12 अक्टूबर 2026
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भरतपुर में क्रशर माइनिंग विवाद: भीड़ के हमले में घायल पूर्व BJP विधायक अतरसिंह भड़ाना की मौत

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भरतपुर में क्रशर माइनिंग विवाद: भीड़ के हमले में घायल पूर्व BJP विधायक अतरसिंह भड़ाना की मौत

सारांश

राजस्थान के भरतपुर में चार साल पुराना क्रशर माइनिंग विवाद रविवार को खूनी मोड़ पर पहुँच गया। 70-80 लोगों की भीड़ के हमले में घायल हुए पूर्व BJP विधायक अतरसिंह भड़ाना की जयपुर SMS अस्पताल में मौत हो गई। प्रशासनिक लापरवाही के आरोप और गोलीबारी पर उठे सवाल इस मामले को और उलझा रहे हैं।

मुख्य बातें

पूर्व BJP विधायक अतरसिंह भड़ाना की 12 अक्टूबर 2026 की रात जयपुर के एसएमएस अस्पताल में मृत्यु हो गई।
भरतपुर जिले के भौंडा गाँव में क्रशर माइनिंग लीज विवाद में रविवार शाम हिंसक झड़प हुई।
भड़ाना की पत्नी ने गोली लगने का दावा किया; वैर अस्पताल के डॉक्टरों ने शुरुआती जाँच में इससे इनकार किया।
ग्रामीणों और क्रशर ऑपरेटर के बीच यह विवाद लगभग चार साल पुराना है; ग्रामीणों ने चरागाह भूमि अतिक्रमण और अवैध माइनिंग के आरोप लगाए हैं।
भड़ाना की पत्नी ने पुलिस व प्रशासन पर पूर्व सूचना के बावजूद निष्क्रियता का आरोप लगाया।
क्रशर साइट पर घटना के समय लगभग 20-25 कर्मचारी मौजूद थे; साथी गगन शर्मा को भरतपुर रेफर किया गया।

राजस्थान के भरतपुर जिले के भौंडा गाँव में क्रशर माइनिंग लीज को लेकर वर्षों से चले आ रहे विवाद ने 12 अक्टूबर 2026 को खूनी रूप ले लिया, जब एक भीड़ के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए पूर्व भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक अतरसिंह भड़ाना ने जयपुर के एसएमएस अस्पताल में देर रात दम तोड़ दिया। वैर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में घटी इस हिंसा में भड़ाना के साथ नदबई निवासी गगन शर्मा भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

घटनाक्रम: कैसे बढ़ी हिंसा

पुलिस के अनुसार, रविवार शाम लगभग 6:30 से 7:00 बजे के बीच भड़ाना जब क्रशर साइट पर पहुँचे, तो वहाँ पहले से तनाव की स्थिति थी। ग्रामीणों के अनुसार, भड़ाना पक्ष से जुड़े 40-50 लोग साइट पर पहुँचे और शांतिपूर्वक विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाने की कोशिश की। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई, जो जल्द ही हिंसक हो उठी।

भड़ाना की पत्नी कमलेश का आरोप है कि लगभग 70-80 लोगों के समूह ने उनके पति और उनके साथियों पर हमला किया। उन्होंने दावा किया कि भड़ाना को गोली लगी थी, हालाँकि वैर सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पताल के डॉक्टरों ने शुरुआती जाँच में गोली लगने की संभावना से इनकार किया है। दोनों पक्षों ने कथित तौर पर लाठियों और पत्थरों का इस्तेमाल किया।

वैर सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के डॉ. रवि ने बताया कि घायलों को रात करीब 8:15 बजे अस्पताल लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद भड़ाना को जयपुर के एसएमएस अस्पताल और शर्मा को भरतपुर रेफर किया गया।

मृत्यु की पुष्टि

एसएमएस पुलिस स्टेशन के एसएचओ जितेंद्र कुमार ने पुष्टि की कि रात लगभग 11:30 बजे इलाज के दौरान भड़ाना की मृत्यु हो गई। उनके पार्थिव शरीर को अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है।

चार साल पुराना विवाद और दोनों पक्षों के आरोप

वैर के एसएचओ धीरेंद्र सिंह ने बताया कि ग्रामीणों और क्रशर ऑपरेटर के बीच यह विवाद लगभग चार साल से चला आ रहा था। ग्रामीणों ने भड़ाना पर चरागाह भूमि पर अतिक्रमण और अवैध माइनिंग के आरोप लगाए हैं। लीज क्षेत्र तक पहुँचने वाली सड़क को लेकर भी एक अलग विवाद की बात सामने आई है।

