अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड: गृह राज्य मंत्री बेदम बोले — दोषियों को सख्त सज़ा मिलेगी, 5 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेदम ने 15 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भरतपुर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या को अत्यंत गंभीरता से लिया है और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस ने अब तक इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और लगभग 80 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है।
घटना का विवरण
यह हत्या 11 अक्टूबर को भरतपुर जिले के भोंडा गाँव में हुई, जब भड़ाना शाम 6:30 से 7:30 बजे के बीच अपनी पत्नी कमलेश के नाम पर पंजीकृत पत्थर तोड़ने वाले संयंत्र पर पहुँचे। अधिकारियों के अनुसार, वहाँ भारी भीड़ पहले से जमा थी, जिसने उन पर लाठियों, पत्थरों और लोहे की छड़ों से हमला किया।
हमले में उनके निजी सुरक्षा गार्ड गगन शर्मा भी बचाव करने की कोशिश में गंभीर रूप से घायल हो गए। भड़ाना को पहले वीर के एक अस्पताल ले जाया गया, और बाद में जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उन्होंने दम तोड़ दिया।
विवाद की जड़
बेदम ने इस घटना को 'बेहद दुखद' बताया और कहा कि ग्रामीणों तथा आरोपियों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। अधिकारियों के अनुसार, यह तनाव संयंत्र तक जाने वाली सड़क और खनन कार्यों को लेकर था। संयंत्र में परिचालन फिर से शुरू होने के बाद विवाद और गहरा हो गया था। मामले को सुलझाने के लिए कई पंचायतें आयोजित की गईं, लेकिन मध्यस्थता के सभी प्रयास विफल रहे।
गिरफ्तारियाँ और जाँच की स्थिति
पुलिस ने अब तक जिन पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान भगमल गुर्जर, सोनी गुर्जर, शेर सिंह गुर्जर, बलदेव गुर्जर और कुमार सिंह गुर्जर के रूप में हुई है। इन्हें पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में भेजा गया है, जबकि शेष संदिग्धों की तलाश जारी है। बेदम ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता न्याय सुनिश्चित करना है।
विपक्ष की माँग और राजनीतिक पृष्ठभूमि
विपक्ष ने इस मामले में सीबीआई जाँच की माँग उठाई है। बेदम ने कहा कि विपक्ष को अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है, लेकिन सरकार की ज़िम्मेदारी न्याय दिलाना है। गौरतलब है कि यह मामला तब और भी सुर्खियों में आया, जब खबरों के मुताबिक मुख्यमंत्री के बयाना दौरे से एक दिन पहले 27 सितंबर को PWD डाक बंगले में बेदम और भड़ाना के बीच कथित तौर पर झड़प हुई थी। कथित तौर पर भड़ाना ने फोन कॉल का जवाब न मिलने और मुख्यमंत्री के बयाना कार्यक्रम की जानकारी न दिए जाने पर नाराजगी जताई थी।
आगे क्या होगा
राजस्थान सरकार पर अब इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने का दबाव है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है। मामले की जाँच की दिशा और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी पर सबकी नज़र बनी रहेगी।