क्या आतिशी की शर्मनाक टिप्पणी का वीडियो 100 फीसदी सही है?: सीएम रेखा गुप्ता
सारांश
Key Takeaways
- एफएसएल की रिपोर्ट ने वीडियो की सच्चाई को उजागर किया है।
- आम आदमी पार्टी को अपने नेताओं के बयान पर पुनर्विचार करना चाहिए।
- सीएम रेखा गुप्ता ने सत्य की विजय की बात की।
- राजनीतिक साजिशों का पर्दाफाश हुआ है।
- सत्य के प्रति जनता की अपेक्षाएँ बढ़ रही हैं।
नई दिल्ली, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट को साझा करते हुए कहा कि जांच के दौरान पता चला है कि 'गुरुओं' पर की गई टिप्पणी के मामले में नेता प्रतिपक्ष आतिशी का वीडियो पूरी तरह से सही है। इस पर अब दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की प्रतिक्रिया भी आई है।
सीएम रेखा गुप्ता ने एफएसएल की रिपोर्ट को सत्य की विजय बताते हुए कहा कि अंततः, सत्य की ही जीत हुई। आम आदमी पार्टी ने सत्य को छुपाने के लिए पंजाब सरकार, पंजाब पुलिस और पंजाब की फॉरेंसिक लैब का सहारा लिया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता द्वारा जारी की गई एफएसएल रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि 6 जनवरी को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी द्वारा गुरुओं के महान बलिदान पर की गई अमर्यादित और शर्मनाक टिप्पणी का वीडियो 100 प्रतिशत सही है। विधानसभा की कार्यवाही के इस वीडियो में किसी भी प्रकार की कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।
उन्होंने आगे कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है कि आम आदमी पार्टी ने गलती मानने के बजाय सत्य को दबाने के लिए पंजाब सरकार, पंजाब पुलिस और पंजाब की फॉरेंसिक लैब का सहारा लिया। अरविंद केजरीवाल के संरक्षण में पंजाब सरकार की एजेंसियों का दुरुपयोग करके इस मामले को दबाने का प्रयास किया गया। यह एक गंभीर अपराध है।
उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक साइंस की तकनीक और ठोस साक्ष्यों ने आज इनकी साजिश को बेनकाब कर दिया है। आम आदमी पार्टी के नेताओं को गुरुओं का अपमान करने पर देश से माफी मांगनी चाहिए।
वहीं, दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी से माफी मांगने की अपील की है।
अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि विपक्ष की मांग पर सदन की रिकॉर्डिंग को एफएसएल को भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट आ चुकी है। एफएसएल रिपोर्ट से यह स्पष्ट है कि ऑडियो-वीडियो पूरी तरह सही हैं। इसमें कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।