पुलिस के अनुसार, ग्रामीण पिछले दो वर्षों से रुक-रुक कर विरोध-प्रदर्शन करते रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, क्रशर प्लांट करीब एक साल से बंद था और भड़ाना उसे फिर से चालू करने का प्रयास कर रहे थे। ग्रामीणों का दावा है कि पिछले 10-15 दिनों से शांतिपूर्ण धरना चल रहा था।

भड़ाना की पत्नी कमलेश ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन को साइट पर हो रही समस्याओं से बार-बार अवगत कराया गया, किंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि माइनिंग लीज का बिजली कनेक्शन काट दिया गया था और पानी का पंप भी खराब था।

सरकार और पुलिस की प्रतिक्रिया

घटना के समय क्रशर प्लांट में लगभग 20-25 कर्मचारी मौजूद थे। पुलिस ने मामले में जाँच शुरू कर दी है। अब तक किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राजस्थान में खनन से जुड़े भूमि विवादों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

आगे की स्थिति

गौरतलब है कि भरतपुर क्षेत्र में पत्थर खनन और क्रशर उद्योग स्थानीय रोज़गार का प्रमुख स्रोत होने के साथ-साथ भूमि अधिकार विवादों का केंद्र भी रहा है। राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस मामले में पूर्व विधायक की मृत्यु के बाद BJP की प्रतिक्रिया और पुलिस जाँच की दिशा पर सभी की नज़रें टिकी हैं। मामले में आगे FIR दर्ज होने और गिरफ्तारियों की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ग्रामीण भूमि अधिकारों और प्रशासनिक जवाबदेही के टकराव का प्रतीक है। चार साल से चले आ रहे विवाद में पुलिस की कथित निष्क्रियता, यदि सिद्ध हुई, तो यह सवाल उठाती है कि क्या प्रभावशाली व्यक्तियों से जुड़े विवादों में प्रशासन जानबूझकर हस्तक्षेप से बचता है। गोलीबारी के दावे और डॉक्टरों का खंडन — इन दोनों का स्वतंत्र फोरेंसिक परीक्षण ज़रूरी है ताकि राजनीतिक आख्यान तथ्यों पर हावी न हो। पूर्व विधायक की हत्या से यह मामला अब सियासी गलियारों तक पहुँच गया है, और BJP का अगला कदम इस पूरे प्रकरण की दिशा तय करेगा।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अतरसिंह भड़ाना कौन थे और उनकी मौत कैसे हुई?
अतरसिंह भड़ाना राजस्थान से पूर्व BJP विधायक थे। 12 अक्टूबर 2026 को भरतपुर जिले के भौंडा गाँव में क्रशर माइनिंग लीज विवाद पर हुई हिंसक झड़प में वे गंभीर रूप से घायल हुए और जयपुर के एसएमएस अस्पताल में रात लगभग 11:30 बजे उनकी मृत्यु हो गई।
भरतपुर क्रशर माइनिंग विवाद क्या है?
भरतपुर जिले के भौंडा गाँव में स्थित एक क्रशर माइनिंग लीज को लेकर ग्रामीणों और क्रशर ऑपरेटर के बीच करीब चार साल से विवाद चल रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि चरागाह भूमि पर अतिक्रमण और अवैध खनन हो रहा था, जबकि लीज क्षेत्र तक सड़क पहुँच को लेकर भी अलग विवाद था।
क्या भड़ाना को गोली लगी थी?
भड़ाना की पत्नी कमलेश ने दावा किया कि उन्हें गोली लगी थी। हालाँकि, वैर सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पताल के डॉक्टरों ने शुरुआती जाँच में गोली लगने की संभावना से इनकार किया। पुलिस जाँच जारी है और अंतिम फोरेंसिक रिपोर्ट आना बाकी है।
पुलिस और प्रशासन पर क्या आरोप लगे हैं?
भड़ाना की पत्नी कमलेश ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन को क्रशर साइट पर हो रही समस्याओं की बार-बार जानकारी दी गई थी, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने यह भी बताया कि माइनिंग लीज का बिजली कनेक्शन काट दिया गया था और साइट पर आने वाले लोगों को भगाया जाता था।
इस घटना के बाद आगे क्या होगा?
पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है और मामले में FIR दर्ज होने तथा गिरफ्तारियों की संभावना है। पूर्व BJP विधायक की मौत के बाद राजनीतिक दबाव भी बढ़ेगा और राज्य सरकार से जवाब माँगा जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जाँच की भी माँग उठ सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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