'बाहुबली 2: द कॉन्क्लूजन' के 9 साल: 100 एकड़ में बना महिष्मती राज्य, ₹60 करोड़ के सेट पर 500 से अधिक लोगों ने किया काम

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'बाहुबली 2: द कॉन्क्लूजन' के 9 साल: 100 एकड़ में बना महिष्मती राज्य, ₹60 करोड़ के सेट पर 500 से अधिक लोगों ने किया काम

सारांश

28 अप्रैल 2017 को रिलीज हुई 'बाहुबली 2: द कॉन्क्लूजन' के नौ साल पूरे हो गए हैं। 100 एकड़ में बना महिष्मती राज्य, ₹60 करोड़ की लागत, 500 से अधिक कारीगर — यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की एक इंजीनियरिंग उपलब्धि थी जिसकी विरासत आज भी जीवित है।

Key Takeaways

  • 'बाहुबली 2: द कॉन्क्लूजन' को रिलीज हुए 28 अप्रैल 2025 को 9 साल पूरे हो गए।
  • महिष्मती राज्य का सेट हैदराबाद की रामोजी फिल्म सिटी में 100 एकड़ में बना था, जिसकी लागत ₹60 करोड़ थी।
  • सेट निर्माण में 500 से अधिक लोगों ने कई महीनों तक काम किया; कला निर्देशक साबू सिरिल ने नेतृत्व किया।
  • दूसरे भाग की 30 फीसदी शूटिंग पहले भाग की शूटिंग के दौरान ही पूरी कर ली गई थी।
  • यह भारत की पहली फिल्म थी जिसका पेड प्रीव्यू आयोजित हुआ।
  • नक्सली हमलों की आशंका के कारण छत्तीसगढ़ के हांदावाड़ा वॉटरफॉल की जगह केरल में शूटिंग की गई।

एस.एस. राजामौली की महाकाव्य फिल्म 'बाहुबली 2: द कॉन्क्लूजन' को रिलीज हुए आज 28 अप्रैल 2025 को पूरे नौ साल हो गए हैं। 28 अप्रैल 2017 को रिलीज हुई इस फिल्म ने हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा दोनों को एक नई ऊँचाई पर पहुँचाया था। नौ साल बाद भी इस फिल्म के निर्माण से जुड़े कई अनोखे तथ्य बेहद कम लोगों को पता हैं।

महिष्मती राज्य का भव्य निर्माण

फिल्म में दिखाया गया महिष्मती राज्य कोई कंप्यूटर-जनित कल्पना मात्र नहीं था — इसे वास्तव में हैदराबाद स्थित रामोजी फिल्म सिटी में 100 एकड़ ज़मीन पर भौतिक रूप से खड़ा किया गया था। इस विशाल सेट के निर्माण में लगभग ₹60 करोड़ की लागत आई और 500 से अधिक कारीगरों, कलाकारों और तकनीशियनों की टीम ने कई महीनों तक अथक परिश्रम किया।

सेट का निर्माण प्रसिद्ध कला निर्देशक साबू सिरिल की अगुवाई में हुआ, जो इससे पहले कालापानी, अशोक, ओम शांति ओम और रोबोट जैसी बड़ी फिल्मों में अपनी कला का लोहा मनवा चुके हैं। गौरतलब है कि यह सेट आज भी रामोजी फिल्म सिटी में दर्शकों के लिए सुरक्षित रखा गया है।

शूटिंग की अनोखी रणनीति

बहुत कम लोग यह जानते हैं कि 'बाहुबली 2: द कॉन्क्लूजन' की 30 फीसदी शूटिंग पहले भाग की शूटिंग के दौरान ही पूरी कर ली गई थी। बाद में शेष फिल्म की शूटिंग पूरी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न की गई। यह रणनीति फिल्म निर्माण के लिहाज़ से उस समय के भारतीय सिनेमा में एक असाधारण कदम था।

यह भी उल्लेखनीय है कि 'बाहुबली 2: द कॉन्क्लूजन' भारत की पहली फिल्म थी जिसका पेड प्रीव्यू आयोजित किया गया था — एक परंपरा जो आज हिंदी सिनेमा में आम हो चुकी है।

प्राकृतिक लोकेशन और नक्सली खतरा

फिल्म के कई महत्वपूर्ण दृश्यों की शूटिंग केरल के कन्नवम वन, अथिरप्पिल्ली जलप्रपात और ओरवाकल रॉक गार्डन में की गई थी। प्रतिष्ठित झरने वाले दृश्यों की शूटिंग अथिरप्पिल्ली जलप्रपात के नीचे हुई थी।

