अड़े रहे।

तीसरे चरण का दायरा और मतदाता संख्या

राजस्थान पंचायत चुनाव के तीसरे चरण के लिए मतदान मंगलवार सुबह 7 बजे शुरू हुआ, जो शाम 6 बजे तक चला। इस चरण में 27 जिला परिषदों के 377 वार्ड और 116 पंचायत समितियों के 2,119 वार्ड शामिल हैं।

इस चरण में 9,094 उम्मीदवारों की राजनीतिक किस्मत का फैसला होगा। कुल लगभग 1.06 करोड़ पात्र मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकते हैं, जिनमें 51.33 लाख से अधिक महिला मतदाता शामिल हैं।

चौथा और अंतिम चरण

तीसरे चरण के पूरा होने के बाद अब केवल चौथा और अंतिम चरण शेष रह गया है। यह चरण दीपावली की छुट्टियों के बाद 14 नवंबर को आयोजित किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार स्थानीय निकाय चुनावों को अपने शासन की लोकप्रियता की कसौटी के रूप में देख रही है। नगला सिंघाड़ा जैसे गाँवों में उठे परिसीमन विवाद भविष्य में अन्य क्षेत्रों में भी असंतोष का कारण बन सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि परिसीमन प्रक्रिया की उस व्यापक खामी का संकेत है जो स्थानीय पहचान और प्रशासनिक सुविधा के बीच टकराव पैदा करती है। गौरतलब है कि राजस्थान में यह पहली बार नहीं है जब परिसीमन को लेकर ग्रामीणों ने चुनाव से मुँह मोड़ा हो। CM भजनलाल शर्मा के पिता का मतदान और उनकी भागीदारी की अपील राजनीतिक दृष्टि से प्रतीकात्मक है, लेकिन असली चुनौती प्रशासनिक है — जब तक परिसीमन शिकायतों के लिए कोई त्वरित निवारण तंत्र नहीं बनता, ऐसे बहिष्कार लोकतांत्रिक भागीदारी की साख को कमज़ोर करते रहेंगे।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में कितने वार्ड और उम्मीदवार शामिल हैं?
तीसरे चरण में 27 जिला परिषदों के 377 वार्ड और 116 पंचायत समितियों के 2,119 वार्ड शामिल हैं, जिनमें कुल 9,094 उम्मीदवार मैदान में हैं। लगभग 1.06 करोड़ पात्र मतदाता वोट डाल सकते हैं।
नगला सिंघाड़ा गाँव ने पंचायत चुनाव का बहिष्कार क्यों किया?
परिसीमन प्रक्रिया में नगला सिंघाड़ा को उसकी मूल सिंघाड़ा ग्राम पंचायत से हटाकर लगभग चार किलोमीटर दूर स्थित बंगसपुरा ग्राम पंचायत में शामिल कर दिया गया। ग्रामीणों ने माँग की कि या तो उन्हें पुनः सिंघाड़ा पंचायत में शामिल किया जाए, या एक स्वतंत्र ग्राम पंचायत का दर्जा दिया जाए।
किशन स्वरूप शर्मा कौन हैं और उन्होंने कहाँ मतदान किया?
किशन स्वरूप शर्मा राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के पिता हैं। उन्होंने 3 नवंबर 2026 को अपने पैतृक गाँव अटारी में, अटारी ग्राम पंचायत के सरकारी विद्यालय में बने बूथ नंबर 112 पर मतदान किया।
राजस्थान पंचायत चुनाव का चौथा और अंतिम चरण कब होगा?
राजस्थान पंचायत चुनाव का चौथा और अंतिम चरण 14 नवंबर 2026 को दीपावली की छुट्टियों के बाद आयोजित किया जाएगा।
नगला सिंघाड़ा बहिष्कार में प्रशासन ने क्या कदम उठाया?
बहिष्कार की सूचना मिलने पर तहसीलदार नितेश कुमार गोयल गाँव पहुँचे और ग्रामीणों को मतदान में भाग लेने के लिए मनाने का प्रयास किया। हालाँकि, ग्रामीण अपनी माँगों पर अड़े रहे और प्रशासन को सफलता नहीं मिली।
राष्ट्र प्रेस
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