क्या टेकऑफ के दौरान कोई पायलट स्विचों से छेड़छाड़ करता है? एविएशन एक्सपर्ट मार्क मार्टिन

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क्या टेकऑफ के दौरान कोई पायलट स्विचों से छेड़छाड़ करता है? एविएशन एक्सपर्ट मार्क मार्टिन

सारांश

एविएशन एक्सपर्ट मार्क मार्टिन ने एयर इंडिया की फ्लाइट एआई171 की दुर्घटना पर अपनी राय दी है। उन्होंने बताया कि कोई पायलट टेकऑफ के समय स्विचों से छेड़छाड़ नहीं करेगा। यह हादसा गंभीर सवाल उठाता है कि क्या पायलटों के बीच संचार में कमी है। जानिए इस घटना के पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

पायलट का ध्यान टेकऑफ के समय पूरी तरह से उड़ान पर होता है।
दुर्घटना के समय ईंधन नियंत्रण स्विच 'कटऑफ' स्थिति में चले गए।
एक पायलट ने दूसरे से पूछा कि उसने ईंधन बंद क्यों किया।
पायलटों को हमेशा आराम का समय मिलता है।
फ्लाइट में कुल 230 यात्री सवार थे।

नई दिल्ली, 12 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। एविएशन विशेषज्ञ मार्क मार्टिन ने एयर इंडिया की फ्लाइट एआई171 की दुर्घटना पर अपनी टिप्पणी की है। यह बोइंग ड्रीमलाइनर विमान 12 जून को अहमदाबाद से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें एक यात्री को छोड़कर सभी की जान चली गई थी।

एयर इंडिया की फ्लाइट एआई171 के हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पर मार्क मार्टिन ने न्यूज एजेंसी राष्ट्र प्रेस से खास बातचीत में बताया कि कोई भी पायलट इतना बेवकूफ या लापरवाह नहीं होता कि टेकऑफ और लैंडिंग के समय, जब पूरा ध्यान सामने लगे उपकरणों पर होता है, तब कॉकपिट के बीच वाले हिस्से में लगे स्विचों से छेड़छाड़ करे।

एशिया की एविएशन सेफ्टी कंपनी मार्टिन कंसल्टिंग के सीईओ मार्क मार्टिन ने कहा कि उड़ान के दौरान टेकऑफ और लैंडिंग सबसे महत्वपूर्ण समय होते हैं।

उन्होंने बताया कि टेकऑफ के दौरान पायलट का पूरा ध्यान फ्लाइट इंस्ट्रूमेंट्स और विमान को मैन्यूअली उड़ाने पर होता है। आमतौर पर 2000 फीट की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद ऑटोपायलट चालू किया जाता है। इस दौरान पायलट का ध्यान केवल फ्लाइट को नियंत्रित करने पर होता है।

एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, एयर इंडिया फ्लाइट 171 के इंजनों को ईंधन आपूर्ति करने वाले दोनों ईंधन नियंत्रण स्विच एक के बाद एक 'रन' से 'कटऑफ' पोजिशन में चले गए, जिससे दोनों इंजन बंद हो गए।

जांच रिपोर्ट के अनुसार, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में एक पायलट को दूसरे से पूछते हुए सुना गया कि उसने ईंधन बंद क्यों किया, जिसके जवाब में दूसरा पायलट कहता है कि उसने ऐसा नहीं किया।

मार्क मार्टिन ने कहा कि इस रिपोर्ट का सभी 787 ऑपरेटरों पर वैश्विक प्रभाव पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि यह लगभग असंभव है कि कोई भी पायलट, खासकर टेकऑफ के समय, थ्रस्ट लेवल के पीछे लगे स्विचों में दखलंदाजी या छेड़छाड़ करना चाहेगा। अधिकतम, आप कॉकपिट के सामने वाले पैनल में लगे लैंडिंग गियर को ऊपर उठाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे, या फ्लैप्स को ऊपर उठाएंगे।

उन्होंने आगे कहा कि पूरी, व्यापक जांच रिपोर्ट का इंतजार करना आवश्यक है।

बता दें कि विमान के दोनों पायलट के पास उड़ान से पहले पर्याप्त आराम का समय था। को-पायलट उड़ान संचालित कर रहा था, जबकि मुख्य पायलट उड़ान की निगरानी कर रहा था।

फ्लाइट एआई171 का चालक दल हवाई अड्डे पर पहुंचा था और उड़ान से पहले ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट किया गया था, जिसमें वे उड़ान के लिए फिट पाए गए थे। विमान में कुल 230 यात्री सवार थे, जिनमें 15 बिजनेस क्लास में और 215 इकोनॉमी क्लास में थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह पूरे एयरलाइन उद्योग के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि उन्हें अपने सुरक्षा मानदंडों को फिर से परखना होगा।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या पायलट टेकऑफ के दौरान स्विचों से छेड़छाड़ कर सकते हैं?
नहीं, एविएशन एक्सपर्ट मार्क मार्टिन के अनुसार, कोई भी पायलट टेकऑफ के समय स्विचों से छेड़छाड़ नहीं करेगा।
एयर इंडिया फ्लाइट एआई171 का क्या हुआ?
यह फ्लाइट 12 जून को अहमदाबाद से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें एक यात्री को छोड़कर सभी की जान चली गई।
राष्ट्र प्रेस
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