राजामौली ने दूसरे भाग के लिए छत्तीसगढ़ के हांदावाड़ा वॉटरफॉल को शूटिंग स्थल के रूप में चुना था, लेकिन नक्सली हमलों की आशंका के चलते उन्होंने यह निर्णय बदलकर केरल में ही शूटिंग जारी रखी।

बाहुबली म्यूजियम और विरासत

फिल्म की विरासत को जीवित रखने के लिए रामोजी फिल्म सिटी में एक समर्पित 'बाहुबली म्यूजियम' भी स्थापित किया गया है। इस म्यूजियम में दोनों फिल्मों में इस्तेमाल हुए हथियार, कवच, विशाल रथ और भव्य सेट के टुकड़े आज भी उसी रूप में संरक्षित हैं। यहाँ जाने वाले दर्शक महिष्मती राज्य के उस दौर को साक्षात महसूस कर सकते हैं।

बॉक्स ऑफिस पर उपलब्धि

रिलीज के बाद 'बाहुबली 2: द कॉन्क्लूजन' ने भारत की दूसरी सबसे बड़ी कमाई करने वाली फिल्म का खिताब हासिल किया, हालाँकि वह 'दंगल' का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाई। नौ साल बाद भी यह फिल्म भारतीय सिनेमा में तकनीकी और कलात्मक उत्कृष्टता की एक मिसाल बनी हुई है, और आने वाली पीढ़ियों के फिल्मकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

Point of View

राजामौली ने 100 एकड़ का भौतिक सेट खड़ा किया — यह दृष्टि और साहस दोनों का प्रमाण है। लेकिन असली सवाल यह है कि नौ साल बाद भारतीय सिनेमा ने इस विरासत से कितना सीखा — बड़े बजट की फिल्में बनती हैं, पर 'बाहुबली' जैसा वैश्विक सांस्कृतिक प्रभाव अभी भी दोहराया नहीं जा सका।
NationPress
28/04/2026

Frequently Asked Questions

'बाहुबली 2: द कॉन्क्लूजन' का महिष्मती राज्य सेट कहाँ बनाया गया था?
महिष्मती राज्य का सेट हैदराबाद स्थित रामोजी फिल्म सिटी में 100 एकड़ ज़मीन पर बनाया गया था। इसकी निर्माण लागत लगभग ₹60 करोड़ थी और 500 से अधिक लोगों ने कई महीनों तक काम किया।
'बाहुबली 2' की शूटिंग किन-किन जगहों पर हुई थी?
फिल्म की शूटिंग मुख्यतः हैदराबाद की रामोजी फिल्म सिटी में हुई, साथ ही केरल के कन्नवम वन, अथिरप्पिल्ली जलप्रपात और ओरवाकल रॉक गार्डन में भी शूटिंग की गई। छत्तीसगढ़ के हांदावाड़ा वॉटरफॉल पर नक्सली खतरे के कारण शूटिंग नहीं हो पाई।
'बाहुबली 2: द कॉन्क्लूजन' पहली पेड प्रीव्यू वाली भारतीय फिल्म कैसे बनी?
'बाहुबली 2: द कॉन्क्लूजन' भारत की पहली फिल्म थी जिसका पेड प्रीव्यू आयोजित किया गया था, जो अब हिंदी सिनेमा में एक आम परंपरा बन चुकी है। इस कदम ने फिल्म वितरण की रणनीति को नया आयाम दिया।
'बाहुबली 2' का सेट किसने डिज़ाइन किया था?
फिल्म के सेट का निर्माण प्रसिद्ध कला निर्देशक साबू सिरिल ने अपनी टीम के साथ किया था। वे इससे पहले कालापानी, अशोक, ओम शांति ओम और रोबोट जैसी बड़ी फिल्मों में काम कर चुके हैं।
क्या 'बाहुबली' का कोई म्यूजियम है जिसे आम दर्शक देख सकते हैं?
हाँ, रामोजी फिल्म सिटी, हैदराबाद में एक समर्पित 'बाहुबली म्यूजियम' है जहाँ दोनों फिल्मों में इस्तेमाल हुए हथियार, कवच, विशाल रथ और भव्य सेट के टुकड़े आज भी संरक्षित हैं।
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