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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कोलंबो से बागेश्वर बाबा की अपील — योग ही असली सुख का मार्ग

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कोलंबो से बागेश्वर बाबा की अपील — योग ही असली सुख का मार्ग

सारांश

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने कोलंबो से दुनिया को संदेश दिया — योग महज व्यायाम नहीं, परमात्मा से जुड़ाव का माध्यम है। भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा के साथ इस भेंट ने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कूटनीति का नया आयाम स्थापित किया।

मुख्य बातें

बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने 21 जून 2026 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कोलंबो, श्रीलंका से विश्व को योग अपनाने का संदेश दिया।
उन्होंने योग को शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का दिव्य साधन बताया।
भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा ने बागेश्वर बाबा का औपचारिक स्वागत किया; भारत-श्रीलंका संबंध और सनातन संस्कृति पर चर्चा हुई।
शास्त्री ने 'वसुधैव कुटुंबकम' का हवाला देते हुए कहा कि विश्व बंधुता की शुरुआत योग से होती है ।
PM नरेंद्र मोदी की पहल पर 2015 से 21 जून को मनाए जाने वाले इस दिवस को उन्होंने विश्व एकता का प्रतीक बताया।

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री (बागेश्वर बाबा) ने 21 जून 2026 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कोलंबो, श्रीलंका से समस्त भारत और विश्व को शुभकामनाएँ देते हुए योग को जीवन से जोड़ने की अपील की। इस विशेष अवसर पर भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा, श्रीलंका सरकार के अधिकारी और स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे।

योग केवल व्यायाम नहीं, ईश्वर से जुड़ाव का माध्यम

धीरेंद्र शास्त्री ने अपने संबोधन में कहा कि योग कोई शारीरिक अभ्यास मात्र नहीं है, बल्कि यह आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का दिव्य साधन है। उन्होंने कहा, 'योग जिंदगी में जुड़ने का विषय है। योग कोई प्रैक्टिस नहीं है। कोई शारीरिक अवस्था नहीं है। योग भगवान से जुड़ने का एक सिस्टम है। जिसके जीवन में योग है, वह कभी अस्वस्थ नहीं रहेगा।' उन्होंने आगे जोड़ा कि योग का अर्थ है जुड़ना — संस्कृतियों का जुड़ाव, मानवता का जुड़ाव और आत्माओं का परमात्मा से जुड़ाव।

वसुधैव कुटुंबकम और विश्व बंधुता

शास्त्री ने सनातन परंपरा का हवाला देते हुए कहा कि हमारे ऋषि-मुनियों ने सदा 'वसुधैव कुटुंबकम' का संदेश दिया है — पूरा विश्व ही हमारा परिवार है। उनके अनुसार, विश्व बंधुता की जो भावना है, उसकी नींव योग में ही है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर योग की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है और संयुक्त राष्ट्र द्वारा मान्यता प्राप्त यह दिवस अब 190 से अधिक देशों में मनाया जाता है।

सुख और स्वास्थ्य का सूत्र

धीरेंद्र शास्त्री ने योग के व्यावहारिक लाभों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 'पहला सुख है बीमारी न होना, दूसरा सुख है घर में खुशी।' उनके अनुसार, यदि जीवन में वास्तविक खुशी चाहिए तो सबसे पहले योग को दिनचर्या में शामिल करना होगा। उन्होंने प्रातःकाल उठकर सूर्य के दर्शन और सूर्य की किरणों से लाभ उठाने की सलाह दी, यह कहते हुए कि जब तन स्वस्थ रहेगा तो मन स्वस्थ होगा और जब मन स्वस्थ होगा तो जीवन स्वयं श्रेष्ठ हो जाएगा।

भारत-श्रीलंका सांस्कृतिक समन्वय

कोलंबो में भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा ने बागेश्वर बाबा का औपचारिक स्वागत एवं सम्मान किया। इस भेंट के दौरान विश्व शांति, भारत-श्रीलंका संबंध, सनातन संस्कृति के वैश्विक प्रसार और मानव कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। यह मुलाकात आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कूटनीति का एक उल्लेखनीय उदाहरण बनी।

PM मोदी की पहल को सराहा

धीरेंद्र शास्त्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को विश्व एकता का प्रतीक बताया। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए प्रार्थना की कि सभी स्वस्थ रहें और भारत माता का झंडा विश्व भर में लहराता रहे। गौरतलब है कि भारत की पहल पर 2015 से प्रतिवर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-श्रीलंका संबंध आर्थिक और रणनीतिक दोनों मोर्चों पर नई गहराई की ओर बढ़ रहे हैं। योग दिवस को राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करना एक सुविचारित कथा है, लेकिन इसकी सफलता तब होगी जब यह संदेश केवल उत्सव तक सीमित न रहे, बल्कि जन-स्वास्थ्य नीति में भी परिवर्तित हो।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बागेश्वर बाबा ने कोलंबो में योग दिवस पर क्या संदेश दिया?
धीरेंद्र शास्त्री ने 21 जून 2026 को कोलंबो से कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का दिव्य साधन है। उन्होंने सभी से योग को दिनचर्या में शामिल करने की अपील की और इसे असली सुख का मार्ग बताया।
कोलंबो में बागेश्वर बाबा के साथ कौन उपस्थित थे?
इस अवसर पर भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा, श्रीलंका सरकार के अधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। उच्चायुक्त झा ने बागेश्वर बाबा का औपचारिक स्वागत एवं सम्मान किया।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया और 2015 से यह प्रतिवर्ष मनाया जाता है। यह दिवस अब 190 से अधिक देशों में आयोजित होता है और विश्व एकता का प्रतीक माना जाता है।
बागेश्वर बाबा के अनुसार योग से क्या लाभ होते हैं?
धीरेंद्र शास्त्री के अनुसार योग से शरीर, मन और जीवन तीनों स्वस्थ होते हैं। उन्होंने कहा कि जब तन अच्छा होगा तो मन अच्छा होगा और मन अच्छा होने पर जीवन स्वयं श्रेष्ठ हो जाता है।
कोलंबो भेंट में भारत-श्रीलंका संबंधों पर क्या चर्चा हुई?
इस भेंट के दौरान विश्व शांति, भारत-श्रीलंका संबंध, सनातन संस्कृति के वैश्विक प्रसार और मानव कल्याण जैसे विषयों पर चर्चा हुई। यह मुलाकात आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कूटनीति का प्रेरणादायक उदाहरण बनी।
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