भारत को ईरान और इजरायल-अमेरिका युद्ध को खत्म करने की पहल करनी चाहिए: सलमान खुर्शीद
सारांश
Key Takeaways
- ईरान और इजरायल के युद्ध को रोकने के लिए भारत का हस्तक्षेप आवश्यक है।
- सलमान खुर्शीद ने राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने की बात की है।
- अमेरिका के प्रभाव को लेकर चिंताएं व्यक्त की गई हैं।
- भारत और ईरान के बीच सांस्कृतिक संबंध महत्वपूर्ण हैं।
- दुनिया के नेताओं से युद्ध अपराधों की निंदा करने की अपील की गई है।
नई दिल्ली, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के प्रमुख नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है कि ईरान और इजरायल- अमेरिका के बीच जारी युद्ध को रुकवाने के लिए भारत सरकार को सक्रियता दिखाने की आवश्यकता है। यदि भारत का हस्तक्षेप इस संघर्ष को तुरंत समाप्त कराता है, तो भारत का नाम वैश्विक स्तर पर उभरकर सामने आएगा।
सलमान खुर्शीद ने मीडिया से बातचीत में इजरायल-ईरान विवाद पर कहा कि जब भी दुनिया में कोई बड़ी घटना होती है, उसका प्रभाव सभी देशों पर पड़ता है। इसका प्रभाव हम पर भी पड़ेगा। जो लोग इस लड़ाई में प्रभावित हो रहे हैं, चाहे वे किसी भी देश के हों, उनके लिए हमारे मन में संवेदना होनी चाहिए। यह लड़ाई तुरंत समाप्त होनी चाहिए। भारत को हर संभव प्रयास करना चाहिए, लेकिन हमारे सरकार की तरफ से इसे लेकर कोई स्पष्ट प्रयास दिखाई नहीं दे रहा है। यदि भारत सरकार इस युद्ध को रोकने के लिए कदम उठाती है और युद्ध रुकता है, तो भारत का नाम दुनिया में ऊंचा हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि हम किसी भी धर्म या संस्कृति से संबंधित कार्य को मिलकर करते हैं, चाहे वह हिंदू, मुस्लिम, सिख, या ईसाई हो, तो यह हमारे लिए राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का एक अवसर है।
वहीं, इजरायल-ईरान युद्ध पर शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने अपनी राय व्यक्त की कि यहाँ मुसलमान सुरक्षित हैं, लेकिन कुछ स्थानों पर मुस्लिमों पर अत्याचार हो रहे हैं। यद्यपि यह सीमित पैमाने पर है। हमें अपने देश भारत पर गर्व है कि हम यहाँ सुरक्षित हैं, लेकिन हमारे गर्व को ठेस पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है। ईरानी सुप्रीम लीडर की हत्या कर दी जाती है, लेकिन हमारे सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। खामेनेई की मृत्यु पर हमारे देश के बड़े नेता की तरफ से कोई शोक नहीं व्यक्त किया गया। पीएम मोदी को शोक संदेश भेजना चाहिए था। हमें लगता है कि अमेरिका ने हमें गुलाम बना लिया है और भारत हर आदेश मान रहा है।
अजमेर के दरगाह शरीफ और चिश्ती फाउंडेशन के चेयरमैन हाजी सलमान चिश्ती ने कहा कि हम भारत के 140 करोड़ नागरिकों की ओर से अपने विदेश सचिव विक्रम मिस्री का धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने ईरानी दूतावास का दौरा किया और रमजान के महीने में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की शहादत पर भारत का शोक संदेश दिया। यह एक महत्वपूर्ण कदम था, जिसने भारत और ईरान के बीच के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक संबंधों को दर्शाया।
उन्होंने कहा कि मैं दुनिया के नेताओं से अपील करता हूं कि वे एकजुट हों और नेतन्याहू और उनकी सेना द्वारा किए गए इन क्रूर युद्ध अपराधों की निंदा करें। हम भारत के नेतृत्व के साथ-साथ विश्व के नेताओं से भी अपील करते हैं कि वे युद्ध अपराधों के इस गंभीर कृत्य की निंदा करें और सुनिश्चित करें कि युद्ध अपराधियों को जिम्मेदार ठहराया जाए।