'बेबी डू डाई डू': हुमा कुरैशी ने बताया — बहरी-गूंगी हिटवुमन का किरदार क्यों था अनोखी चुनौती
सारांश
मुख्य बातें
हिंदी क्राइम-थ्रिलर 'बेबी डू डाई डू' शुक्रवार, 4 जुलाई को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई। निर्देशक नचिकेत सामंत की इस फिल्म की लीड कास्ट — अभिनेत्री हुमा कुरैशी, अभिनेता रचित सिंह और मरूधर शेखावत — ने शनिवार को फिल्म की कहानी, अपने किरदारों और उनकी तैयारियों पर खुलकर बात की।
हुमा कुरैशी: डायलॉग छिने, तो आँखें बोलीं
अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने बताया कि उन्होंने इस फिल्म की स्क्रिप्ट करीब चार वर्ष पहले पढ़ी थी और तुरंत हामी भर दी थी। फिल्म में उनके किरदार का नाम बेबी करमरकर है — एक महाराष्ट्रीयन उपनाम, जो निर्देशक नचिकेत सामंत का खुद का विचार था।
यह किरदार दोहरी ज़िंदगी जीती है: बाहर से एक साधारण लड़की, लेकिन असल में एक हिटवुमन, जिसकी बंदूक एक लाल छाते में छिपी रहती है। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि यह किरदार न बोल सकती है, न सुन सकती है।
हुमा ने कहा, 'डायलॉग कहीं न कहीं मेरी ताकत है। इस बार डायरेक्टर ने कहा कि आपकी जो सबसे मजबूत शक्ति है, हम वो आपसे छीन लेते हैं।' इसके लिए उन्होंने बॉडी लैंग्वेज, आँखों की इंटेंसिटी और साइन लैंग्वेज पर गहन काम किया। उन्होंने कहा कि ऐसा किरदार भारतीय सिनेमा में पहले कभी नहीं देखा गया।
रचित सिंह: अंधेरी दुनिया में एकमात्र 'अच्छा इंसान'
अभिनेता रचित सिंह ने बताया कि फिल्म में उनका किरदार सिद्धू एकमात्र ऐसा पात्र है जो पूरी तरह नेक और ईमानदार है। सिद्धू का फिल्म की डार्क दुनिया से कोई सरोकार नहीं — वह अपनी ही धुन में जीता है और अपने आसपास के लोगों व छात्रों की भलाई चाहता है।
रचित के अनुसार, 'बेबी डू डाई डू' में सिद्धू सबसे पवित्र आत्मा वाला किरदार है — जो अपराध और हिंसा से भरी कहानी में एक मानवीय विरोधाभास की तरह उभरता है।
मरूधर शेखावत: बच्चे और मेंटर के बीच उलझा 'मन्नू'
अभिनेता मरूधर शेखावत ने बताया कि उनका किरदार मन्नू मुख्य रूप से एक बच्चे के इर्द-गिर्द घूमता है और बच्चों व लोगों से गहरे रूप से प्रभावित होता है। फिल्म में अभिनेता चंकी पांडे एक मेंटर की भूमिका में हैं, जिनका मन्नू पर जबरदस्त प्रभाव और मैनिपुलेशन है।
मरूधर ने बताया कि मन्नू चंकी पांडे के किरदार की हर बात मानता है और उनसे कभी असहमत नहीं होता। साथ ही, मन्नू का अपने पिता के साथ भी गहरा संघर्ष है — जो किरदार को और जटिल बनाता है।
फिल्म की पृष्ठभूमि और खासियत
'बेबी डू डाई डू' निर्देशक नचिकेत सामंत की एक महत्वाकांक्षी क्राइम-थ्रिलर है, जो अपनी असामान्य किरदार-संरचना और गहरे मनोवैज्ञानिक आयामों के लिए चर्चा में है। एक बहरी-गूंगी हिटवुमन, एक निर्दोष शिक्षक और एक मेंटर के जाल में फँसा युवा — यह तिकड़ी फिल्म की कहानी को परंपरागत बॉलीवुड थ्रिलर से अलग बनाती है।
फिल्म की रिलीज के साथ ही दर्शकों और समीक्षकों की नज़रें इस पर टिकी हैं कि क्या यह अपनी अनूठी अवधारणा को पर्दे पर उतना ही प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर पाती है।