बंगाल की जनता राष्ट्रपति मुर्मु के अपमान का बदला ममता बनर्जी से लेने की तैयारी: दानिश आजाद अंसारी
सारांश
Key Takeaways
- बंगाल की जनता राष्ट्रपति का अपमान सहन नहीं करेगी।
- ममता बनर्जी का व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
- नीतीश कुमार एक सम्मानित नेता हैं।
- भारत ने लगातार दूसरी बार टी-20 विश्व कप जीता।
- क्रिकेट में भारत का मान बढ़ा है।
लखनऊ, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु पर दिए गए विवादास्पद बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। अंसारी ने कहा कि बंगाल की जनता अपने राष्ट्रपति के अपमान का बदला अवश्य लेगी।
लखनऊ में एक बातचीत के दौरान, दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की राज्य सरकार का तानाशाही रवैया बहुत ही दुखद है। राष्ट्रपति के प्रति टीएमसी सरकार का जो व्यवहार है, वह किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है। सीएम ममता का यह व्यवहार यह दर्शाता है कि उन्हें लोकतंत्र और संविधान की कोई परवाह नहीं है। राष्ट्रपति मुर्मु का अपमान कर उन्होंने देशवासियों को दुखी किया है। ममता सरकार को खेद व्यक्त करना चाहिए।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संदर्भ में समाजवादी पार्टी द्वारा दिए गए बयान पर दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि सपा को पहले अपनी स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। जिस राज्य में वे सक्रिय हैं, वहां वे स्वयं संकट में हैं। नीतीश कुमार एक सम्मानित नेता हैं और उन्होंने हमेशा जनता के विकास के लिए कार्य किया है।
टी-20 विश्व कप का फाइनल भारत ने जीत लिया है। भारत ने न्यूजीलैंड के सामने 256 रन का लक्ष्य रखा था, लेकिन न्यूजीलैंड की टीम 19 ओवर में 159 रन बनाकर आउट हो गई। इस प्रकार भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर लगातार दूसरी बार टी-20 विश्व कप जीतने का गौरव हासिल किया।
इस जीत पर दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि यह पूरे देश और भारतीयों के लिए गौरव का क्षण है। हमारी टीम ने जो शानदार प्रदर्शन किया है, उसने हमारे देश का मान बढ़ाया है और खेल प्रेमियों का उत्साह भी बढ़ाया है। भारत के लोगों की दुआएं हमारे खिलाड़ियों के साथ थीं। इस जीत से भारत का मान-सम्मान बढ़ा है। क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह देखने को मिला है। हम अपने खिलाड़ियों को बधाई देते हैं। हर क्षेत्र में हमारा भारत आगे रहेगा।